Latest Updates
-
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर -
Rudrabhishek Vidhi: घर पर शिव जी का रुद्राभिषेक कैसे करें? जानें सरल पूजा विधि, सामग्री, मंत्र और जरूरी नियम -
Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर करें ये 5 सरल उपाय, कालसर्प दोष से मिलेगी राहत -
Nag Panchami 2026 Wishes: नाग देवता की कृपा बरसे...नाग पंचमी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Independence Day 2026: भारत की आजादी के लिए 15 अगस्त की तारीख ही क्यों चुना गई? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान -
Hariyali Teej Vrat Katha: हरियाली तीज पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा शिव-पार्वती जी का आशीर्वाद -
Hariyali Teej 2026 Wishes: शिव-पार्वती का आशीर्वाद...इन संदेशों क साथ अपनों को दें हरियाली तीज की शुभकामनाएं
Vastu Tips For Mandir: घर की किस दिशा में होना चाहिए मंदिर? जान लें वरना होगा नुकसान
Vastu Tips For Mandir: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का हर हिस्सा ऊर्जा का संचार करता है। बाथरूम, किचन, लिविंग एरिया, एंट्रेंस और पूजा स्थल। सभी की सही दिशा तय होना बेहद जरूरी है। हिंदू घरों में मंदिर होते ही हैं और लोग हर दिन सुबह-शाम पूजा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत दिशा में मंदिर होने से घर में सकरात्मक एनर्जी की जगह नकारात्मक एनर्जी बढ़ सकती है।
इसलिए मंदिर बनवाते समय वास्तु नियमों का पालन करना बहुत जरूरी माना गया है। आप अगर अपने घर में मंदिर बनवा रहे हैं तो पहले ही जान लें कि कौन सी दिशा में मंदिर होना चाहिए।
मंदिर की सही दिशा कौन-सी होती है? (Vastu Tips for Mandir Direction)
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में मंदिर बनवाना सबसे शुभ माना जाता है। इस दिशा को देवताओं का स्थान कहा गया है। ईशान कोण में मंदिर होने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और परिवार के सदस्यों के जीवन में स्थिरता आती है।

कहां नहीं बनाना चाहिए मंदिर?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुछ स्थानों पर मंदिर बनाना अशुभ माना गया है, जिससे वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। इन जगहों के बारे में आप भी जान लें। जान लें कि बेडरूम के पास या अंदर मंदिर नहीं बनाना चाहिए। बाथरूम या टॉयलेट के पास पूजा स्थल नहीं बनाना चाहिए। सीढ़ियों के नीचे मंदिर नहीं बनाना चाहिए। दक्षिण दिशा में मंदिर नहीं बनाना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और मानसिक अशांति, आर्थिक परेशानी जैसी समस्याएं आ सकती हैं।
मंदिर सही दिशा में हो तो मिलता है शुभ फल
अगर मंदिर सही दिशा में बनाया जाए और साफ-सुथरा रखा जाए, तो घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इससे धन की कमी नहीं होती, घर में खुशहाली बनी रहती है और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है। अगर आपके घर में गलत दिशा में मंदिर है तो आप भी बिना वक्त बर्बाद किए आज ही सही दिशा में मंंदिर स्थापित कर लें।
दीवार पर नहीं लटकाना चाहिए मंदिर
बहुत से लोग घर की दीवार पर लकड़ी का मंदिर लटका देते हैं और पूजा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दीवार पर मंदिर लटकाने से घर में वास्तु दोष लगता है और गृह कलेश बढ़ते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications