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Shani Ki Sade Sati: अगले दो साल तक इस राशि पर रहेगी शनि की टेढ़ी नजर
शनि ग्रह को न्याय का देवता कहा जाता है। यह किसी तरह का पक्षपात नहीं करते हैं और जातक को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं।
मगर लोग शनि की साढ़े साती और ढैय्या का नाम सुनकर काफी डर जाते हैं क्योंकि इस अवधि में कई तरह के कष्ट उठाने पड़ते हैं। शनि की महादशा से पार पाना भी आसान नहीं होता है।

शनि सबसे धीमा ग्रह माना जाता है। इसे सूर्य का एक चक्कर पूरा करने में ढाई साल का समय लगता है। इस समय शनि देव कुंभ राशि में विराजमान हैं। कुंभ राशि के स्वामी स्वयं शनि देव ही हैं। वह इस राशि में 2025 तक रहने वाले हैं। शनिदेव के कुंभ राशि में विचरण करने से 3 राशियों पर साढ़े साती रहेगी। वहीँ 2 राशियों पर शनि की ढैय्या रहने वाली है।
शनि की साढ़ेसाती से जीवन में रहता है बहुत कष्ट
गौरतलब है कि शनि की साढ़े साती के तीन चरण होते हैं और हर एक चरण लगभग ढाई साल का होता है। शनि की साढ़ेसाती के पहले चरण में व्यक्ति को धन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

साढ़ेसाती का दूसरा चरण आने पर जातक को पैसों के अलावा शारीरिक कष्ट, मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह आदि परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। शनि साढ़ेसाती के तीसरे चरण में व्यक्ति के स्वास्थ्य में गिरावट आती है। ऐसा माना जाता है कि इन सभी में साढ़ेसाती का दूसरा चरण सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। इस अवधि में व्यक्ति को काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
शनि की साढ़ेसाती के दूसरे चरण के साये में है कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों पर शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। इसकी शुरुआत 17 जनवरी 2023 को हुई और इसका अंत 2025 में मार्च महीने में होगा। शनि की साढ़ेसाती से पूर्ण रूप से मुक्ति पाने के लिए कुंभ राशि के जातकों को 3 जून 2027 तक का इंतजार करना होगा।
शनि के प्रकोप से बचने के लिए शनि देव की आराधना करें। किसी भी तरह के बुरे कार्य में संलग्न न हों। व्यक्ति को अपने कर्मों का ख्याल रखना चाहिए। शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव के कारण आर्थिक, सामाजिक, पारिवारिक, सेहत से जुड़ी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस अवधि में अपना धैर्य न खोएं। किसी पर भी आंख बंदकर के भरोसा न करें, धोखा मिल सकता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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