Latest Updates
-
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर -
Rudrabhishek Vidhi: घर पर शिव जी का रुद्राभिषेक कैसे करें? जानें सरल पूजा विधि, सामग्री, मंत्र और जरूरी नियम -
Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर करें ये 5 सरल उपाय, कालसर्प दोष से मिलेगी राहत -
Nag Panchami 2026 Wishes: नाग देवता की कृपा बरसे...नाग पंचमी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Independence Day 2026: भारत की आजादी के लिए 15 अगस्त की तारीख ही क्यों चुना गई? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान -
Hariyali Teej Vrat Katha: हरियाली तीज पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा शिव-पार्वती जी का आशीर्वाद
Lakme Fashion Week: ससटेनेबल फैशन को प्रोमोट करती 5 वुमन डिजाइनर्स
आज है लैक्मे फैशन वीक का दूसरा दिन। अभी तक फैशन स्टेज पर बहुत कुछ नया देखने को मिल रहा है। सबसे ज्यादा नजर पड़ी ससटेनेबिल्टी पर। इसे अपनी कलेक्शन में शामिल करने वाले फैशन डिजानर्स को आप नेचर लवर कह सकते हैं। इनकी कलेक्शन में नेचर का भरपूर इस्तेमाल किया गया है, जीरो वेस्टेज, रियूज, रीपर्पस और रीसाइकिल है कलेक्शन का अहम अट्रैक्शन। बात करते हैं 5 वुमन फैशन डिजाइनर्स की, जिन्होंने ससटेनेबल कलेक्शन को प्रोमोट किया है।

1 फैशन डिजाइनर लीशा अग्रवाल
फैशन डिजाइनर लीशा अग्रवाल के कलेक्शन का नाम है अदाह। अदाह की खासियत है कि यह जीरो वेस्ट हैंडलूम फैशन ब्रांड है। इसमें हर तरह के फैब्रिक वेस्ट को रीपर्पस, रीसाइकिल किया गया है। इससे कई तरह की एक्ससेरीज को बनाया गया है, जैसे- वॉलेट्स, डायरीज, हेड बैंड्स आदि। अदाह लेबल के टैग्स में भी यह कॉन्सेप्ट जोड़ा गया है। इसके लिए टेट्रा पैक्स का प्रयोग किया गया है। इनका यूएसपी है नो प्लास्टिक। यानी फैब्रिक और पैकेजिंग में प्लास्टिक का बिल्कुल प्रयोग नहीं किया गया है।
2 फैशन डिजाइनर महिमा गुजराल वाधवा
फैशन डिजाइनर महिमा गुजराल वाधवा के कलेक्शन का नाम है सुई। नई दिल्ली में सुई स्थित है। महिमा ने सुई लेबल के हर आउटफिट के प्रयोग में कच्चा मटीरियल में ऑर्गेनिक कॉटन और एंटी बैक्टिरियल फैब्रिक का ही प्रयोग किया है। फैशन डिजाइनर महिमा की यूएसपी है हर्बल डाई, जिनका प्रयोग आउटफिट को रंगने के लिए किया जाता है। इतना नहीं, यह ब्रांड बचे हुए कपड़े का भी बखूबी इस्तेमाल पैकेजिंग में करता है।
3 फैशन डिजाइनर कृति तुला
फैशन डिजाइनर कृति तुला फैशन इंडस्ट्री बिल्कुल हटकर काम करती हैं। इनके ईको फैशन हाउस का नाम है डूडलऐज। यह नई दिल्ली में स्थित है। यह ईको फ्रेंडली फैशन हाउस आउटफिट और एक्ससेरीज बनाता है, जिनके लिए फैब्रिक गारमेंट फैक्ट्री से आता है। यानी जो गारमेंट फैक्ट्री का फैब्रिक वेस्ट होगा, उससे यह फैशन हाउस आउटफिट व एक्ससेरीज बनाता है। एक्ससेरीज में शामिल हैं- नोटबुक, लैपटॉप बैग, वॉलेट आदि। इतना ही नहीं, यह ब्रांड पैकेजिंग में भी पेपर का प्रयोग नहीं करता।
4 फैशन डिजाइनर शीना उप्पल
फैशन डिजाइनर शीना उप्पल का लेबल रीनेज पूरी तरह से नेचर फ्रेंडली है। शीना उप्पल और उनका लेबल दिल्ली स्थित है। यह बचे हुए कपड़े से बैग्स, मास्क और पाउच बनाती है। डिलवरी बॉक्स भी नेचर फ्रेंडली होते हैं। यानी 100% फीसदी कॉटन। इनमें बॉक्स को रीसाइकल्ड क्राफ्ट पेपर से बनाया जाता है और उन पर लगा रिबन 100 फीसदी कॉटन का होता है। बता दें कि कोरियर की पैकेजिंग भी प्लांट स्टार्च से किया जाता है, जो पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल होता है।
5 फैशन डिजाइनर नेहा काबरा
फैशन डिजाइनर नेहा काबरा के लेबल का नाम है माटी। यह उदयपुर का ब्रांड है। नेहा काबरा का यह लेबल उदयपुर के लोकल आर्टिसंस के साथ काम करता है। जिसका मकसद है प्रकृति की देखभाल और लोकल आर्टिसंस को रोजगार देना। इनके आउटफिट की खासियत है यह पानी का कम से कम इस्तेमाल किया जाता है। और तो और फैब्रिक को नेचुरल डायज जैसे- हल्दी, इंडिगो प्लांट, फूलों से रंगा जाता है।



Click it and Unblock the Notifications