एक नहीं सात तरह के होते हैं शैम्पू, जानें कौनसे बालों के ल‍िए कैसा होना चाह‍िए शैंपू

यह तो हम सभी जानते हैं कि बालों की केयर का सबसे पहला व बेसिक स्टेप होता है उनकी क्लीनिंग करना। बालों को वॉश करने के लिए हम सभी शैम्पू का इस्तेमाल करते हैं। अक्सर यह देखा जाता है कि हम मार्केट जाकर किसी भी शैम्पू को ले आते हैं और उसका इस्तेमाल करने लग जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आप जिस शैम्पू से अपने बालों को क्लीन कर रहे हैं, उसका आपके बालों पर किस तरह का असर पड़ रहा है।

हर व्यक्ति के बाल अलग होते हैं और ऐसे में आपको अपने बालों व उसकी जरूरतों को ध्यान में रखकर आपको शैम्पू को चुनना चाहिए। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको अलग-अलग शैम्पू टाइप्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें जानने के बाद आप खुद के लिए एक सही शैम्पू चुन पाएंगे-

Types Of Shampoo According To Hair Needs in hindi

क्लेरिफाइंग शैम्पू

क्लेरिफाइंग शैम्पू बालों की डीप क्लीनिंग में मदद करते हैं। इसलिए, यह हेयर प्रोडक्ट्स बिल्डअप को दूर करने में काफी प्रभावी माना जाता है। जिन लोगों के बाल ऑयली या ग्रीसी होते हैं, उनके लिए क्लेरिफाइंग शैम्पू बेहतर हेयर क्लीनिंग में मदद कर सकता है। दरअसल, एक क्लेरिफाइंग शैम्पू में सोडियम लॉरिल सल्फेट का अधिक पर्सेंटेज होता है, जो प्रोडक्ट बिल्ड अप को हटाने में मदद करता है। हालांकि, क्लेरिफाइंग शैम्पू केा हर दिन इस्तेमाल ना करने की सलाह दी जाती है। आप इसे सप्ताह में एक बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

वॉल्यूमाइज़िंग शैम्पू

अगर आपके बाल पतले हैं तो ऐसे में आप बालों में वॉल्यूम एड करने के लिए आप वॉल्यूमाइजिंग शैम्पू का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल, यह एक लाइटवेट फार्मूला होता है और इसमें कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो बालों को लिफ्ट करने में मदद करते है। जिससे बाल अधिक फुलर व थिकर नजर आते हैं।

कलर प्रोटेक्टिंग शैम्पू

अगर आपने बालों को कलर करवाया है तो ऐसे में कलर प्रोटेक्टिंग शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए। यह ऐसे शैम्पू होते हैं, जिन्हें खासतौर पर कलर्ड हेयर के लिए डिजाइन किया जाता है। इससे बालों के कलर को लंबे समय तक ऐसे ही बनाए रखने में मदद मिलती है। दरअसल, उनमें आमतौर पर यूवी फिल्टर और कुछ ऐसे इंग्रीडिएंट्स होते हैं जो कलर को फीका पड़ने से रोकते हैं।

शैम्पू बार

शैम्पू बार इन दिनों काफी चलन में है। इनमें लिक्विड शैम्पू की तुलना में पानी की मात्रा कम होती है और यह देखने में साबुन जैसा दिखता है। शैम्पू बार को अमूमन नेचुरल इंग्रीडिएंट की मदद से तैयार किया जाता है। शैम्पू बार का इस्तेमाल उन लोगों के लिए काफी अच्छा माना जाता है, जो अधिकतर बाहर घूमते हैं।

मॉइश्चराइजिंग शैम्पू
मॉइश्चराइजिंग शैम्पू को रूखे और डैमेज्ड बालों के लिए काफी अच्छा माना जाता है। चूंकि इन्हें बनाते समय बालों की नमी को बरकरार रखने के लिए तेल, ग्लिसरीन, शिया बटर, या एलोवेरा आदि का इस्तेमाल किया जाता है। मॉइश्चराइजिंग शैम्पू आपके बालों को हाइड्रेट और पोषित करने में मदद करते हैं।

एंटी-डैंड्रफ शैम्पू
जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है कि एंटी-डैंड्रफ शैम्पू को खासतौर से डैंड्रफ की प्रॉब्लम को हैंडल करने के लिए बनाया जाता है। इसलिए, अगर आपको डैंड्रफ या सिर में खुजली की समस्या है तो आप एंटी-डैंड्रफ शैम्पू का इस्तेमाल करें। इसमें पाइरिथियोन जिंक, कोयला टार, या सैलिसिलिक एसिड जैसे एक्टिव इंग्रीडिएंट होते हैं, जो डैंड्रफ को दूर करने में मदद करते हैं।

सल्फेट-फ्री शैम्पू
सल्फेट-फ्री शैम्पू का इस्तेमाल कोई भी बिना परेशानी के कर सकता है। दरअसल, अधिकतर शैम्पू में सल्फेट का इस्तेमाल किया जाता है, जो एक हार्श क्लीनिंग एजेंट है। सल्फेट बालों से नेचुरल ऑयल को छीन सकते हैं। वहीं, सल्फ़ेट-फ्री शैंपू बालों पर अधिक जेंटल होते हैं। वे स्कैल्प के नेचुरल ऑयल को ऐसे ही बनाए रखने में मदद करते हैं।

Story first published: Monday, November 27, 2023, 11:40 [IST]
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