Latest Updates
-
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Akshaya Tritiya Wishes For Saasu Maa: सासु मां और ननद को भेजें ये प्यार भरे संदेश, रिश्तों में आएगी मिठास -
Aaj Ka Rashifal 19 April: अक्षय तृतीया और आयुष्मान योग का दुर्लभ संयोग, इन 2 राशियों की खुलेगी किस्मत -
Akshaya Tritiya 2026 Upay: अक्षय तृतीया पर करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-संपत्ति में होगी वृद्धि -
World Liver Day 2026: हर साल 19 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है विश्व लिवर दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और थीम -
Nashik TCS Case: कौन है निदा खान? प्रेग्नेंसी के बीच गिरफ्तारी संभव या नहीं, जानें कानून क्या कहता है
क्या तिल और सफेद बटर खाने से ठीक हो जाता है खूनी बवासीर? जानें कैसे और कब करें सेवन
How To Eat Sesame Seeds For Bleeding Piles: सर्दियों की सुबह बवासीर के मरीजों के लिए बहुत ही मुश्किलों भरी होती है। कड़कड़ाती ठंड न केवल बाहर का तापमान गिराती है, बल्कि हमारे शरीर के भीतर 'रुक्षता' (सूखापन) भी बढ़ा देती है। इसका सीधा असर हमारे पाचन पर पड़ता है, जिससे बवासीर (Piles) और खूनी बवासीर की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। अगर आप भी शौच के वक्त जलन, असहनीय दर्द या ब्लीडिंग से जूझ रहे हैं, तो आयुर्वेद में इसका एक बेहद सरल और प्रभावी समाधान छिपा है।
आइए जानते हैं डॉ. मनीषा मिश्रा के अनुसार, कैसे तिल का एक छोटा सा दाना बवासीर जैसी गंभीर बीमारी में रामबाण साबित हो सकता है। जल्दी से जान लेते हैं इसका सेवन कैसे करें और कौन से तिल बवासीर में फायदेमंद होते हैं?

सर्दियों में क्यों बढ़ जाती है कब्ज की समस्या?
आयुर्वेद में बवासीर को 'अर्श' कहा गया है। सर्दियों में ठंड के कारण हमारी आंतों की स्वाभाविक नमी कम हो जाती है, जिससे मल सख्त (Hard Stool) हो जाता है। घंटों एक जगह बैठकर काम करना और अनहेल्दी खान-पान आग में घी का काम करते हैं। जब कब्ज पुरानी हो जाती है, तो यह मलाशय की नसों पर दबाव डालती है, जिससे सूजन और ब्लीडिंग शुरू हो जाती है। ऐसे समय में सिर्फ दवाइयां काफी नहीं हैं; शरीर को अंदरूनी चिकनाई (Internal Lubrication) की सख्त जरूरत होती है।
कौन से तिल हैं ज्यादा फायदेमंद?
अब सवाल ये उठता है कि काले तिल या सफेद तिल कौन से बवासीर के मरीजों के लिए ज्यादा बेहतर हैं। डॉ मनीषा मिश्रा ने बताया कि खूनी बवासीर की समस्या के लिए वैसे तो काले तिल अच्छे होते हैं। मगर आपके पास काले तिल नहीं हैं तो आप सफेद तिल भी खा सकते हैं। सफेद तिल में भी कई प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो आपकी समस्या को कम कर सकते हैं।

बवासीर खत्म करने के लिए कैसे खाएं तिल?
डॉ. मनीषा मिश्रा ने बवासीर को खत्म करने के लिए तिल को खाने का सही तरीका बताया जो नीचे विस्तार से बताया गया है।
1. पुरानी कब्ज और कठोर मल के लिए (General Piles)
रोजाना सुबह खाली पेट एक बड़ा चम्मच भुने हुए तिल खूब चबा-चबाकर खाएं। इसके तुरंत बाद एक गिलास गुनगुना पानी पिएं। यह आपके मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करेगा और पेट को पूरी तरह साफ करने में मदद करेगा।
2. खूनी बवासीर और जलन के लिए (Bleeding Piles)
अगर शौच के साथ खून आता है या तेज दर्द होता है, तो तिल को ताजे सफेद मक्खन (Fresh White Butter) के साथ मिलाकर खाएं। सफेद मक्खन घावों को भरने (Healing) में मदद करता है और तिल ब्लीडिंग को रोकने में सहायक होता है। यह मिश्रण बवासीर के मरीजों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।
तिल बवासीर में कैसे फायदा करता है
बता दें कि तिल के बीज प्रकृति में गर्म, तैलीय और प्राकृतिक रूप से चिकनाई प्रदान करने वाले होते हैं। यह शुष्क सर्दियों के लिए सबसे बेहतरीन सुपरफूड हैं। तिल में मौजूद प्राकृतिक तेल आंतों को चिकना करते हैं और मल को नरम करते हैं। यह फाइबर और स्वस्थ वसा से भरपूर होता है जो गुदा मार्ग की सूजन को कम करने और मल त्याग को बिना दर्द के करने में मदद करता है।
बवासीर के मरीजों के लिए सावधानी
बवासीर के मरीजों को केवल नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी लाइफस्टाइल में भी सुधार करना चाहिए। उन्हें दिनभर में पर्याप्त गुनगुना पानी पीना चाहिए और फाइबर युक्त भोजन जैसे मौसमी फल और हरी सब्जियां अधिक खानी चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि वो घंटों एक जगह बैठने के बजाय बीच-बीच में टहलते रहें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











