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रमजान में मधुमेह रोगी अपनाएं ये हेल्दी डाइट प्लान
रमजान के मौके पर काफी सारे लोग रोज़े रखते हैं, जिसका सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ता है। सारा दिन भूखे रहने के कुछ फायदे भी होते हैं और कुछ नुकसान भी।
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युवा और स्वस्थ लोगों के लिये दिनभर भूखा रहना उतना मुश्किल नहीं होता जितना कि कमज़ोर और बीमार लोगों के लिये होता है। अगर आप मधुमेह से पीडित है तो अपनी डाइट का खास ख्याल रखें जिससे रोजे़ के दौरान आपका ब्लड शुगर काफी नीचे या ऊपर ना चला जाए।
आइये जानते हैं कुछ डाइट प्लान जिसे आपको ध्यान में रख कर फिर रोजे रखने चाहिये।

1. अपने डॉक्टर से मिलेंः
यह बहुत जरुरी है कि रोजे रखने से पहले अपने डॉक्टर से मिल कर उनकी सलाह लें। किसी भी बीमारी को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिये। अपने डॉक्टर से मिल कर उनसे अपने लिये डाइट प्लान बनवाएं। अपनी सेहत से बिल्कुल भी खिलवाड़ ना करें नहीं तो काफी खतरा हो सकता है।

2. डॉक्टर की सलाह मानेंः
यदि आपके डॉक्टर आपको रोजे रखने से मना कर रहे हैं, तो इसके पीछे जरुर कोई गहरा कारण होगा। खुद से कोई फैसला ना ले लें, नहीं तो परिणाम घातक हो सकता है। आखिर सेहत ही सबसे बडा धन है।

3. ठीक से खाएंः
सहरी के समय एक दम से खाने पर टूट ना पडें। इससे आपका ब्लड शुगर अचानक से बढ सकता है। धीरे-धीरे खाएं और सतर्क हो कर खाएं। आपका खाना एक बैलेंस मील होना चाहिये।

जब डॉक्टर की सलाह के बाद रोज़े रखने का निर्णय लें तब क्या करें?
1. हो सकता है कि आप का आमतौर पर काम आने वाला इंसुलिन काम ना करे, इसलिये अपने डॉक्टर से बात करें।
2. रोजे के दौरान, प्री मिक्स इंसुलिन का प्रयोग ना करें।
3. ऐसे आहार खाएं जो शरीर दृारा धीरे-धीरे ग्रहण किया जाए जैसे, चावल।

जब डॉक्टर की सलाह के बाद रोज़े रखने का निर्णय लें तब क्या करें?
4. अपने ब्लड ग्लूकोज लेवल को दिन में कई बार चेक करते रहें।
5. खूब सारा तरल पदार्थ पियें। इस दौरान डीहाइड्रेशन का शिकार ना बनें।
6. ज्यादा कैलोरी वाली एवं तली हुई चीजें नहीं खानी चाहिए। इसकी बजाय उन्हें रेशे की प्रचुरता वाले खाद्य पदार्थ खाने चाहिए।

मधुमेह रोगी को क्या-क्या खतरा हो सकता है
सारा दिन खाली पेट रहने से आपका शुगर लेवल बुरी तरह से डाउन जा सकता है, इसलिये सभी मरीज़ों को लो ब्लड शुगर के लक्षणों से परिचित रहना चाहिये। अगर आपको लक्षण साफ दिखाई दें तो रोजे जारी नहीं रखने चाहिये।

मधुमेह रोगी को क्या-क्या खतरा हो सकता है
अगर आपको मधुमेह के साथ साथ दिल या किडनी की भी बीमारी है, तो आपको रोजे रखने से बचना चाहिये। यह आपकी बीमारी को और भी ज्यादा बढा सकता है।

मधुमेह रोगी को क्या-क्या खतरा हो सकता है
रमजान के दौरान मधुमेह पीड़ित रोजेदारों को हाइपोग्लाइसीमिया (रक्त शर्करा स्तर में अचानक गिरावट) का सामना करना पड़ सकता है, जो दौरे एवं बेहोशी या अचानक रक्त शर्करा बढ़ने का सबब बन सकती है।

मधुमेह रोगी को क्या-क्या खतरा हो सकता है
इंसुलिन लेने वाले मरीजों को रोजे से परहेज करना चाहिए। एक दिन में करीब 14-15 घंटों तक कुछ भी न खाना शर्करा के निम्न स्तर को दावत दे सकता है।



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