Mangal Gochar 2026: अपनी ही राशि में मंगल का गोचर; इन 4 राशि वालों पर मंडरा रहा है दुर्घटना' का साया

Mangal Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति और अग्नि तत्व के प्रतीक मंगल देव का अपनी ही राशि मेष में प्रवेश एक बड़ी ज्योतिषीय घटना माना जा रहा है। मंगल जब स्वराशि में होते हैं, तो वे अत्यंत बलवान और प्रभावशाली हो जाते हैं। जहां एक ओर यह गोचर साहस और पराक्रम में वृद्धि करेगा, वहीं दूसरी ओर मंगल की उग्रता कुछ राशियों के लिए मानसिक तनाव और शारीरिक चोट का कारण भी बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, मंगल का यह गोचर 2026 में वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल और प्राकृतिक आपदाओं के संकेत दे रहा है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि किन राशियों को इस समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

ग्रहों के सेनापति का मेष में आगमन का क्या होगा प्रभाव?

मंगल को ऊर्जा, साहस, भूमि और रक्त का कारक माना जाता है। जब मंगल अपनी मूल त्रिकोण राशि मेष में गोचर करते हैं, तो व्यक्ति के भीतर उत्साह और आत्मविश्वास तो बढ़ता है, लेकिन इसके साथ ही क्रोध और जल्दबाजी भी बढ़ जाती है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दौरान वैश्विक स्तर पर सीमा पर तनाव, राजनीतिक अस्थिरता और अग्नि कांड जैसी दुर्घटनाओं की आशंका प्रबल हो जाती है।

मंगल का गोचर: इन 4 राशि वालों पर मंडरा रहा है दुर्घटना का साया

मंगल की चतुर्थ, सप्तम और अष्टम दृष्टि कुछ विशेष राशियों के लिए प्रतिकूल परिस्थितियां पैदा कर सकती है। नीचे दी गई राशियों को इस गोचर के दौरान वाहन चलाने और विवादों से बचने की सलाह दी जाती है:

कर्क राशि (Cancer): मंगल की दृष्टि आपके सुख और कार्यक्षेत्र को प्रभावित कर सकती है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ बहस से बचें।

तुला राशि (Libra): साझेदारी और वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ सकता है। आवेश में आकर लिया गया फैसला कानूनी विवाद या किसी बड़ी मुसीबत का कारण बन सकता है।

मकर राशि (Capricorn): पारिवारिक कलह और संपत्ति से जुड़े विवाद सामने आ सकते हैं। शारीरिक चोट लगने की संभावना है, इसलिए मशीनों और आग से जुड़े कार्यों में सतर्क रहें।

मीन राशि (Pisces): वाणी में कठोरता आ सकती है जिससे बने बनाए काम बिगड़ सकते हैं। अचानक होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं या छोटी दुर्घटनाओं के प्रति सावधान रहना होगा।

मंगल के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय (Mangal Remedies)

यदि आपकी राशि ऊपर दी गई सूची में है या आपकी कुंडली में मंगल भारी है, तो निम्नलिखित उपाय आपको राहत दे सकते हैं:

हनुमान जी की उपासना: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और मंगलवार को बजरंग बाण का पाठ करना लाभकारी होगा।

दान कार्य: मंगलवार के दिन मसूर की दाल, लाल कपड़ा या तांबे के बर्तन का दान करें।

तिलक का प्रयोग: मस्तक पर लाल चंदन या सिंदूर का तिलक लगाएं, इससे मंगल की नकारात्मक ऊर्जा शांत होती है।

खान-पान: घर से निकलते समय थोड़ा शहद खाकर निकलें, यह आपके स्वभाव में मधुरता और ऊर्जा को संतुलित रखेगा।

क्रोध पर नियंत्रण: इस दौरान 'जल्दबाजी' और 'आवेश' से बचें। कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले दो बार सोचें।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। Boldsky Hindi इसकी सत्यता या सटीकता की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी ज्योतिषीय सलाह या उपाय को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

Story first published: Monday, May 11, 2026, 13:00 [IST]
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