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आंखों की खूबसूरती के साथ बढ़ाना चाहते हैं रोशनी, घर पर बनाएं दादी-नानी के स्टाइल में काजल
Homemade Kajal: आंखों की सुंदरता बढ़ाने के लिए सदियों से काजल का इस्तेमाल होता आ रहा है। काजल लगाने से चेहरे की रौनक ही बढ़ जाती है। ये न सिर्फ सुंदरता बढ़ाता है बल्कि आयुर्वेद में इसे आंखों की सेहत सुधारने और दृष्टि शक्ति बढ़ाने वाला माना गया है।
मार्केट में केमिकल वाले काजल मिलते जो आंखों की सुंदरता तो बढ़ा सकते हैं लेकिन रौशनी को खराब कर देते हैं।जो अच्छे काजल होते हैं वो महंगे होते हैं जिसे हर कोई नहीं खरीद पाता। पहले तो घर पर ही दादी-नानी के स्टाइल में काजल बनाया जाता था जो आंखों की सुंदरता और सेहत दोनों के लिए चमत्कारी होता था। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप पुराने जमाने वाला चमत्कारी काजल खुद घर पर बना सकते हैं।
क्यों खास है दादी-नानी के जमाने का काजल?
हालांकि आज के समय में मार्केट में कई प्रकार के काजल आसानी से मिल जाते हैं। पहले के समय में और गांव में अभी भी दादी-नानी के द्वारा काजल बनाया जाता है जो न सिर्फ सुंदरता बढ़ाता है बल्कि आंखों की सेहत के लिए भी लाभकारी होता है। इस काजल में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियां जैसे देसी घी, कपूर, बादाम तेल और तुलसी जैसे तत्व आंखों को ठंडक देने, सूजन कम करने और दृष्टि को तेज करने में मदद करते हैं। यह बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त काजल से कहीं ज्यादा सुरक्षित और गुणकारी होता है।

घर पर काजल बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
एक दीया (मिट्टी या पीतल का)
रुई की बाती
शुद्ध देसी घी
एक स्टील या कांसे की थाली
कपूर (ऐच्छिक)
बादाम का तेल (ऐच्छिक)
तुलसी के पत्ते (ऐच्छिक)

काजल बनाने की विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
1. दीए में बाती रखें और उसमें देसी घी डालें।
2. दीए की लौ को थाली के बिलकुल पास रखें ताकि धुआं थाली की सतह पर जम सके।
3. दीया 15-20 मिनट तक जलने दें। इस दौरान थाली की सतह पर काजल की परत बनती जाएगी।
4. ठंडी होने के बाद थाली पर जमे हुए काजल को स्क्रैप करके एक डिब्बी में इकट्ठा करें।
5. इसमें थोड़ा सा बादाम का तेल या देसी घी मिलाएं ताकि यह स्मूद टेक्सचर में आ जाए। चाहें तो कपूर भी मिला सकते हैं जो आंखों को ठंडक देता है।
घर में बने आयुर्वेदिक काजल के फायदे
घर में बना आयुर्वेदिक काजल आंखों की सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। इसे लगाने से आंखों को ठंडक और आराम देता है। आंखों की जलन और सूजन में राहत मिलती है। नेत्र ज्योति बढ़ाने में सहायक होता है। घर में बना काजल छोटे बच्चों के लिए भी सुरक्षित होता है।
काजल बनाते समय रखें इन तीन बातों का ध्यान
1. काजल बनाने के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री शुद्ध होनी चाहिए।
2. स्टोर करते वक्त काजल को एयर टाइट डिब्बी में रखें।
3. संक्रमण से बचने के लिए हर बार साफ हाथों या ब्रश से लगाएं।



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