फिश स्‍पा: जहां मछलियां करती हैं पेडीक्‍योर

क्‍या आपने कभी सोचा है कि मछली आपको खा सकती है? पढ़ने में तो अजीब सा लग रहा होगा, पर सच म‍ानिये कि ऐसा भी होता है। कुछ लोग मछलियों को अपने शरीर का कुछ हिस्‍सा यानी की पैर खाने को दे देते हैं। घबराइये नहीं इसमें मछली पैर को नहीं बल्कि उसकी डेड स्किन को खाती है। जी हां, फिश स्‍पा एक ऐसी ही जगह है, जहां पर मछलियों का इस्‍तमाल पैरों से डेड स्‍किन को हटाने में किया जाता है। आम तौर पर पेडीक्योर में मृत त्वचा निकालने के लिए रेजर (ब्लेड) का प्रयोग किया जाता है, जबकि फिश पेडीक्योर में यह काम मछली करती है। इस प्राकृतिक पेडिक्‍योर के क्‍या-क्‍या फायदे हैं, इसके बारे में हम आज जानेगें।

फिश स्‍पा से लाभ :

1. यह फुट स्‍पा पैरों से डेड स्‍किन हटा कर उनको चमकदार बनाता है। मछलियां पैर से बैक्‍टीरिया और डेड स्‍किन खा जाती हैं, जिससे पैरों की त्‍वचा पहले से काफी सुंदर हो जाती है।

2. फिश स्‍पा काफी आरामदायक होता है। जब भी आप बहुत थक जाएं और अपने पैरों को आराम देना चाहें, तो तुरंत ही पास के फिश स्‍पा चले जाइये।

3. जब पैरों को फिश टैंक में डाला जाता है और मछलियां उन पैरों पर अटैक करके त्‍वचा को खाना शुरु कर देती हैं तो मन को बहुत ही अच्‍छा महसूस होता है। यह सिर्फ इसलिए होता है क्‍योंकि उसी समय हमारे दिमाग से इंडोर्फिन नामक रसायन निकलने लगता है, जिससे हमें एक सुखद एहसास होता है।

4. अगर आपके फिश टैंक में गर्रा रुफा नामक मछ‍ली पड़ी हुई है तो त्‍वचा को काफी लाभ होगा। यह मछली अपने मुंह से डिर्थनॉल नामक एंजाइम, लार के रुप में निकालती है जिससे नई कोशिकाएं पैदा होती हैं।

5. फिश स्‍पा के फायदों में एक बड़ा फायदा यह भी है कि यह न केवल पैरों को मुलायम बनाता है, बल्कि खुजली और दाग-धब्‍बों को भी दूर करता है।

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इससे शरीर में ब्‍लड सर्कुलेशन भी ठीक हो जाता है। इससे स्‍किन पर काफी फरक पड़ता है तथा पैर का रंग-रूप भी बेहतरीन हो जाता है।

7. स्‍पा में गर्रा रूफा नाम की मछली का इस्‍तमाल एक चिकित्‍सा उपचार के रुप में किया जाता है। यह सिरोसिस, मस्‍सा और कॉलयूसिस नामक पैरों की बीमारियों को दूर करती है!

Story first published: Monday, March 19, 2012, 15:47 [IST]
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