Surya Grahan 2026: कब लगेगा साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण? क्या भारत में दिखाई देगा या नहीं? जानिए सबकुछ

Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण को वैज्ञानिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना माना जाता है। वहीं, धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में भी इसका खास महत्व बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण काल को शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता, इसलिए इस दौरान मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है। इतना ही नहीं, ग्रहण के समय मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं और पूजा-पाठ भी नहीं होती है। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लग चुका है और अब लोगों को दूसरे और आखिरी सूर्य ग्रहण का इंतजार है। आइए, जानते हैं दूसरे सूर्य ग्रहण की तारीख और समय -

Solar Eclipse 2026

2026 के दूसरे सूर्य ग्रहण की तारीख और समय

साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को श्रावण अमावस्या के दिन लगेगा। यह ग्रहण रात 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर 13 अगस्त की सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। खगोल विज्ञान के जानकारों के मुताबिक, इसकी मुख्य अवस्था करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक रह सकती है। खास बात यह है कि यह सामान्य सूर्य ग्रहण नहीं होगा, बल्कि वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। यानी आकाश में सूर्य आग के चमकते छल्ले जैसा दिखाई देगा। इसी वजह से दुनियाभर में इस ग्रहण को लेकर काफी चर्चा है।

किन देशों में दिखेगा सूर्य ग्रहण?

यह सूर्य ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। ग्रहण कनाडा, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन, रूस के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र, उत्तर-पश्चिम अफ्रीका, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और यूरोप के कई देशों में दिखाई देगा। इसके अलावा, अटलांटिक महासागर और आर्कटिक क्षेत्र में भी यह खगोलीय घटना नजर आएगी।

क्या भारत में दिखाई देगा यह सूर्य ग्रहण?

आपको बता दें कि साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन लोग इसे ऑनलाइन लाइव देख सकेंगे। NASA समेत कई अंतरराष्ट्रीय स्पेस एजेंसियां और खगोलीय प्लेटफॉर्म अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनलों और वेबसाइट्स पर ग्रहण का सीधा प्रसारण करेंगे, जहां से इस खगोलीय घटना को आसानी से देखा जा सकता है।

सूतक काल लगेगा या नहीं?

12 अगस्त 2026 को लगने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य नहीं माना जाएगा, क्योंकि यह ग्रहण देश में दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक तभी प्रभावी माना जाता है, जब ग्रहण किसी स्थान पर प्रत्यक्ष रूप से नजर आए। ऐसे में, भारत में इस ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, शुभ कार्य या मंदिरों की गतिविधियों पर किसी तरह की पाबंदी नहीं रहेगी।

ज्योतिष में क्यों खास माना जा रहा है यह सूर्य ग्रहण?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगस्त 2026 का यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लग रहा है, इसलिए इसे विशेष माना जा रहा है। मान्यता है कि ग्रहण का प्रभाव मौसम, प्रकृति और कुछ राशियों पर देखने को मिल सकता है। कई ज्योतिषाचार्य इसे मानसिक बदलाव और नई परिस्थितियों का संकेत भी मान रहे हैं।

सूर्य ग्रहण देखते समय किन बातों का रखें ध्यान?

सूर्य ग्रहण को कभी भी सीधे आंखों से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इसकी तेज किरणें आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ग्रहण देखने के लिए हमेशा सोलर फिल्टर वाले चश्मे या सुरक्षित उपकरणों का इस्तेमाल करें। कैमरा, दूरबीन या टेलीस्कोप से भी बिना सुरक्षा फिल्टर के ग्रहण देखने से बचना चाहिए।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

Story first published: Friday, May 22, 2026, 16:40 [IST]
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