Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
कैसे इंसुलिन नियंत्रण करता है डायबिटीज, जानिए क्यों है जरुरी?
हाल ही में एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि 2030 तक डायबिटीज टाइप 2 के रोगियों की संख्यां 40.56 करोड़ से बढ़कर 51 करोड़ तक पहुंच जाएगीं, लेकिन उससे भी बुरी खबर ये है कि बढ़ते डायबिटीज रोगियों की संख्या की वजह से इंसुलिन की उपब्धता में किल्लत होने लगेगी। इंसुलिन की आपूर्ति और बढ़ती डिमांड की वजह से बहुत से डायबिटीज मरीजों को इलाज में काफी समस्या आएंगी। दरअसल अभी से अमेरिका जैसे देशों में इंसुलिन की उपलब्धता में कमी आने लगी है और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसके दाम आसमान छू रहें है, जो कि चिंता का विषय है।
दुनियाभर में टाइप 2 डायबीटीज तेजी से फैल रहा है जिसका संबंध मोटापा और एक्सर्साइज की कमी से है। लोगों की बदलती लाइफस्टाइल टाइप 2 डायबीटीज की सबसे बड़ी वजह है। आइए जानते है कि इंसुलिन इतना क्यों है जरुरी है।

इंसुलिन क्या है?
इंसुलिन एक तरह का हॉर्मोन है जिसका निर्माण अग्नाशय करता है। डायबीटीज होने पर अग्नाशय कार्य करना बंद कर देता है जिससे शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है और शरीर में ग्लूकोज और शुगर का नियंत्रण भी बंद हो जाता है। शुगर को कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन दिए जाते है।

टाइप 2 के लिए क्यों जरूरी है इंसुलिन?
अगर खान-पान, लाइफस्टाइल और दवाईयों के जरिए डायबिटीज को नियंत्रित नहीं होता है तो इंसुलिन थैरेपी का सहारा लिया जाता है। डायबिटिक रोगियों को बीमारी के बारे में पता चलने के कुछ साल बाद इंसुलिन लेनी पड़ती है। इसका बड़ा कारण पैक्रियाज यानी अग्नाशय में इंसुलिन का उत्पादन घटना होता है। शरीर में इंसुलिन की मात्रा को संतुलित करने के लिए इसे दिया जाता है। अगर रोगी डायबिटीज को कंट्रोल में नहीं रखता तो इससे उसका हार्ट, किडनी, आंख और नर्वस सिस्टम प्रभावित हो सकता है।

इंसुलिन थेरेपी कैसे मदद करती है?
पैंक्रियाज़ से निकलने वाला इंसुलिन आपके ब्लड शुगर को नॉर्मल रेंज में बनाए रखता है। आपका शरीर ख़ुद-ब-ख़ुद शुगर लेवल के प्रति अपनी प्रतिक्रिया देता है और ये पूरे दिन कम मात्रा में बैसल इंसुलिन जारी करता रहता है, जिससे खाने के दौरान और रात में ब्लड शुगर को मैंटेन किया सके। जब आप कुछ खाते हैं तो ये आपके खाने को सोखकर निकली चीनी के बदले बोलस इंसुलिन का उत्पादन करती है।
इंजेक्शन या इंसुलिन पंप के ज़रिए लिया गया इंसुलिन शरीर पर प्राकृतिक इंसुलिन के समान ही अपना असर दिखाता है। ये नॉर्मल इंसुलिन के स्तर का अनुमान लगाकर हाई ब्लड शुगर (उच्च रक्त शर्करा) को कम करने में मदद करता है। इसके लिए, आपकी इंसुलिन थेरेपी में निम्न चाज़ों का शामिल होना ज़रुरी है।

चार तरह के होते है इंसुलिन
इंसुलिन भी चार तरह के होते है। हर इंसुलिन का प्रकार उसकी समय अवधि पर निर्भर करता है। अगर आपको चाहिए कि इंसुलिन तुरंत अपना असर दिखाना शुरु कर दे तो इंजेक्शन लेने के करीब 15 मिनट में यह इंसुलिन अपना कार्य करना शुरु कर देता है। और एक घंटे के बाद इसका असर देखने को मिलता है। एक से चार घंटों तक कार्य करती है।



Click it and Unblock the Notifications
