Latest Updates
-
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक
योनि में सूखेपन से निपटने के 7 प्राकृतिक तरीके
हालाँकि महिलाएं कभी भी इस बारे में बात नहीं करती परंतु इस समस्या के कारण निश्चित ही उन्हें बहुत परेशानी होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि योनि के सूखेपन की समस्या से निपटना बहुत अधिक मुश्किल है। ऊपरी तौर पर इस समस्या के कोई लक्षण नहीं दिखते परन्तु महिलाओं के स्वास्थ्य पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।
इन 10 खराब जीवनशैली के कारण होता है वेजाइनल डिस्चार्ज
और क्या? यह समस्या सेक्स जीवन को भी प्रभावित करती है जिसके कारण शारीरिक अंतरंगता सीमित होती है तथा संक्रमण और एलर्जी की संभावना बढ़ जाती है। हालाँकि कई ऐसे तरीके हैं जिनसे योनि के सूखेपन की समस्या से निपटा जा सकता है। यहाँ कुछ तरीके बताए गए हैं जिनकी सहायता से आप बिना रसायनों का उपयोग किये इस समस्या से निपट सकते हैं।

1. ओमेगा–3 फैटी एसिड :
कुछ अध्ययनों से पता चला है कि ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में हो, सूखेपन की समस्या से निपटने में सहायक होते हैं। अत: अपने आहार में मछली, कद्दू, तिल, सनफ़्लावर सीड्स आदि को शामिल करें जो योनि के सूखेपन की समस्या से निपटने में सहायक होते हैं।

2. प्रोबायोटिक्स लें:
प्रोबायोटिक्स अच्छे और स्वस्थ बैक्टीरिया होते हैं जो योनि की गुहा में पी एच के संतुलन को बनाकर रखते हैं। दही तथा दूध के अन्य उत्पादों में उपस्थित लेक्टोबेसिली प्रोबायोटिक्स की श्रेणी में आता है। अध्ययनों से पता चला है कि नियमित तौर पर प्रोबायोटिक्स का सेवन करने से प्री मेनोपॉज़ तथा पोस्ट मेनोपॉज़ के समय महिलाओं में होने वाले योनि के संक्रमण को रोका जा सकता है तथा योनि के स्त्राव को बढ़ाकर योनि को प्राकृतिक तरीके से लुब्रिकेट रखा जा सकता है।

3. विटामिन लेना न छोड़ें:
विटामिन की गोलियाँ या विटामिन से समृद्ध खाद्य पदार्थ न केवल आपकी त्वचा को चमकदार बनाते हैं बल्कि आपकी योनि को भी स्वस्थ रखते हैं तथा आपके सेक्स जीवन में भी सुधार लाते हैं। विटामिन ए, ई तथा सी योनि के सूखेपन की समस्या से निपटने में सहायक होते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ खाएं जिनमें ये विटामिन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हों जैसे गाजर, कद्दू, शकरकंद और हरी पत्तेदार सब्जियां जिनमें विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। मुट्ठी भर मूंगफली, बादाम और सूरजमुखी के बीज खाएं तथा विटामिन ई के लिए पालक खाएं।

4. प्राकृतिक लुब्रीकेंट्स का उपयोग करें:
बाज़ार में कई तरह के लुब्रिकेंट्स उपलब्ध हैं जो आपको मनचाहा परिणाम देने का दावा करते हैं। हालाँकि कई महिलायें केमिकल्स के प्रति सेंसेटिव होती हैं या उन्हें एलर्जी हो जाती है। अत: सुरक्षित तरीका यह है कि ऐसे तेल का उपयोग करें जो आपके लिए आरामदायक हो। नारियल का तेल तथा जैतून का तेल सबसे उत्तम माने जाते हैं जो बिना कोई समस्या के लुब्रीकेशन में सहायक होते हैं।

5. धूम्रपान न करें तथा शराब न पीयें:
याद रखें कि तंबाखू तथा अल्कोहल दोनों ही इस क्षेत्र को लुब्रीकेट रखने के लिए किये जाने वाले प्रयासों को नष्ट कर सकते हैं। धूम्रपान से आपके शरीर में टॉक्सिंस की मात्रा बढ़ती है जिसके कारण शरीर को ऑक्सीजन नहीं मिलती और रक्त संचरण पर प्रभाव पड़ता है। दूसरी ओर अल्कोहल से मूत्र्की मात्रा बढ़ती है जिससे योनि के सूखने की समस्या बढ़ती है। इसी कारण कैफीन के सेवन को भी नियंत्रित करें।

6. बहुत सारा पानी पीयें:
शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलने के अलावा पानी योनि की गुहा तथा योनि की श्लेष्मा झिल्ली को नम रखने में सहायक होता है। इसकी कमी के कारण डिहाईड्रेशन और योनि में सूखेपन की समस्या आ सकती है। यहाँ योनि को स्वस्थ रखने के सात तरीके बताए गए हैं।

7. वजाइनल वॉश से दूर रहें:
वजाइनल वॉश योनि को साफ़ और स्वस्थ रखने का दावा करते हैं तथा सफ़ाई से कभी कभी फायदे से अधिक नुकसान हो जाता है। इन उत्पादों में पाए जाने वाले केमिकल्स योनि के क्षेत्र के पीएच संतुलन में बदलाव लाते हैं जिसके कारण योनि के सूखेपन की समस्या हो सकती है। अत: यदि आप इस क्षेत्र के पी एच संतुलन को बिगड़ना नहीं चाहते तो इनका उपयोग न करना ही ठीक है।



Click it and Unblock the Notifications
