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Covid 19: कोरोना ने बढ़ाई टेंशन... क्या फिर लगेगा लॉकडाउन? RT PCR किट का अभाव, परेशान हो रहे पेशेंट
Covid 19 Cases Updates: भारत में कोविड-19 मामलों में तेजी आई है। देश में पिछले 48 घंटों में कोरोना के करीब 769 नए केस सामने आ गए हैं। इतनी तेजी से पैर पसार रहे कोविड-19 ने लोगों के साथ सरकार की भी चिंता बढ़ा दी है। अब एक्टिव केसों की संख्या 6,000 के पार पहुंच गई है। खासतौर पर दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिंता जताते हुए मॉक ड्रिल की तैयारी शुरू कर दी है। लोगों के जेहन में कोविड के बढ़ते केसों को देखकर सवाल उठ रहा है कि क्या फिर से लॉकडाउन जैसे हालात होने वाले हैं? इसके अलावा कई पेशेंट्स को तो RT PCR टेस्ट करवाने में भी बहुत दिक्कत आ रही है। सरकारी अस्पतालों में और कई निजी अस्पतालों और लैब केंद्रों में भी RT PCR किट की कमी देखी गई।
कोरोना के बढ़ते केसों ने बढ़ाई टेंशन
जिस रफ्तार से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं ऐसा लग रहा है कि महामारी पहले की तरह तांडव मचा सकती है। अब तक देशभर में कोविड के केस 6,000 के पार पहुंच गए हैं। वहीं हर दिन संख्या घटने की जगह या थमने की जगह बढ़ ही रही है। ऐसे में न सिर्फ आम लोग बल्कि केंद्र सरकार के माथे पर भी चिंता की लकीर आ गई है। हर किसी को डर है कि इसी रफ्तार से कोविड फैलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब हर तरफ कोहराम मचा होगा।

क्या फिर लगेगा लॉकडाउन?
पहले भी कोविड-19 ने ऐसा हाहाकार मचाया कि कई घरों के दीपक बुझ गए। आलम ये था कि सरकार को लॉकडाउन लगाना पड़ा। इससे सिर्फ आम जन-जीवन प्रभावित हुआ बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी चरमरा गई। अब कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए एक बार फिर से लोग कयास लगा रहे हैं कि लॉकडाउन लग सकता है। हालांकि सरकार की ओर से इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा उछाल अत्यधिक खतरनाक नहीं है और धीरे-धीरे एंडेमिक स्तर पर उतर रहा है। ऐसे में फिलहाल लॉकडाउन की कोई संभावना नहीं है, लेकिन राज्यों से अस्पताल तैयार रहने और सामग्री पूरी करने की रिपोर्ट आई है।
RT PCR किट की कमी से मरीज परेशान
कोरोना के बढ़ते केस सिरदर्द बन रहे हैं। इससे भी ज्यादा टेंशन की बात ये है कि कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर जब मरीज अस्पताल में RT PCR टेस्ट करवाने पहुंच रहे हैं तो वहां किट ही उपलब्ध नहीं है। दिल्ली में भी ऐसी समस्या देखने को मिली है। भावना नाम की एक महिला को जब कोरोना के लक्षण दिखाई दिए तो वो सरकारी डिस्पेंसरी पहुंची तो पता चला कि वहां किट ही नहीं है। प्राइवेट अस्पतालों और लैब से भी उन्हें शुरुआत में निराशा ही हाथ लगी लेकिन बाद में एक लैब में टेस्ट संभव हो पाया। मध्य प्रदेश में भी RT-PCR किट्स की कमी से डायग्नोसिस में देरी हो रही है। कुछ मामलों में सिर्फ CT स्कैन से संक्रमण की पहचान हो रही है।
किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?
कोरोना से सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्ग और क्रॉनिक बीमारियों वाले लोग खासतौर पर कार्डियो/डायबिटीज/इम्यूनोसप्रेस्ड मरीज सबसे प्रभावित हो रहे हैं। नए Omicron वेरिएंट्स (JN.1, LF.7) ने नौजवानों में भी हलके लक्षणों के साथ संक्रमण बढ़ाया है, लेकिन ज्यादातर केस माइल्ड हैं। हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।

कोरोना से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
1. मास्क पहनें, खासकर भीड़ में या स्वास्थ्य संबंधी लक्षण होने पर।
2. RT-PCR या रैपिड टेस्ट तुरंत कराएं, अगर हल्के लक्षण दिखें।
3. अपने बूस्टर वैक्सीन अपडेट रखें, खासकर Omicron वेरिएंट के लिए।
हाथ धोएं, साबुन/सैनिटाइजर प्रयोग करें, और केंद्र व स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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