Latest Updates
-
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम -
Corona Alert: फिर लौट रहा कोरोना? आंध्र प्रदेश में 2 मौतें, 4 नए केस से बढ़ी चिंता -
बारिश में बनाएं क्रिस्पी मूंग दाल के पकौड़े और हरे धनिए-पुदीने की चटनी, नोट कर लें आसान रेसिपी -
योगिनी एकादशी की शुभकामनाएं संस्कृत में भेजें, देवभाषा के इन मंत्रों और सूक्तियों से अपनों का दिन बनाएं मंगलमय -
इस कथा के बिना अधूरा है योगिनी एकादशी व्रत, मिलता है 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य -
Yogini Ekadashi 2026 Wishes: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', इन भक्तिमय संदेशों से अपनों को दें शुभकामनाएं -
बारिश का पानी स्किन के लिए अच्छा या खराब, जानें मानसून में इसके फायदे और नुकसान -
AC कोच बना 'हनीमून सुइट', फूलों-गुब्बारों से सजाया ट्रेन का डिब्बा, वायरल हुआ वीडियो, जानें रेवले के नियम -
Kiara Advani ने यश संग 'तबाही' में दिए दिए इंटीमेट सीन, जानें कैसे शूट किए जाते हैं बोल्ड सीन? -
एक्टर राजेश शर्मा को जहरीले कीड़े ने काटा, हालत नाजुक, जानें मानसून में क्यों बढ़ता है सांप कीड़ों का खतरा
गोलियाँ तोड़कर खाने का ख़तरा
दवाई तोड़कर खाने का ख़तरा
अगर आप अपनी दवा की गोली तोड़ कर खाते हैं, तो सावधान. ऐसा एक शोध का कहना हैं.बेल्जियम के घेंट विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.सबसे ज़्यादा ख़तरा उन दवाओं से है, जिन दवाओं में बीमारी ठीक करने लायक ख़ुराक और इसके सेहत के लिए ख़तरनाक होने के बीच बहुत कम फ़र्क है.ये शोध जरनल ऑफ़ एडवांस्ड नर्सिंग में प्रकाशित की गई है.
घेंट विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाँच वॉलंटियर्स को आठ अलग-अलग आकार की गोलियां दी थी और उनसे इन्हें तीन तरीक़े से तोड़ने को कहा था.इस शोध में सम्मिलित सभी लोगों ने गोली तोड़ने के लिए बने एक विशेष औज़ार, चाकू और कैंची का इस्तेमाल करके तीन तरीक़ों से गोलियाँ तोड़ी.शोधकर्ताओं को पता चला कि 31 प्रतिशत गोलियाँ ऐसे तोड़ी गई कि दवा के दूसरा हिस्से में दवा की जितनी ख़ुराक होनी चाहिए, वो उससे कहीं कम थी.
शोध से ये भी पता चला कि विशेषज्ञ यंत्र सबसे कारगर था फिर भी 13 प्रतिशत मामलों में इसमें ग़लतियाँ हुईं.इनमें कई बीमारियों जैसे हृदय रोग, पारकिन्संस, गठिया जैसे रोगों में दी जाने वाली गोलियाँ थी.शोध का नेतृत्व कर रही डॉ. चारलोट वेर्यु का कहना हैं कि दवाओं को तोड़ने के कई कारण हो सकते हैं.उन्होंने बताया, "ये कई कारणों से होता है, ताकि आप अपनी ख़ुराक में लचीलापन ला पाएं, ताक़ि आप गोलियों को आसानी से निगल पाएं या फिर ताकि आप अपनी दवा पर कम ख़र्च कर सके. लेकिन होता ये है कि दवाओं को तोड़ने से दोनों भाग बराबर नहीं रहते और थोड़ी दवा तोड़ने के क्रम में टूट कर गिर भी जाती है."
उनका कहना था कि ज़्यादातर दवा तोड़ने के लिए ठीक नहीं होती.डॉ. चारलोट ने कहा, "हम चाहते हैं कि दवा निर्माता कंपनियाँ कई तरह की ख़ुराक बनाएँ या फिर तरल दवा बनाएं ताकि गोली तोड़ने की ज़रूरत ही न पड़े."लेकिन एक दवा विक्रेता नीना बारनेट कहतीं हैं कि दूकानदार कभी-कभी दवा तोड़ने को कहते हैं, लेकिन वो ऐसा तभी कहते हैं जब ये बहुत ज़रूरी हो.
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications