शक्तिशाली शनिदेव का मकर राशि में आगमन, प्रकोप से बचने के लिए करें राशि अनुसार उपाय

शनि राशि परिवर्तन 2020 : 12 राशियों पर शनि प्रकोप | Shani Gochar 2020 Zodiac Sign Effect | Boldsky

लगभग तीस साल के लंबे अर्से के बाद शनि ग्रह अपनी स्वराशि मकर में प्रवेश कर चुके हैं। ये घटना मौनी अमावस्या यानि 24 जनवरी 2020 के दिन हुई। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक 150 सालों के बाद ऐसा संयोग बना है। शनि 2020 से 2022 तक मकर राशि में ही गोचर करेंगे। शनि लगभग ढाई वर्ष तक धनु राशि में रहने के बाद मकर में आए हैं। शनिदेव के राशि परिवर्तन से सभी 12 राशियों के जातकों पर प्रभाव पड़ता है। इस लेख के माध्यम से अपनी राशि अनुसार जान लें शनि की टेढ़ी दृष्टि से बचने के उपाय।

मेष:

मेष:

हर शनिवार को चींटियों को आटा और चीनी डालें। शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। सोमवार के दिन शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक करें।

वृषभ

वृषभ

आप गरीबों को चने की दाल से बनी खिचड़ी खिला सकते हैं। शनि मंत्र का जाप करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मिथुन

मिथुन

शनिवार के दिन व्रत रखें। आप शनि प्रदोष व्रत भी कर सकते हैं। इस राशि के लोग शनिवार के दिन काले कपड़े पहनने से बचें। माता का सम्मान करें और उन्हें भेंट में कुछ वस्तुएं दें।

कर्क

कर्क

जरूरतमंद लोगों की मदद करें। मंदिर जाकर खाने की कुछ वस्तुएं दान करें। आप हर शनिवार के दिन लोहे या मिट्टी के बर्तन में सरसों का तेल भरकर उसमें अपना चेहरे देखें। इसके बाद उस पात्र का दान कर दें।

सिंह

सिंह

सिंह राशि के जातकों को शिव चालिसा का पाठ 40 दिनों तक लगातार करना चाहिए। शनिवार को साबुत काली उड़द का दान करें। सांयकाल में पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद वृक्ष की सात परिक्रमा करें।

कन्या

कन्या

इस राशि के लोगों को शनि प्रदोष व्रत रखना चाहिए। शनिवार के दिन सरसों के तेल से दिया जलाएं। आप मिट्टी के बर्तन में सरसों के तेल का दान कर सकते हैं।

तुला

तुला

तुला राशि के जातकों को शनि के ग्रह परिवर्तन के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए श्री विष्णु भगवान का पूजन करना चाहिए।

वृश्चिक

वृश्चिक

शनिवार के दिन चींटियों को आटा खिलाएं। किसी धार्मिक स्थल की साफ़-सफाई या सेवा देने का काम नियमित रूप से करें। अमावस्या के दिन खीर का दान करें।

धनु

धनु

शनि मंत्र का जाप नियमित रुप से 108 बार करें। हनुमान जी की उपासना करने से भी आपको लाभ मिलेगा।

मकर

मकर

शनिदेव की आराधना करें। साथ ही तेल का दीपक पीपल के वृक्ष के नीचे जलाने से भी आप पर नकारात्मक प्रभाव कम होगा।

कुम्भ

कुम्भ

शनिवार के दिन शुरू करते हुए नियमित रूप से शनि देव के बीज मंत्र का जाप करना चाहिए। मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी को पान चढ़ाएं। शनिवार के दिन दिव्यांग जनों को भोजन कराएं।

मीन

मीन

शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। शनिवार को शुभ शनि यंत्र की पूजा करें और इसी दिन गरीबों को मुफ्त दवाई बटवाएं।

Desktop Bottom Promotion