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Health Advisory: महाराष्ट्र में GBS से हुई 2 मौतें, डिप्टी सीएम ने चिकन को लेकर दी जरुरी सलाह
Gbs outbreak : देश के कई राज्यों में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) के मामले बढ़ रहे हैं। ताजा मामला आंध्र प्रदेश का है, जहां 45 वर्षीय महिला की GBS के कारण मौत हो गई। अब तक इस वायरस की वजह से 21 मौतें हो चुकी हैं। वहीं, इसके 207 मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें 180 में GBS की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य मरीजों में लक्षण पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इनका इलाज जारी है।
14 फरवरी को दो और संदिग्ध मरीज मिले हैं। इस बीमारी के कारण अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 4 की पुष्टि GBS से हुई, जबकि अन्य संदिग्ध मरीज थे। 13 फरवरी को कोल्हापुर में नौवीं मौत दर्ज की गई।

ऑटोइम्यून बीमारी है GBS
GBS एक दुर्लभ ऑटोइम्यून विकार है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली तंत्रिकाओं पर हमला करती है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी, झुनझुनी और यहां तक कि लकवा भी हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं, विशेषकर खान-पान को लेकर, ताकि इस बीमारी के जोखिम को कम किया जा सके।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने दी सलाह
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने लोगों से अपील की है कि वे अपना भोजन, खासकर चिकन, अच्छी तरह से पकाकर खाएं ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) संक्रमण कैम्पिलोबैक्टर जेजुनी बैक्टीरिया से संक्रमित पानी और भोजन से हो सकता है। पवार ने कहा कि डॉक्टरों की भी यही सलाह है कि खाना पूरी तरह से पका हुआ होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि GBS की स्थिति नियंत्रण में है और मुर्गियों को मारने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार इस बीमारी पर नजर बनाए हुए है और जनता से सतर्कता बरतने की अपील कर रही है, ताकि इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
इन राज्यों में भी बढ़ा खतरा
महाराष्ट्र के अलावा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और राजस्थान में भी गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) के तीन मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में आंध्र प्रदेश के छह जिलों में GBS के नए मामले दर्ज किए गए हैं। विशाखापत्तनम और गुंटूर में पांच-पांच, काकीनाडा में चार, जबकि विजयनगरम, विजयवाड़ा और अनंतपुर जिलों में एक-एक मामला पाया गया है। आंध्र प्रदेश स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
वहीं, कर्नाटक में GBS को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है, क्योंकि राज्य में डायरिया के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दूषित पानी और भोजन से GBS का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए सतर्कता बरतने और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) से बचाव के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए
- हाथ धोने की आदत डालें, खासकर खाने से पहले और टॉयलेट के बाद। खाने-पीने की चीजों को साफ पानी से धोकर ही इस्तेमाल करें।
- चिकन, मांस और अंडे को अच्छी तरह पकाकर खाएं। दूषित पानी और अधपका भोजन खाने से बचें।
स्वच्छ और सुरक्षित पानी का सेवन करें।
- कैम्पिलोबैक्टर जेजुनी बैक्टीरिया से बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखें। डायरिया या पेट संक्रमण होने पर तुरंत इलाज करवाएं।
- पौष्टिक आहार लें और पर्याप्त नींद लें। नियमित व्यायाम करें और तनाव कम करने की कोशिश करें।
- शुरुआती लक्षणों जैसे कमजोरी, झुनझुनी या चलने में दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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