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Chaitra Navratri Fasting: कैसे बनाएं नवरात्र को सेहत के नौ दिन
आज से नवारात्र शुरू हो रहे हैं। भक्ति के इन दिनों में शरीर का खासा ध्यान रखें। वरना शरीर साथ नहीं निभाएगा। व्रत रखने का सोच रहे हैं, तो हम बता दें हेल्थ का ध्यान रखें, ताकि सेहत पर कोई असर न पड़े।
गर्मी भी बढ़ रही है और कोरोना के केस में भी इजाफा देखा जा रहा है। इन हालातों में आप व्रत रखने का सोच रहे हैं, तो हम आपको बता दें कि सेहत के प्रति आपको लापरवाह नहीं होना चाहिए।

वर्किंग हैं तो खास हो डायट
व्रत तो सभी कर सकते हैं, लेकिन काम के साथ व्रत करना कठिन हो जाता है। आप ऑफिस में हैं या स्कूल में टीचर हैं या कोई भी शारीरिक काम, इन सभी कार्यों में शारीरिक ऊर्जा की काफी खपत होती है। ऐसे में व्रत की डायट स्पेशल होनी चाहिए। खास डायट से एनर्जी लेवल बरकरार रहेगी।
कुछ फायदें भी हैं
बॉडी को डिटॉक्सीफाई करने के लिए व्रत का नियम मुफीद है। डिटॉक्सीफाई से मतलब है शरीर से विषैले तत्वों का निकल जाना। साथ इस नियम से पाचन क्रिया दुरुस्त होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप खाने से दूरी बना लें।

स्पेशल हो डायट
सबसे पहले आपको बता दें कि व्रत का मतलब यह नहीं है कि आप दिनभर भूखे रहें और रात को खाने पर टूट पड़ें। इससे भले ही मन को सुकून रहेगा कि व्रत का निर्वाह कर लिया, लेकिन बीमारियां आपको जकड़ लेंगी। लेने के देने से बचने के लिए आप इन खास दिनों में डाइट में हेरफेर लाएं।
बेड टी की जगह ग्रीन टी लें। साथ या कुछ देर बाद आप खजूर लें। ब्रेकफास्ट में मिल्क शेक के साथ फल व ड्राई फ्रूट लें। मिड मॉर्निंग में नारियल पानी लें।
दोपहर के खाने में साबूदाने की खिचड़ी, सब्जी, दही और छाछ लें। सिंघाड़े या कुटू कम उपयोग में लाएं। कसी सब्जियां डालने से पौष्टिकता बढ़ाएं।
शाम की चाय की जगह दही या छाछ लें। स्नैक्स में फ्रूट चाट लें। सेंधा नमक, चीनी व तले पर लगाम कसें।
डिनर की शुरुआत वेजिटेबल सूप से करें। डिनर में कुट्टू के आटे की पूड़ियां और आलू की सब्जी ली जा सकती है। बेड टाइम पर एक गिलास हल्का गुनगुना दूध लें।
कहा जाता है कि वत्र के दौरान खट्टे फल एसिडिटी बढ़ाते हैं, लेकिन यह सरासर गलत है। ये पाचन क्रिया को दुरुस्त करते हैं।

थोड़ा संभलकर
कमजोरी के कारण दिनभर थकावट या कोई बीमारी है, तो संभलकर व्रत में डायट लें। डायट में लापरवाही बरती तो बीमारी के अलावा कमजोरी, चक्कर आना, शुगर लेवल कम हो जाना, नींद में कमी, लो एनर्जी लेवल।
व्रत में आप नह्रीं
मधुमेह के मरीजों, डायबीटीज, हाइपरटेंशन के मरीज और गर्भवती महिलाओं को व्रत करने से परहेज करना चाहिए. व्रत रखने से शुगर लेवल कम हो सकता है और यह ठीक नहीं है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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