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रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद दांतों के दर्द से आराम पाने के 10 आसान तरीके
यह ट्रीटमेंट काफी हद तक सफल है लेकिन कुछ लोगों ने इस ट्रीटमेंट के बाद भी दांत में दर्द होने की शिकायत की है।
दांतों में सडन होना एक आम समस्या है लेकिन जब यह सडन काफी बढ़ जाती है तो दांतों में तेज दर्द और कई तरह की तकलीफें होने लगती हैं। कई बार ये समस्या इतनी बढ़ जाती है कि उसका प्रभाव मसूड़ों पर भी पड़ने लगता है।
ऐसी स्थिति में पहले दांतों को ऑपरेशन की मदद से निकाल दिया जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है अब रूट कैनाल ट्रीटमेंट (Root canal treatment) से दांतों को ठीक किया जाता है।
आज के समय में दांतों के इलाज में यह तकनीक काफी प्रचलित हो रही है। इसमें पहले दांतों को अच्छी तरह साफ़ किया जाता है और फिर संक्रमित हिस्से को निकाल कर वहां पर रबर जैसे मटेरियल गटापार्चा (gutta-percha) से फिलिंग कर दी जाती है और कैप लगा दिया जाता है।
हालांकि यह ट्रीटमेंट काफी हद तक सफल है लेकिन कुछ लोगों ने इस ट्रीटमेंट के बाद भी दांत में दर्द होने की शिकायत की है। सबसे अच्छी बात यह है कि कुछ उपायों को अपनाकर और कुछ ख़ास तरह के परहेज करके आप रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद होने वाले दर्द से छुटकारा पा सकते हैं।

1- एंटीबायोटिक का सेवन :
दांत से जुड़े किसी भी इलाज में डॉक्टर खासतौर पर एंटीबायोटिक दवाइयां मरीजो को देते हैं। ऐसे में आप उन दवाइयों को खाने में लापरवाही न बरतें, खासतौर पर तब जब आपने रूट कैनाल ट्रीटमेंट करवाया हो तो ऐसे में आपके दांत बहुत संवेदनशील हो जाते हैं। इस हालात में कभी भी खुद से कोई इलाज करने की कोशिश न करें बल्कि जितना डॉक्टर ने बताया है उसे ही फॉलो करें।

2- एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाइयों का सेवन:
पेरिडोंटल फाइबर उतकों का वह समूह होता है जो दांतों को ऐल्वीअलर बोन से जोड़ता है। इस ट्रीटमेंट के बाद इन ऊतकों के समूह से छेडछाड हो जाती है जिससे ये बुरी तरह प्रभावित हो जाते हैं। ऐसे स्थिति में एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाइयां ही आराम पहुंचाती हैं। इसलिए डेंटिस्ट ने आपको जो एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाइयां दी हैं उनके सेवन में किसी तरह की लापरवाही न बरतें।

3- समय के साथ ठीक होने दें :
रूट कैनाल ट्रीटमेंट कराने के बाद इसे पूरी तरह ठीक होने में थोडा वक़्त लगता है। इस ट्रीटमेंट में आपकी नसों के साथ भी छेडछाड की जाती है जिससे उन नसों को फिर से ठीक होने में टाइम लगता है। ऐसी स्थिति में दर्द होने पर घबराएं नहीं और धैर्य बनाएं रखें। कुछ हफ़्तों बाद आपके दांत पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।

4- सॉफ्ट फ़ूड आइटम खाएं:
इस ट्रीटमेंट के बाद कुरकुरी या कठोर चीज बिल्कुल भी न खाएं क्योंकि ऑपरेशन के बाद दांत काफी नाजुक स्थिति में होते हैं। ऐसे हालत में कठोर चीज खाने से दर्द और बढ़ सकता है इसलिए खाते समय दूसरे साइड के दांतों से खाना चबाएं और धीरे धीरे खाएं। खाने में लिक्विड चीजों का ज्यादा प्रयोग करें।

5- कैप या क्राउन लगवाएं:
ट्रीटमेंट के बाद दांतों को खराब होने से बचाना सबसे ज़रूरी होता है। इसलिए दांत को दोबारा टूटने या खराब होने से बचाने के लिए उस पर कैप या क्राउन लगाना बहुत ज़रूरी होता है। इससे दांतों को मजबूती मिलती है और उनमें दर्द भी नहीं होता है। कैप लगवाने के लिए पहले अपने डेंटिस्ट से सुझाव ज़रूर लें।

6- आइस पैक:
दांतों में होने वाली सनसनी से राहत दिलाने के लिए आप आइस पैक का प्रयोग कर सकते हैं। जब भी दर्द हो तो आइस पैक का इस्तेमाल करें। इससे दर्द से तुरंत राहत मिलता है।

7- नमक वाला पानी:
रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद अगर दांतों में दर्द हो रहा है तो आप नमक के पानी से गरारा करें। जब मुंह में नमक वाला पानी लें तो उसे कुछ देर मुंह में ही रखें जिससे दर्द वाले हिस्से में आराम मिले। नमक के पानी में इंफ्लेमेटरी क्षमताएं होती हैं जिससे ये सूजन और दर्द से तुरंत आराम दिलाती हैं।

8- हाइड्रोजन पेरोक्साइड :
नमक के पानी की ही तरह हाइड्रोजन पेरोक्साइड में भी एंटी-बैक्टीरियल क्षमताएं होती हैं। हाइड्रोजन पेरोक्साइड से कुल्ला करने से पूरे मुंह की ठीक से सफाई भी हो जाती है और दांतों में होने वाले दर्द से आराम मिलता है।

9- प्याज और लहसुन का जूस :
प्याज और लहसुन में भी एंटी इंफ्लेमेटरी क्षमताएं होती हैं और ये दोनों चीजें हर घर में आसानी से मौजूद रहती हैं। दर्द होने पर प्याज और लहसुन का रस निकालें और उस जूस से गार्गल करें। इसका स्वाद काफी कड़वा होता है लेकिन इससे बहुत जल्दी आराम मिलता है।

10- लौंग:
लौंग में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी क्षमताएं दांतों के लिए कई तरह से फायदेमंद हैं। अगर दांतों में दर्द हो रहा हो तो एक लौंग लें और उसे चुइंगम की तरह चबाएं। इसे चबाने से दांतों का दर्द कुछ ही देर में खत्म हो जाता है।



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