डायबिटिक पेशेंट चिरायता जड़ी बूटी का करें इस्तेमाल, ब्लड शुगर रहेगा कंट्रोल

Chirata

भारत में सदियों से आयुर्वेद पर भरोसा किया जा रहा है। छोटे मोटे बुखार से लेकर बड़ी बीमारियों में आयुर्वेद ने अपने आपको साबित किया है। आज भारत के साथ विदेशों में भी आयुर्वेद का चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है। हर बीमारी से बचाने में जड़ी बूटी काफी असरदार रही हैं। हर एक जड़ी बूटी का अपना एक अलग महत्व है। ऐसे ही चिरायता यानी स्वेर्टिया जड़ी बूटी भी आपके स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है।

चिरायता का इस्तेमाल मलेरिया के कारण हुए बुखार को उतारने के लिए भी किया जाता रहा है। पिछड़े इलाकों में आज भी बुखार होने पर या शरीर पर किसी भी तरह के फोड़े फूंसी होने पर चिरायता को दवाई की तरह यूज किया जाता है। हाल ही में किए गए एक रिसर्च में सामने आया कि चिरायता ब्लड शूगर के लेवल को भी कंट्रोल करने में मदद करता है। आइए आपको डिटेल में बताते हैं चिरायता के चमत्कारी फायदों के बारे में...


क्या है चिरायता

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन ने पूरी दुनिया के 21 हजार पौधों को चिकित्सकीय इस्तेमाल के लिए सही माना है। जिनमें 800 पौधों को एंटी डायबिटिक कहा गया है। इन एंटी डायबिटिक में एक चिरायता का पौधा भी शामिल है। यह पौधा भारत में पाया जाता है। जिसकी लंबाई डेढ़ मीटर तक होती है। इस पौधे की पत्ती, डंडी यहां तक की जड़ को भी बीमारियों से लड़ने में सक्षम माना गया है। चिरायता आपके सेहत के लिए काफी लाभदायक होता है। चिरायता में अल्केलॉइड्स ग्लायकोसाइड्स, एंटी-ऑक्सीडेंट्स, गुण शामिल है। चिरायता से खांसी से लेकर कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने के गुण होते है। डायबिटिक पेशेंट के लिए भी चिरायता किसी वरदान से कम नहीं है।

Chirata

आयुर्वेद में चिरायता का उपयोग

आयुर्वेद और होमियोपैथ की दवाओं में भी चिरायता का इस्तेमाल किया जाता है। चिरायता आपके शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकाल कर आपके पाचन तंत्र को ठीक करता है। इतना ही नहीं कई तरह की स्किन प्रॉब्लम को भी ठीक करने में मदद करता है। रिसर्च के मुताबिक ये ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करने में सक्षम है।


ब्लड शुगर लेवल को कैसे कंट्रोल करता है चिरायता

ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में चिरायता काफी लाभाकारी औषधि है। चिरायता में बायो एक्टिव कंपाउंड अमरोंगेटन पाया जाता हैं। जिसके कारण यह एंटी डायबिटिक प्रभाव दिखाता है। चिरायता हाइपोग्लाइसेमिक गुणों से भरपूर होता है। इसलिए यह डायबिटिक पेशेंट के लिए फायदेमंद होती है। ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए डायबिटिक पेशेंट को सुबह खाली पेट चिरायता के पानी पीना चाहिए।

डायबिटिज के मरीज इस तरह करें चिरायता का सेवन

एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्लड शुगर पेशेंट को रोज सुबह खाली पेट चिरायता के पानी का सेवन करना चाहिए। आप चाहें तो चिरायता का काढ़ा या चूर्ण का भी सेवन कर सकते हैं। चिरायता की चाय पीना भी आपके सामने एक अच्छा ऑप्शन है। लेकिन अगर आपकी दवाईयां पहले से चल रही हैं, तो एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरुर लें।

चिरायता के और फायदे

आयुर्वेद में स्किन प्रॉब्लम के इलाज के लिए भी चिरायता और नीम के पत्तों को काफी उपयोगी माना गया है। यहां तक की किसी भी तरह की चोट पर चिरायता के पत्तों का लेप लगाने से आपका घाव भी जल्दी भरने लगता है। यहां तक की चिरायता आपके लिवर को भी डिटॉक्स करने में मदद करता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, September 30, 2022, 17:01 [IST]
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