Delhi-NCR में जल्द दस्तक देगा मानसून! जानें बारिश में बीमारियों से बचने के लिए क्या खाएं-क्या न खाएं?

Delhi-NCR Mein Monsoon Kab Ayega: उमस भरी गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। हर कोई बस मानसून का इंतजर कर रहा ताकि इस चुभती -जलती गर्मी से निजात मिल सके। आमतौर पर 27 जून तक दिल्ली-एनसीआर में मानसून दस्तक दे देता है लेकिन इस बार चाल थोड़ी धीमी है। मगर आप परेशान न हों क्योंकि मौसम विभाग ने जल्द मेघ बरसने की खबर दे दी है। IMD यानी भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में मजबूतलो-प्रेशर सिस्टम नहीं बनने की वजह से मानसून में देरी हो गई है। हालांकि उम्मीद है कि जल्द ही मानसून दस्तक देगा, लेकिन वो अपने साथ कई बीमारियों को भी साथ लाएगा। आइए जान लेते हैं कि दिल्ली-एनसीआर में कब होगी मानसून की पहली बारिश, इस दौरान क्यों बढ़ जाता है बीमारियों का खतरा और इस दौरान क्या खाएं व किन चीजों से रखें परहेज।

दिल्ली-एनसीआर में कब होगी मानसून वाली बारिश?

मौसम विभाग के अनुसार, अगर सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले 2 से 3 दिनों में मानसून के दिल्ली-एनसीआर में पहुंचने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली में 2 जुलाई से मौसम करवट ले सकता है जिससे चुभती गर्मी से राहत तो जरूर मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर में जमकर मेघ बरसने की संभावना है जिससे उमस भरी गर्मी थोड़ी कम जरूर हो जाएगी। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली-एनसीआर के अलावा और कहां-कहां होगी बारिश

IMD के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में भी 2 से 5 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं अन्य जगहों पर भी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि उत्तराखंड में तो भारी बारिश के चलते आम लोगों की परेशानी बढ़ भी सकती है क्योंकि इस दौरान वहां पर भू-स्खलन जैसी दिकक्तें देखने को मिलती है।

मानसून में क्यों बढ़ जाता है बीमारियों का खतरा?

दरअसल, बारिश के मौसम में बीमारियों का खतरा इसलिए अधिक बढ़ जाता है क्योंकि इस दौरान वातावरण में नमी के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं। दूषित पानी और बासी भोजन के कारण पेट के संक्रमण, डायरिया, टाइफाइड और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी रहता है।

मानसून में क्या खाना चाहिए?

1. बारिश के मौसम में हमेशा ताजा, गर्म और घर में बना भोजन खाने की कोशिश करें। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है।

2. सेब, नाशपाती, अनार, पपीता और केला जैसे फलों का सेवन करें। फल खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना न भूलें।

3. दलिया, मूंग दाल, खिचड़ी, सूप और उबली हुई सब्जियां पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव नहीं डालतीं और शरीर को ऊर्जा भी देती हैं।

4. बरसात में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं।

5. अदरक, हल्दी, लहसुन, तुलसी और विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थ इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद करते हैं।

मानसून में किन चीजों से करें परहेज?

1. बारिश के मौसम में स्ट्रीट फूड और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें, क्योंकि इनमें संक्रमण का खतरा अधिक होता है।

2.पालक, पत्ता गोभी और अन्य पत्तेदार सब्जियों में इस मौसम में कीटाणु और गंदगी अधिक हो सकती है। इन्हें अच्छी तरह धोकर और पकाकर ही खाएं।

3. बाजार में पहले से कटे हुए फल खाने से बचें। इनमें बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं।

4. बहुत ज्यादा तला-भुना भोजन पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है। इसलिए हल्का और संतुलित भोजन करना बेहतर रहता है।

5. बारिश के मौसम में खाना जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए लंबे समय तक रखा हुआ भोजन खाने से बचें।

किन लोगों को बरसात में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और मधुमेह या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को मानसून के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी तरह की तबीयत खराब होने पर डॉक्टर से सलाह लेने में देरी न करें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, June 30, 2026, 16:07 [IST]
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