क्या है 13 ब्लैक फ्राइडे? इस दिन को लेकर क्यों दहशत में है लोग, जानिए इसका इतिहास

By Salman khan

ब्लैक फ्राईडे और 13 फ्राइडे के नाम से लोगों को डर का बुखार हो जाता है माना जाता है कि आज का दिन बहुत ही बुरा और अशुभ होता है। आखिर इसके पीछे क्या बातें हो जो लोगों के दिलों में डर को फैला रही है।

आखिर क्यों इसे ब्लैक फ्राइडे के नाम से जाना जाता है। कई लोगों का मानना है कि ये सिर्फ एक अंधविश्वास है और कुछ लोग इसको बिल्कुल भी नहीं मानते है। अब सवाल ये पैदा होता है कि आखिर क्यों इस दिन को लेकर इतनी मान्यताएं है।

कोई तो ऐसा राज होगा जो इस दिन तो डर और दहशत के दिन से जोड़ता है। पता करने पर आपको ये जानकारी होगी कि इस दिन एक नहीं बल्कि कई घटनाएं ऐसी हुई हैं जो इस दिन को काला शुक्रवार बनाती है। इसको जानने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर। आइए जानते है कि आखिर 13 फ्राइडे क्यों बन गया काला शुक्रवार............

कैथोलिक राजा को क्रूज पर चढाने का हुक्म

कैथोलिक राजा को क्रूज पर चढाने का हुक्म

इस दिन के शुरुआत होती है 13 अक्टूबर, 1307 से जिसके आधार पर हमेशा से शुक्रवार की तारीख को अशुभ माना जाने लगा था।

यह इस दिन था कि रोमन कैथोलिक चर्च के पोप, फ्रांस के राजा के साथ मिलकर, एक मठवासी सैन्य आदेश को सजा सुनाते है जिसे नाइट्स टेम्प्लर के रूप में जाना जाता था और उनके नेता ने यातना देने के साथ ही क्रूस पर चढ़ने का आदेश दिया

ईसा मसीह को क्रूज पर चढ़ाया गया था

ईसा मसीह को क्रूज पर चढ़ाया गया था

इस दिन को अशुभ माने जाने के पीछे एक और कारण है क्योंकि इस दिन बाइबिल में वो दर्दनाक घटना दर्ज है जो प्रभु ईशु के समर्थको के दिलों को झकझोरने के लिए काफ है। दरअसल इसी दिन प्रभु ईशु के दुश्मनों ने मिलकर उनको क्रूज पर चढ़ाया था और कई यातनाएं भी दी थी।

हैंगमैन डे भी कहा जाता है

हैंगमैन डे भी कहा जाता है

शुक्रवार को काला दिन कहा जाने के पीछे एक बहुत बड़ा कारण है। दरअसल इस दिन कई ऐसी घटनाएं हुई है जो मानव जीवन के इतिहास में भुलाई नहीं जा सकती है।

इस दिन का इतिहास कई आपराधिक घटनाओं से भी जुड़ा रहा है। इस दिन इसको काला शुक्रवार कहा जाता है।

एक बुराई का नाम था 13

एक बुराई का नाम था 13

स्कैंडिनेवियास एक दार्शनिक है जो कि मानते है कि पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन के पीछे की कहानी बहुत भयानक है। क्योंकि दुनिया की शुरुआत हुई तब एक राक्षक का नाम 13 था।

वो समस्त मानव जाति केल लिए खतरा बना हुआ था। इसलिए तभी से इसको काला दिन ये बुराई के दिन से जानते है।

विश्वासघाती यहूदी

विश्वासघाती यहूदी

इस दिन को लेकर जो सबसे बड़ी बात है वो ये है कि इसाइयों के द्वारा इस दिन को काला शुक्रवार के रुप इसलिए भी मनाया जाता है क्योंकि प्रभु ईशु के समय में कुछ मेहमान आए थे जिनकी संख्या 13 थी।

ऐसी मान्यता है कि वो लोग विश्वासघाती थे और इन्ही लोगों की वजह से प्रभु ईशु के साथ इतनी बड़ी घटना हुई थी।

पुजारियों के लिए है ये दिन

पुजारियों के लिए है ये दिन

कई लोगों का ये मानना है कि मूसा के समय में लोग कई तरह के भगवानों की पूजा किया करते थे।

वो कई ऐसे लोग थे जो खुद को पुजारी बताकर किसी भी चीज की पूजा किया करते थे। मान्यता है इस दिन क्रोधित होकर भगवान के द्वारा उनका नाश कर दिया गया था।

13वीं से जोड़ते है हिंदू

13वीं से जोड़ते है हिंदू

हिंदू घर्म के अनुसार ये मान्यता है कि इस दिन तेरह लोग एक साथ नहीं होने चाहिए।

ऐसी मान्यता इसलिए है क्योंकि किसी के मरने के बाद लोगों की तेंहरवी भी की जाती है यही कारण है कि हिंदू घर्म में इस तारीख को अशुभ माना जाता है। इस दिन को लेकर कई लोगों के अपने अपने मत है।

लड़के पर बिजली गिरी

लड़के पर बिजली गिरी

2010 में, 13 बजकर 13 मिनट में एक13 वर्षीय लड़के पर बिजली गिर गई। निश्चित रूप से उसके लिए अशुभ था। इस दिन का ये भी कारण माना जाने लगा कि आखिर सबकुछ 13 के साथ ही क्यों हुआ। हालांकि ये एक आश्चर्य में डाल देने वाली घटना थी।

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