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जानें, डायबिटीज़ आपकी आँखों को कैसे प्रभावित कर सकता है?
जब मनुष्य के शरीर में जरूरत के अनुसार इंसुलिन हार्मोन नहीं बनता है, तो डायबिटीज़ की समस्या होती है। ऐसा तब भी होता है जब इंसुलिन बनता है लेकिन अपना काम ठीक से नहीं कर पाता है, ऐसे में व्यक्ति डायबिटीज़ से पीड़ित होता है और पहले की तरह कार्बोहाइड्रेट और शुगर नहीं ले सकता है। दुनिया भर में बहुत से लोग डायबिटीज़ से पीड़ित हैं।
यह बच्चों में भी होता है, पर बच्चों में यह बहुत कम होता है जब कि युवा लोगों में शुगर होना आम बात है। यह किसी व्यक्ति के डायबिटीज़ होने का पता चल जाता है तो उसे डॉक्टर की सलाह का ठीक तरह से पालन करना चाहिए।
इसके साथ ही उसे नियमित रूप से नेत्र विशेषज्ञ से भी संपर्क करना चाहिए। आप सोचेंगे कि डायबिटीज़ का आँखों के डॉक्टर से क्या मतलब है, लेकिन शायद आप नहीं जानते कि डायबिटीज़ आँखों को कैसे प्रभावित करती है, आइये हम बताते हैं।
आपके रक्त में शुगर के अधिक होने से ना केवल आँखों पर प्रभाव पड़ता है बल्कि यदि सही से ध्यान नहीं दिया जाये तो आप अंधे भी हो सकते हैं। इसलिए, हम आपको बता रहे हैं कि डायबिटीज़ आपकी आँखों को कैसे खराब कर सकता है।

1. डायबेटिक रेटिनोपैथी:
डायबेटिक रेटिनोपैथी आँखों की एक खतरनाक बीमारी है। यह रेटिना की रुधिर वाहनियों को प्रभावित करता है, इससे ये ब्लॉक होकर या लीक होकर आपकी नजर को खराब कर सकता है।

2. प्रोलिफेरेटिव रेटिनोपैथी :
यह डायबेटिक रेटिनोपैथी का ही एक प्रकार है जिसमें रेटिना में एक अनावश्यक नस बढ़ जाती है। इसकी 4 स्टेज होती हैं जिनमें से 3 स्टेज नॉन- प्रोलिफेरेटिव होती हैं लेकिन इनमें भी आवश्यक नस में सूजन या ब्लोकेज होता है और चौथी स्टेज आँखों में प्रोलिफेरेटिव रेटिनोपैथी है।

3. डायबेटिक मैक्युलोपैथी:
यह भी डायबिटीज़ से होने वाली आँखों की समस्या है, जिसमें मैकूला प्रभावित होता है। हालांकि इसमें चारों और की नजर ठीक रहती है लेकिन एक सामने की नजर इससे प्रभावित होती है। इससे व्यक्ति सब कुछ देख सकता है लेकिन सामने वाले का चेहरा सही से दिखाई नहीं देती हैं।

4. मोतियाबिंद:
मोतियाबिंद में आँख के लैंस के आगे रुकावट आ जाती है जिससे दिखाई नहीं देता है, यह समस्या भी डायबिटीज़ के कारण हो सकती है। हालांकि यह कई कारणों से हो सकता है लेकिन डायबिटीज़ में इनका खतरा बढ़ जाता है। यह समस्या उम्र के एक पड़ाव पर खास तौर पर होती है, जिसे लेजर ऑपरेशन से ठीक किया जा सकता है।

5. ग्लूकोमा:
डायबिटीज़ के मरीजों में ग्लूकोमा का खतरा भी बढ़ जाता है। इसमें आँखों का तरल पदार्थ बाहर नहीं निकल पाता है जिससे आँखों पर दबाव बढ़ता है। इससे नसें खराब होती हैं और आँखों की समस्या होती है।

6. कई कारणों से कम दिखना:
डायबिटीज़ के मरीज को पूरा और साफ ना दिखने की समस्या हो सकती है। उन्हें धुंधला और दो-दो चीजें दिखने, तेज रोशनी में रेटिना को चोट पहुँचना, काले धब्बे दिखना, लाल धब्बे, आँखों में धारियाँ आदि समस्याएँ हो सकती हैं, जिनसे खून आना या आँखों की नजर के आगे पर्दा छा सकता है और आँखें खराब हो सकती हैं।



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