Ahmedabad Plane Crash: अंगारक योग होता है ऐसे हादसों की वजह, जानें क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र

Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद में हुए भयानक प्लेन क्रैश में सैकड़ों लोगों की जान चली गई। इस हादसे ने न सिर्फ तकनीकी विफलताओं की पोल खोल दी, बल्कि ज्योतिषीय भविष्यवाणियों और चेतावनियों पर भी मोहर लगा दी है। ज्योतिषाचार्य दीपक दूबे ने बताया कि जब भी मंगल और केतु की युति होती है तो अंगारक योग बनता है। इसका मतलब होता है अग्नि, जैसे आग लगना, विस्फोट होना, बिजली गिरना जैसी घटनाओं की प्रबल संभावना होती है। आइए जानते हैं कि दीपक दूबे ने इस हादसे के बारे में क्या बताया।

क्या होता है अंगारक योग?

सबसे पहले तो ये जान लेते कि अंगारक योग क्या होता है? पंडित दीपक दूबे ने बताया कि मंगल और केतू की युति से अंगारक योग बनता है। इस योग की वजह से आग लगने, भयंकर विमान हादसे होने, बिजली गिरने जैसी दुर्घटनाओं के चांस बढ़ जाते हैं। अंगारक शब्द से ही स्पष्ट है कि कि इसका अर्थ आग होता है। आज जो विमान हादसा हुआ है उसमें भी विमान में भीषण आग लगी जिसमें कई लोगों की जान चली गई। बता दें कि प्लेन में कुल 242 लोगों के होने की अभी तक पुष्टि हुई है। हालांकि अभी तक मरने वाले लोगों की पुष्टि नहीं हुई है।

Ahmedabad Plane Crash

सिंह राशि में अंगारक योग होता है विनाशकारी

दीपक दूबे ने बताया कि अंगारक योग सिंह राशि में हो तो वो बहुत ही खतरनाक होता है। अंगारक योग अभी सिंह राशि में है और मंगल केतू के नक्षत्र में है और केतु के साथ है। वहीं मंगल और शनि के बीच में भी खड़ाष्टक योग है तो ऐसे में ये स्थिति बहुत ही भयानक होती है। वहीं सिंह भी सूरज की राशि होती है और मंगल भी आग का कारक होता है। हर तरह से सभी योग बहुत ही विनाशकारी हैं जिस वजह से ये हादसा हुआ है।

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कब से लगा है अंगारक योग

पंडित जी ने बताया कि अंगारक योग 7 जून 2025 से चल रहा है। इसका मतलब है कि एक हफ्ते पहले ही इस बात का अंदाजा लग गया था कि कोई बड़ा हादसा होने वाला है। अंगारक योग के अंतर्गत तेज विस्फोट होने की संभावना होती है। आचार्य ने बताया कि जब भी अंगारक योग बनता है तो इस तरह के हादसे होने की संभावना होती है। अगर अंगारक योग सिंह राशि में हो तोभीषण हादसे होने तय हैं। दीपक दूबे ने बताया कि अभी अंगारक योग 28 जुलाई तक रहने वाला है ऐसे में आगे भी सावधान रहे की जरूरत है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

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