Numerology: त्रिदेव से जुड़ा है 3 अंक फिर भी है अशुभ जानिए क्यों

3 अंक से जुड़ी कई मान्यताएं हैं। इस अंक को बेहद अशुभ माना जाता है विशेष रूप से पूजा पाठ, खाने और किसी भी अच्छे काम में इस अंक को दूर रखा जाता है। लेकिन क्या यह वाकई सत्य है कि 3 अंक अशुभ होता है। इस अंक के पीछे कई रहस्य है।

हर व्यक्ति की सोच इसे लेकर कुछ अलग ही होती है। आईए जानते है कि अंक ज्योतिष और ज्योतिष शास्त्र में इस 3 अंक को लेकर क्या कहा गया है। इसके अलावा हम आपको इस नंबर से जुड़ी और भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से यहां देंगे।

Why is number 3 considered Unlucky in Hinduism: Know 3 number unlucky kyu hota hai In Hindi

धार्मिक महत्व
3 अंक के अशुभ न होने के भी कई कारण है और वजह स्वयं ईश्वर से जुड़ी है। 3 लोक हैं और समस्त संसार को चलाने वाले भी त्रिदेव हैं यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश। ठीक इसी प्रकार 3 देवियां सरस्वती, लक्ष्मी और आदिशक्ति सृष्टि को संतुलित रखती हैं। गंगा, यमुना और सरस्वती इन तीनों नदियों से पवित्र स्थल त्रिवेणी बना है।
यहां तक की मंदिरों में आरती भी 3 बार ही होती है। भगवान शिव के 3 नेत्र हैं जिसे अंतर्दृष्टि और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। भगवान के त्रिशूल का ऊपरी भाग 3 हिस्सों में है। महादेव को जो बेलपत्र अर्पित किया जाता है उसमें भी 3 पत्ते होते हैं जिन्हें त्रिदेव का स्वरूप माना जाता है।

ज्योतिष शास्त्र में महत्व
सूर्य, चंद्रमा और बृहस्‍पति सौर मंडल के प्रमुख ग्रह माने जाते हैं। इनकी संख्या भी 3 है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह तीनों ग्रह जातक के भाग्य को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं।

शुभ अंक मानते हैं विशेषज्ञ
विज्ञान के अनुसार 3 अंक शुभता प्रदान करता है। यह अंक बेजोड़ होता है लेकिन बावजूद इसके अंदर 2 और 1 का मिश्रण होता है। इसके अलावा तीसरी लकीर को बनाकर ही त्रिकोण पूरा होता है।

ऐसे होते हैं 3 मूलांक वाले
जिस व्यक्ति का जन्म किसी भी महीने की 3,12, 21 या 30 तारीख को होता है उनका मूलांक 3 होता है। इस मूलांक के स्वामी ग्रह बृहस्पति देव हैं जो सब ग्रहों के गुरु माने जाते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार इस मूलांक के लोग बहुत ही खुशमिजाज होते हैं। हालांकि इनका मूड स्विंग काफी होता है जिसकी वजह से यह अक्सर विवादों में घिर जाते हैं।

इस वजह से है 3 अंक अशुभ
इस अंक से जुड़ी कई ऐसी बातें है जो इसे शुभ बनाती हैं, लेकिन बात जब खाने की आती है तो 3 अंक को बेहद अशुभ माना जाता है। कहते हैं थाली में कभी भी 3 रोटियां नहीं परोसनी चाहिए। हिंदू धर्म में जब भी किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो त्रयोदशी संस्‍कार से पहले निकाले जाने वाले भोजन में केवल तीन रोटियां ही दी जाती हैं। इस भोजन को सिर्फ परोसने वाला व्यक्ति ही देखता है। 3 रोटियों को त्रयोदशी संस्‍कार का खाना ही माना जाता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

Story first published: Tuesday, April 11, 2023, 18:31 [IST]
Desktop Bottom Promotion