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Eye Donation Myths : आंखें डोनेट करने से अगले जन्म में नहीं मिलती आंखें? जानें सच और झूठ
Eye Donation Myths & Facts : नेत्र दान को महादान कहा जाता है। नेत्र दान कर आप किसी को जरुरत मंद की जिंदगी में रोशनी भर सकते हैं। कई लोग मृत्यु के बाद अपनी आंखे दान कर इस पुण्य काम का हिस्सा बनते हैं। वहीं कुछ लोग कई सारे मिथक और भ्रांतियों की वजह से नेत्रदान करने से कतराते हैं। हम आज आपको यहां बता रहे हैं नेत्रदान से जुड़े 5 गलतफहमियों को दूर कर रहे हैं।

Myth: आंखें डोनेट करने की एज लिमिट होती है?
Fact: 1 साल से ऊपर का हर इंसान आंखें (कॉर्निया) डोनेट कर सकता है।
Myth: यदि आंखें दान कर दी गईं तो अगले जन्म में दृष्टि अक्षम हो जाएगी?
Fact: किसी को भी अगले जन्म के बारे में निश्चित नहीं है और अगर कोई होता भी है तो वह नए शरीर के साथ आता है और उसे पिछले जन्म की आंखों की जरूरत नहीं होती। यह एक पूर्ण मिथक है, और नेत्रदान संख्या में गिरावट का सबसे बड़ा कारण है।
Myth: नेत्रदान से मनुष्य का चेहरा ख़राब हो जाता है।
Fact: यह सच नहीं है क्योंकि ऐसा कहीं नहीं पाया गया कि नेत्रदान करने से चेहरा खराब हो गया हो। नेत्रदान के मामलों में, केवल कॉर्निया को हटा दिया जाता है, जिसे बाद में इसे एक आवरण से बदल दिया जाता है, ताकि आंखें बंद होने पर यह सामान्य दिखाई दे।
Myth: नेत्रदान मृत्यु के बाद किसी भी समय किया जा सकता है?
Fact: नेत्रदान व्यक्ति की मृत्यु के बाद बाहरी तापमान के आधार पर 8 से 12 घंटो के अदंर किया जाना चाहिए।
Myth: नेत्रदान धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध है?
Fact: कोई भी धर्म नेत्रदान का विरोध नहीं करता है। सभी धर्म इसे स्वीकार करते हैं। सभी धर्म लोगों की सेवा और उनके प्रति करुणा के भाव को प्रोत्साहन देते हैं। नेत्रदान इन सिद्धांतों के अनुरूप है।
Myth: नेत्रदान से अंधेपन का इलाज किया जा सकता है?
Fact: नेत्रदान में आंखों की बाहरी पारदर्शी परत यानि कॉर्निया का प्रत्यारोपण किया जाता है। इसलिए इसके द्वारा केवल कॉर्नियल ब्लाइंडनेस से पीड़ित लोगों की दृष्टि वापस आ सकती है। अन्य समस्याओं जैसे रेटिना की बीमारी या ग्लूकोमा के लिए अलग-अलग उपचार की जरूरत होती है और इन्हें नेत्रदान द्वारा ठीक नहीं किया जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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