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स्मूदनिंग, स्ट्रैटनिंग हुए पुराने, एक्सपर्ट से जानें केरेटिन, बोटॉक्स, नैनोप्लास्टिया में से क्या रहेगा बेस्ट
हम डिजिटल युग में जी रहे हैं फिर भी खुद के लिए समय नहीं मिल पाता। फ़ास्ट लाइफ, बदलते मौसम, बदलता खान पान और तनाव ग्रस्त जीवन का असर बालों पर भी पड़ता है और हमारी पर्सनालिटी डाउन होने लगती है। ऐसे में हम हेअर ट्रीटमेंट कराने लगते हैं जैसे कि स्ट्रेटनिंग, स्मूदनिंग आदि। लेकिन मुश्किल तब और बढ़ जाती है जब किस समस्या के लिए कौन सा ट्रीटमेंट लिया जाए ये पता नहीं होता। लेकिन आप मत घबराइए, आपके लिए हेयर ट्रीटमेंट से जुड़ी कुछ सीक्रेट सलाह दे रहे हैं दिल्ली के मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट दिनेश शर्मा।
दिनेश शर्मा पछले 17 सालों से कई मशहूर कंपनियों से जुड़े हैं और फिलहाल दिल्ली के सावित्री नगर में अपना हेयर सैलून 'हेयर शो' चलाते हैं। इन्होंने कई ग्राहकों को जो हेयर ट्रीटमेंट दिए हैं उनकी बहुत प्रशंसा हुई है। आइये जानते हैं इनसे हेयर ट्रीटमेंट की सीक्रेट बातें।

सवाल: दिनेश जी आप कब से हेयर ट्रीटमेंट इंडस्ट्री में हैं?
जवाब: मैं पिछले 17 सालों से इस इंडस्ट्री में हूं। कई मशहूर कंपनियों में काम करने के बाद अपना खुद का हेयर सैलून खोला और पिछले 10 सालों से अपनी सेवाएं दे रहा हूं।
सवाल: अभी सबसे ज्यादा डिमांड किस हेयर ट्रीटमेंट को लेकर है?
जवाब: कैरेटिन, बोटॉक्स, नैनोप्लास्टिया ये तीन हेयर ट्रीटमेंट है जिसकी डिमांड अभी सबसे ज्यादा है। इन तीनों में बाल बहुत कम डैमेज होते हैं।
सवाल : स्मूदनिंग, स्ट्रेटनिंग और कैरेटिन में क्या अंतर है?
जवाब: स्मूदनिंग में बालों के स्ट्रक्चर को बदलने की कोशिश की जाती है। स्मूदनिंग में बालों के बोन्स टूट जाते हैं फिर उन टूटे बोन्स को जोड़ा भी जाता है। स्मूदनिंग और स्ट्रेटनिंग में बालों का थोड़ा बहुत डैमेज होना तय है और इसमें बाल बर्न और ड्राई हो जाते हैं इसलिए अब इनकी डिमांड बहुत कम हो गयी है। बोटॉक्स, कैरेटिन और नैनोप्लास्टिया में बाल कम डैमेज होते हैं और अच्छे परिणाम मिलते हैं। वहीं कैरेटिन में बाल स्मूथ तो होते हैं लेकिन मनचाहे तरीके से स्ट्रैट नहीं होते हैं। नैनोप्लास्टिया स्मूथ भी करता है और स्ट्रैट लुक भी देता है।
सवाल: बोटॉक्स ट्रीटमेंट किन लोगों के लिए सही रहेगा?
जवाब: बोटॉक्स, कैरेटिन ट्रीटमेंट के जैसा ही है लेकिन इससे आँखों में जलन नहीं होती है। कैरेटिन में फॉर्मेल्डिहाइड नाम का केमिकल होता है जिससे आँखों में जलन होती है। बोटॉक्स ट्रीटमेंट में ये केमिकल नहीं इस्तेमाल होता है।
सवाल: इन ट्रीटमेंट की प्राइस कितनी है?
जवाब: ये डिपेंड करता है बाल कैसे हैं, कितने लंबे हैं और किस ब्रांड का प्रोडक्ट इस्तेमाल किया जा रहा है।
सवाल: मानसून के सीजन में ट्रीटमेंट वाले बालों की कैसे केयर करें?
जवाब: इस सीजन में बालों का झड़ना एक आम समस्या रहती है। बाल नमी अब्सोर्ब कर लेते हैं। मानसून में बालों का झड़ना बहुत बड़ी समस्या नहीं है ये नेचुरल है। लेकिन अगर आपने कोई हेयर ट्रीटमेंट लिया हो तो एक्सपर्ट द्वारा recommend किये गए शैम्पू और कंडीशनर का ही इस्तेमाल करें।
सवाल: किस सीजन में कौन सा ट्रीटमेंट लेना चाहिए?
जवाब: बोटॉक्स, केरेटिन और नैनोप्लास्टिया ये थोड़े एडवांस ट्रीटमेंट हैं। इन्हें किसी भी सीजन में कराया जा सकता है। लेकिन बालों को स्मूद और स्ट्रैट रखने के मामले में बरसात का सीजन थोड़ा चैलेंजिंग हो सकता है।
सवाल: ट्रीटमेंट सूट न करे तो क्या करना चाहिए?
जवाब: ये ट्रीटमेंट करने से बालों की जड़ों की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता है। जो ट्रीटमेंट किया जाता है वो बालों की जड़ों से कुछ इंच की दूरी से शुरू होता है। इससे स्कैल्प पर कोई असर नहीं पड़ता है। अगर बालों के रूट्स पर केमिकल लग जाए तो समस्या होती है लेकिन हम ऐसा नहीं करते हैं। इसलिए एक्सपर्ट से ही ये ट्रीटमेंट करवाने चाहिए।



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