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इस दुर्गा पूजा इन 5 तरह की ज्वैलरी से खुद को दे यूनिक लुक
किसी भी अन्य त्यौहार की तरह दुर्गा पूजा में भी सभी प्रकार के आभूषण अच्छे नहीं लगते। आपको स्टाइलिश रहना ज़रूरी है। किसी भी त्यौहार या अवसर पर किसी भी तरह का फैशन न करें। बंगाली लोगों में दुर्गा पूजा का बहुत महत्व है और इस अवसर पर वे अन्य दिनों की तुलना में अधिक बेहतर दिखना चाहते हैं। जिस तरह अच्छे कपडे आवश्यक होते हैं वैसे ही उनके साथ उचित मैचिंग ज्वेलरी भी आवश्यक होती है।

आजकल पारम्परिक ज्वेलरी के अलावा जंक ज्वेलरी का भी फैशन है। ये न केवल आधुनिक होती हैं बल्कि सस्ती भी होती हैं और इन्हें आसानी से लाया ले जाया जा सकता है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनके चोरी हो जाने का डर नहीं रहता या पंडाल में कोई इसे खींच नहीं सकता। जंक ज्वेलरी के चुनाव को आसान बनाने के लिए यहाँ हम कुछ आधुनिक ज्वेलरी के बारे में बता रहे हैं और यह भी बता रहे हैं कि किस कपडे के साथ कौन सी ज्वेलरी पहननी चाहिए।

अफगानी ज्वेलरी
इस वर्ष की दुर्गा पूजा के लिए यह सबसे आधुनिक ज्वेलरी है। यह न केवल आधुनिक है बल्कि विविधता पूर्ण भी है। यह ज्वेलरी पारंपरिक व आधुनिक दोनों तरह के कपड़ों के साथ पहनी जा सकती है। यह बहुत उत्तम दर्जे की होती है और भारी भी नहीं होती। इस पूजा के दौरान इन्हें अवश्य पहनना चाहिए।

ट्राइबल ज्वेलरी (आदिवासी ज्वेलरी)
ट्राइबल ज्वेलरी किसी भी बंगाली के लिए प्रिय ज्वेलरी होती है। वे बोहेमियन तरीके या शांतिनिकेतन पद्धति से तैयार होते समय इस तरह की ज्वेलरी पहनते हैं। शांतिनिकेतन शैली वह शैली है जिसका उपयोग टैगोर की रचनाओं की प्रस्तुति के समय किया जाता है। अधिकाँश बंगाली महिलायें शांतिनिकेतन या रबिन्द्रिक शैली का उपयोग करती हैं। दुर्गा पूजा के समय ट्राइबल ज्वेलरी बहुत पसंद की जाती है और इसका फैशन कभी भी ख़त्म नहीं होता।

टेराकोटा ज्वेलरी
टेराकोटा ज्वेलरी की कला बंगाल की प्राचीन परंपरा है जो जली हुई मिट्टी से बनाई जाती है। यह कला का एक शानदार स्वरुप है और महिलाओं को टेराकोटा की ज्वेलरी पहनना पसंद होता है। इस वर्ष के दुर्गा पूजा के दौरान इससे बने हुए आभूषण बहुत लोकप्रिय रहेंगे। आप अपनी बोहेमियन या पारंपरिक शैली के साथ टेराकोटा की ज्वेलरी पहन सकते हैं। ये रंगबिरंगी होती है और बहुत सुंदर भी होती हैं।

डोकरा ज्वेलरी
ढोकरा या डोकरा आदिवासी कला का ही एक रूप है और यह बंगाल में लोकप्रिय है। डोकरा ज्वेलरी मुख्य रूप से ढोकरा डामर आदिवासियों द्वारा पहनी जाती है जो बंगाल के पारंपरिक धातु कर्मकार थे। डोकरा ज्वेलरी साड़ी, स्कर्ट और सलवार के साथ अच्छी दिखती हैं। ये बहुत सस्ती होती हैं और इस साल इनके बिना दुर्गा पूजा अधूरी होगी।

फेदर्स
ये सभी को पसंद होती है क्योंकि ये हल्की होती हैं और ये बहुत से रंगों में मिलती हैं। ये नीरस लुक में भी रंग भर देती हैं। ये पारंपरिक और पश्चिमी दोनों तरह के कपड़ों के साथ पहनी जा सकती है। सबेहे उम्र की महिलायें इस ज्वेलरी को पहन सकती हैं।



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