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लाल किताब के इन अचूक उपायों से दूर करें मंगल दोष
किसी व्यक्ति के ग्रह नक्षत्रों की स्थिति यदि ठीक नहीं होती है तो उसका सीधा असर मनुष्य के जीवन पर पड़ता है। मगर हर समस्या का समाधान भी वहीं से मिलता है। कई लोग मंगल दोष से प्रभावित रहते हैं। विवाह के लिए मांगलिक दोष होना अच्छा नहीं माना जाता है।
जब किसी व्यक्ति की कुंडली में प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में मंगल होता है तब मांगलिक दोष लगता है। लाल किताब के मुताबिक मंगल दो प्रकार के होते हैं एक मंगलबद और दूसरा मंगलनेक। मंगलबद अर्थात बुरा मंगल और मंगलनेक मतलब अच्छा मंगल। नाम से ही साफ़ हो जाता है कि बुरे मंगल से व्यक्ति के जीवन में बुरा ही होता है, वो शख्स जिद्दी, गुस्सैल और अपराध की तरफ झुकाव महसूस करता है। वहीं जिसकी कुंडली में मंगलनेक होता है वो समझदार, साहसी और ऊंचा पद हासिल करता है।

मंगल दोष से जुड़ी कई मान्यताए हैं। ऐसा माना जाता है कि 28 साल की उम्र के बाद मंगल दोष खुद से ही समाप्त हो जाता है। वहीं जानकारों के मुताबिक यदि केंद्र में चंद्र है तो मंगल दोष नहीं माना जाएगा। शादी विवाह के लिए माना जाता है कि मंगल लड़की की शादी मंगल लड़के से ही होनी चाहिए। वहीं यदि मंगल और शनि का मिलान हो अर्थात कन्या की कुंडली में शनि के भारी रहने पर मंगल दोष खत्म हो जाता है। मगर वहीं लाल किताब की मानें तो मंगल और शनि का मिलान नहीं होता है।
स्थिति चाहे जो भी हो यदि आपकी या किसी जानकार की कुंडली में मंगल दोष है तो आप लाल किताब में बताये गए उपायों की मदद से राहत पा सकते हैं।

पहला उपाय:
लाल किताब की मानें तो मंगल का प्रभाव आंखों और रक्त में होता है। शरीर में इन दोनों चीजों का अच्छा रहना जरूरी है। आप आंखों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सफेद सुरमा लगाएं और अपने पेट को हमेशा साफ रखने का प्रयास करें। यदि सफेद सुरमा उपलब्ध नहीं है तो आप काला सुरमा लगा सकते हैं। ऐसा आप 43 दिनों तक तो जरूर करें और ध्यान रहे कि आप मंगलवार और शनिवार को सुरमा जरूर लगाएं। काले सुरमे से इंसान बुरी नजर से बचता है और आंखे भी स्वस्थ रहती हैं।

दूसरा उपाय:
लाल किताब के मुताबिक छोटा, बड़ा, सगा या फिर सौतेला भाई ही मंगल है। मंगल को सही रखने के लिए भाई को खुश रखना जरूरी है। भाई से लड़ाई करने का अर्थ है अपने मंगल को खराब करना। कोशिश करें कि आप अपने छोटे भाई का ख्याल रखें और उसकी गलतियों को माफ कर दें। वहीं बड़े भाई से लड़ने से बचें।

तीसरा उपाय:
घर के दक्षिण दिशा में आप नीम का पेड़ लगाएं। यदि पेड़ लगाना संभव नहीं है तो आप हर मंगलवार को नीम के वृक्ष पर जल चढ़ाएं।

चौथा उपाय:
आप रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें। दो तीन महीने के अंतराल में बजरंगबली को चोला चढ़ाएं। हनुमान मंदिर जाकर खासतौर से मंगलवार और शनिवार को दीप और धूपबत्ती जरूर जलाएं। हनुमान जी सिर्फ मंगल ही नहीं, अपनी शरण में आने वाले लोगों के शनि, राहु और केतु दोष को भी शांत करता है।

पाचवां उपाय:
मांसाहार खाना छोड़ दें। यदि आप कभी कभार भी खाते हैं तब भी इसका त्याग कर दें। घर से निकलते समय गुड़ का सेवन करें। खुद भी गुड़ का सेवन करें और दूसरों को भी खिलाएं। इससे रक्त साफ होगा और मंगल दोष भी खत्म होगा। आप हनुमान जी को गुड़ और चना चढ़ाएं और प्रसद की तरह आप भी इसे खाएं।



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