शन‍ि के प्रकोप को करना है शांत, तो चंदन का करें ऐसे इस्‍तेमाल

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार नौ ग्रहों में से शनि सबसे प्रभावशाली और बलवान ग्रह होता है। शनि को न्याय का देवता कहा जाता है क्योंकि वे व्यक्ति को उसके अच्छे बुरे कर्मों का फल देते हैं। यदि आपका शनि कमजोर है तो आपका जीवन नर्क बन सकता है। कई प्रयासों के बाद भी आपको सफलता नहीं मिलेगी और आपके छोटे से छोटे काम में भी बाधा आएगी। शनि की शुभ स्थिति आपका जीवन खुशहाल बना सकती है। शनि देव की कृपा से कम प्रयास में भी आपको बड़ी सफलता मिल सकती है।

अगर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति ठीक नहीं है और आप उनके दुष्प्रभावों से बचना चाहते हैं तो यहां हम आपको आसान ज्योतिषीय उपाय बताएंगे। जी हां चंदन के प्रयोग से आप शनि देव को प्रसन्न कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं कैसे चंदन से शनि के अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है।

लाल, पीला और सफेद चंदन

लाल, पीला और सफेद चंदन

चंदन कई प्रकार के होते हैं जैसे लाल चंदन, पीला चंदन और सफेद चंदन। इनका इस्तेमाल भी अलग अलग तरीकों से ही किया जाता है। हम पूजा के लिए भी चंदन का इस्तेमाल करते हैं और यह सुंदरता को बढ़ाने के भी काम आता है। हालांकि चंदन के औषधीय गुणों के अलावा इसके ज्योतिषीय गुण भी होते हैं।

चंदन की जड़

चंदन की जड़

यदि आप शनि की ढैया या साढ़ेसाती से पीड़ित है तो आप पूरे 40 दिनों तक अपने नहाने के पानी में चंदन की जड़ डालकर स्नान करें। इससे आपको काफी राहत मिलेगी।

शनिवार को लगाएं लाल चंदन का तिलक

शनिवार को लगाएं लाल चंदन का तिलक

आप हर शनिवार को लाल चंदन का तिलक लगाएं। आप चाहें तो शनि देव को लाल चंदन भी अर्पित कर सकते हैं। इससे शनि देव शांत हो सकते हैं और उनकी अशुभता भी दूर होगी।

चंदन की माला से करें जाप

चंदन की माला से करें जाप

शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए आप आप प्रत्येक शनिवार को सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के सामने सरसों तेल का दिया जलाएं और चंदन की माला लेकर शनि देव के मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जप करें। आप हर अमावस्या के दिन भी सूरज डूबने के बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

इन उपायों से भी होगा लाभ

इन उपायों से भी होगा लाभ

हर शनिवार को उपवास करें और सूरज ढलने के बाद के बजरंगबली की पूजा करें। उन्हें पीला सिंदूर और नीले रंग का फूल चढ़ाएं। इसके अलावा सरसों तेल का दीपक भी जलाएं।

काली गया और कुत्ते को रोटी खिलाएं। इससे भी शनि देव प्रसन्न होते हैं।

काली चीटियों को आटा डालें।

आप कम से कम 19 शनिवार व्रत रखें और व्रत में केले का सेवन करें।

शनिवार के दिन दान करना भी शुभ होता है। आप जरूरत कंबल, जूता, चप्पल, लोहा, काले कपड़े और जटा नारियल का दान करें।

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