चॉकलेट खाने से सच में पिंपल्स होते हैं या नहीं, जानिए यहां

चॉकलेट का नाम सुनते ही हर किसी के चेहरे पर एक मधुर मुस्कान छा जाती है। जब सामने चॉकलेट होती है तो व्यक्ति चाहकर भी खुद को रोक नहीं पाता है।

लेकिन अमूमन लोग यह मानते हैं कि चॉकलेट खाने से एक्ने व ब्रेकआउट्स की समस्या पैदा होती है। इसलिए चॉकलेट से दूरी बनानी चाहिए। लेकिन सिर्फ सुनी-सुनाई बातों पर ही भरोसा करना उचित नहीं माना जाता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि क्या सच में चॉकलेट खाने से ब्रेकआउट व एक्ने होते हैं या नहीं-

Chocolate

क्या चॉकलेट से सच में एक्ने होते हैं?
चॉकलेट को लोग अक्सर एक्ने से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई के बारे में अधिकतर लोगों को पता नहीं होता है। इसलिए, कई शोधकर्ताओं को सच्चाई का पता लगाने के लिए इससे संबंधित कई अध्ययन किए हैं। दुनियाभर में चॉकलेट और मुंहासों के आपसी संबंध का पता लगाने के लिए कई अध्ययन किए गए है। जबकि कई अध्ययनों ने निष्कर्ष निकाला है कि चॉकलेट मुंहासे के पीछे एक प्रमुख कारण है, कुछ शोधकर्ताओं ने चॉकलेट और मुंहासों के बीच आपसी लिंक को खारिज कर दिया।

मसलन, 2017 में किए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि चॉकलेट खाने के बाद कुछ कॉलेज के छात्रों को मुंहासे के सबसे बुरे फेज का सामना करना पड़ा। इसी तरह, 18 से 35 वर्ष की आयु के बीच 14 एक्ने प्रोन पुरुषों पर एक डबल ब्लाइंड स्टडी की गई थी। परिणाम ने निष्कर्ष निकाला कि बिना मीठा कोको का सेवन मुंहासे से संबंधित है। इससे उलट, 2003 में किए गए एक ऑस्ट्रेलियाई स्टडी ने एक्ने के ब्रेकआउट में इंसुलिन की भूमिका पर जोर दिया।

स्टडी के अनुसार, चॉकलेट का सेवन आपके शरीर में इंसुलिन के स्तर को प्रभावित कर सकता है और इंसुलिन मुंहासे के लिए संभावित योगदान कारक के रूप में काम करता है। इसलिए, मुहांसे और कोको के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।

इस तरह अगर देखा जाए, तो हर अध्ययनकर्ता की इस विषय में अपनी एक अलग राय है।

चॉकलेट खाने के बाद पिंपल्स क्यों होते हैं?
चूंकि, अभी तक अध्ययनकर्ता चॉकलेट और पिंपल्स के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित करने में नाकाम रहे हैं तो ऐसे में मन में यह सवाल उठता है कि चॉकलेट बार या कैंडी खाने के बाद पिंपल्स क्यों होते हैं। मुख्य रूप से, इनमें उच्च मात्रा में चीनी होती है, जो एक मुंहासे पैदा करने वाले घटक के रूप में काम कर सकती है।

डेटा से पता चलता है कि एक उच्च ग्लाइसेमिक आहार एक्ने ब्रेकआउट्स की समस्या को बढ़ाते हैं। इनमें कार्बोनेटेड पेय, मीठी ब्रेड और कुछ प्रकार की चॉकलेट शामिल हैं। इसके अलावा, अगर किसी को डेयरी उत्पादों के कारण स्किन प्रॉब्लम की समस्या का सामना करना पड़ता है तो उन्हें भी चॉकलेट में मिल्क पाउडर की मौजूदगी के कारण एक्ने की समस्या हो सकती है।

कौन सी चॉकलेट आपकी स्किन के लिए अच्छी है?
ऐसा नहीं है कि चॉकलेट आपकी स्किन के लिए बहुत बुरी है। कोको मैंगनीज का एक बड़ा स्रोत है, जो आपके पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता को बेहतर बनाता है। इतना ही नहीं, डार्क चॉकलेट को स्किन को मॉइश्चराइज करने व हानिकारक यूवी किरणों से प्रोटेक्शन प्रदान करने के लिए जाना जाता है।

इतना ही नहीं, डार्क चॉकलेट भी एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो आपकी स्किन को यंगर दिखाता है। इसलिए डार्क चॉकलेट आपकी स्किन के लिए अच्छी हो सकती है। बेहतर होगा कि आप ऐसी चॉकलेट खाएं, जिसमें शुगर की मात्रा काफी कम हो और कम से कम 50 प्रतिशत डार्क चॉकलेट अवश्य हो।

ब्रेकआउट्स से बचने के लिए किस चॉकलेट को अवॉयड करें?
चूंकि अधिकांश अध्ययनों से पता चलता है कि चीनी एक्ने व ब्रेकआउट्स का कारण बन सकती है, इसलिए ऐसी चॉकलेट और बार से बचना बेहतर है जिनमें चीनी का स्तर अत्यधिक होता है। हालांकि, यह भी ध्यान रखें कि सिर्फ चॉकलेट से परहेज करने से आपकी एक्ने प्रोन स्किन रातों-रात नहीं बदल जाएगी। इसके लिए आपको स्किन केयर से लेकर अपनी डाइट पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है।

Story first published: Sunday, June 11, 2023, 18:00 [IST]
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