Latest Updates
-
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ रहा है वायरल फीवर का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय -
Friendship Day Wishes For Best Friend: इन संदेशों के जरिए बेस्ट फ्रेंड को दें फ्रेंडशिप डे की बधाई -
Happy Friendship Day 2026 Wishes: तेरी मेरी यारी...इन संदेशों के साथ दोस्तों को दें फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाएं -
आगरा की अवनी गुप्ता ने Miss Supranational 2026 में बढ़ाया भारत का मान, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ बनाई टॉप 12 में जगह -
सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, एक्सपर्ट से जानें सावन में क्या खाएं और क्या नहीं -
Sawan Somwar Vrat 2026: क्या पीरियड्स में सावन सोमवार का व्रत रखा जा सकता है? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Lung Cancer Day 2026: स्मोकिंग न करने वालों को भी हो सकता है लंग कैंसर, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव -
August 2026 Vrat Tyohar: सावन शिवरात्रि से लेकर रक्षाबंधन तक, देखें अगस्त में आने वाले व्रत-त्योहारों की लिस्ट -
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव
Bird Flu Alert: झारखंड से लेकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बर्ड फ्लू की दहशत, एडवायजरी जारी, जानें लक्षण
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बर्ड फ्लू की दस्तक से हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने हजारों मुर्गे-मुर्गियां और 40 हजार अंडों को नष्ट कर दिया, वहीं नॉनवेज बिक्री पर रोक लगा दी गई है। महाराष्ट्र में 1 जनवरी से अब तक 7,200 मुर्गियों को मारा गया और 2,230 अंडे नष्ट किए गए। यहां बर्ड फ्लू के सात केंद्र सामने आए हैं।
आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में लाखों मुर्गियों की मौत हुई, जिसकी पुष्टि भोपाल स्थित एनआईएसएचएडी ने की। अब झारखंड में भी बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ गया है। देशभर से सामने आ रहे बर्ड फ्लू के मामलों ने एक बार फिर से दहशत का माहौल बना दिया है, जिसके बाद राज्य सरकारों ने गाइडलाइन जारी कर लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा है।
आइए आज हम इस आर्टिकल में जानें कि बर्ड फ्लू क्या है, इंसानों के लिए यह कितना खतरनाक हो सकता है और इसके लक्षण और इससे बचाव के उपाय।

बर्ड फ्लू क्या होता है?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, बर्ड फ्लू संक्रमण को एवियन इन्फ्लूएंजा (Avian Influenza) भी कहा जाता है। यह टाइप-ए वायरस के कारण होता है और मुख्य रूप से मुर्गे-मुर्गियों, अन्य पक्षियों और कुछ पशु प्रजातियों को संक्रमित करता है। बर्ड फ्लू खासतौर पर श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है और इंसानों में भी फैल सकता है।
इसके कई स्ट्रेन मौजूद हैं, जिनमें H5N1, H7N9, H5N6 और H5N8 शामिल हैं। इनमें से कुछ घातक होते हैं और पक्षियों की मौत का कारण बन सकते हैं।
बर्ड फ्लू क्यों फैल रहा है?
प्रवासी पक्षी: सर्दियों में कई पक्षी दूसरे देशों से भारत आते हैं। यदि वे पहले से बर्ड फ्लू वायरस से संक्रमित होते हैं, तो यह बीमारी स्थानीय पक्षियों में तेजी से फैल जाती है।
संक्रमित पक्षियों का संपर्क: यदि कोई स्वस्थ पक्षी बीमार पक्षी के साथ रहता है, तो वायरस उसके शरीर में भी प्रवेश कर सकता है, जिससे संक्रमण बढ़ता है।
गंदगी और लापरवाही: पोल्ट्री फार्म और खुले बाजारों में सफाई की कमी के कारण वायरस तेजी से फैलता है। दूषित पानी और भोजन भी संक्रमण को बढ़ावा देते हैं।
कच्चे मांस और अंडे से खतरा: यदि संक्रमित मुर्गी का अधपका मांस या अंडा खाया जाए, तो इंसानों में भी यह वायरस फैल सकता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
इंसानों में बर्ड फ्लू कैसे फैलता है?
NHS UK के अनुसार, बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षियों को मारने, छूने, पकाने, खाने या उनके मल-मूत्र के संपर्क में आने से इंसानों में संक्रमण फैल सकता है। पोल्ट्री फार्म और मीट मार्केट इस वायरस के प्रसार के लिए सबसे अधिक जोखिम वाले स्थान होते हैं।
सरकार ने जारी की चेतावनी
रांची में अलर्ट
रांची में प्रभावित इलाकों के 10 किलोमीटर के दायरे में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इन क्षेत्रों में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है, और संक्रमण रोकने के लिए पक्षियों को मारा जा रहा है। साथ ही, पक्षियों की खरीद और बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है ताकि बर्ड फ्लू का प्रसार रोका जा सके।
एमपी में चेतावनी
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में प्रशासन ने सभी चिकन दुकानें और पोल्ट्री फॉर्म तत्काल बंद कर दिए गए। चिकन और पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री व परिवहन पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि चिकन और अंडों का सेवन न करें और बीमार या मृत पक्षियों की सूचना तुरंत दें।
आंधप्रदेश में गाइडलाइन जारी
जिला कलेक्टर पी. प्रशांति ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और चिकन व अंडों की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनता से चिकन और अंडों से कुछ दिनों तक दूर रहने और संदिग्ध लक्षणों पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की अपील की। सरकार और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। पोल्ट्री फार्मरों को बायोसिक्योरिटी अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
बर्ड फ्लू के लक्षण
पक्षियों में: थकान, भूख न लगना, अंडे कम देना, पंख फड़फड़ाना, आँखों से पानी आना और अचानक मृत्यु।
इंसानों में: तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में दिक्कत और कुछ मामलों में निमोनिया जैसी गंभीर समस्याएं।
जानवरों में: सुस्ती, खाने में कमी, कमजोरी और कुछ मामलों में अचानक मृत्यु।
बर्ड फ्लू इंसानों में दुर्लभ मामलों में फैलता है, लेकिन यह गंभीर संक्रमण पैदा कर सकता है, इसलिए सतर्कता जरूरी है।
बर्ड फ्लू से कैसे बचाव करें?
सर्दियों में बर्ड फ्लू के मामले बढ़ते हैं, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। जिन इलाकों में बर्ड फ्लू फैला है, वहां जाने से बचें और संक्रमित पक्षियों या जानवरों के संपर्क में न आएं। चिकन और अंडे को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं, कच्चे या अधपके मांस से परहेज करें। पोल्ट्री फार्म और आसपास की जगहों को साफ-सुथरा रखें। यदि किसी पक्षी या जानवर में बीमारी के लक्षण दिखें, तो तुरंत स्थानीय प्रशासन या पशु चिकित्सा विभाग को सूचित करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications