रास्ते में अर्थी दिखना शुभ होता है या अशुभ? जानें शवयात्रा दिखने पर क्या करना चाहिए

Arthi Dikhna Shubh Ya Ashubh: जिंदगी बड़ी दिलचस्प है कभी हंसाती है, कभी रुलाती है और कभी-कभी अचानक किसी ऐसे दृश्य से सामना करवा देती है, जिसे देखकर मन कुछ पल के लिए थम जाता है। जैसे चलते रास्ते में अचानक किसी शव यात्रा का दिख जाना। कई बार आपके साथ भी ये वाक्या हुआ होगा जब अचानक से किसी काम के लिए जाते वक्त अर्थी दिख गई होगी। ऐसे में मन में सवाल आता है कि ये क्या हो गया?

बहुत से लोग इसे अशुभ समझते हैं, कुछ लोग नजरें फेर लेते हैं, और कई तो मन ही मन घबरा भी जाते हैं। लेकिन हमारे शकुन शास्त्र और धर्म शास्त्र कहते हैं कि यह दृश्य डराने नहीं, बल्कि जगाने आता है। अगर आपके मन में भी ये सवाल है तो आइए जान लेते हैं कि रास्ते में अर्थी का दिखना शुभ होता है या अशुभ होता है।

अर्थी दिखना शुभ है या अशुभ

अक्सर कहीं जाते हुए रास्ते में अर्थी दिख जाए तो मन में सवाल उठता है कि क्या कोई अपशकुन हो गया है। जी नहीं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, बल्कि अर्थी का दिखना शकुन शास्त्र में शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जब कहीं जाते हुए अर्थी दिख जाए तो समझो की आपको कार्य में सफलता मिलेगी। अब आगे से कभी आपके साथ ऐसा हो तो न घबराएं और न विचलित हों बल्कि इस बात से प्रसन्न हों कि आपको सफलता मिलने वाली है।

शव दिखने के 3 संकेत हैं

1. परिवर्तन का आगमन

शरीर की नश्वरता का बोध मनुष्य को अपनी गलतियों को सुधारने, अपने कर्म को शुद्ध करने और जीवन को नई दिशा देने की प्रेरणा देता है।

2. आत्मज्ञान का जागरण

अचानक शव यात्रा दिखना कई बार ब्रह्मांड का दिया हुआ वह संदेश माना जाता है जो हमें भीतर से झकझोर देता है। यह क्षण आत्मजागरण का अवसर है जहां इंसान अपने भीतर की आवाज सुनता है और जीवन के उद्देश्य को समझने की कोशिश करता है।

3. शनि व पितृलोक का शुभ संकेत

शास्त्रों में यह भी उल्लेख मिलता है कि शांत मन से शवयात्रा का दर्शन करना शनि की कृपा और पितरों का आशीर्वाद लाने वाला माना गया है। विशेष रूप से तब जब व्यक्ति उस समय ईश्वर का स्मरण करता है। ये इस बात का भी संकेत है कि जीवन क्षणभंगुर है।

शव यात्रा दिखने पर क्या करें?

ज्योतिष और धर्मशास्त्र निम्नलिखित आचरण को शुभ मानते हैं-

1. सम्मानपूर्वक प्रणाम करें

शव यात्रा को देखकर सिर झुकाकर प्रणाम करना चाहिए। यह करुणा और सम्मान की भावना का प्रतीक है। आप अर्थी को देख राम नाम सत्य का मन ही मन मनन करें।

2. मन ही मन शुभ इच्छा करें

मान्यता है कि इस समय मांगी गई इच्छाएं प्रबल होती हैं और जल्दी पूर्ण हो सकती हैं, क्योंकि यह क्षण आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर माना गया है।

3. मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें

क्षणभर मौन रहें और ईश्वर से प्रार्थना करें-हे ईश्वर, इस व्यक्ति की आत्मा को शांति प्रदान करें। यदि मन विचलित हो तो ओउम नम शिवाय का जप करें।

4. अपने जीवन का संकल्प नवीनीकृत करें

यह समय आपको याद दिलाता है कि जीवन अनमोल है।अपने भीतर संकल्प लें कि आप अपने जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाएंगे।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

Story first published: Saturday, April 4, 2026, 17:10 [IST]
Desktop Bottom Promotion