जानिये सी फूड खाने के स्वास्थ्य लाभ

अगर आप नॉन वेजिटेरियन हैं तो आपको सी फूड यानी की समुद्री खाद्य पदार्थ जरुर पसंद होंगे। पर क्‍या आप इन सी फूड के पौष्टिक गुणों के बारे में जानते हैं। वे लोग जो समुद्र के किनारे रहते हैं, वह केवल सी फूड पर ही जिंदा रहते हैं। आज हम आपको बताएंगे की इन सी फूड में कितना पोषण मिला हुआ होता है।

सी फूड के फायदे-

प्रोटीन- प्रोटीन का उच्‍च स्‍त्रोत पॉर्क, चिकन और बीफ होते हैं, लेकिन मछली भी कुछ कम नहीं है। मछली आपको समुद्र और नदी में मिलती है, जिसमें खूब सारा प्रोटीन पाया जाता है। साथ ही इसमें जमा हुआ फैट भी बहुत कम होता है। यह रक्‍तचाप, मोटापा, त्‍वचा की देखभाल तथा आंखों की रौशनी को बढाती है।

Health Benefits Of Sea Foods

ओमेगा 3- शरीर के लिये ओमेगा 3 फैटी एसिड बहुत ही जरुरी है, क्‍योंकि यह त्‍वचा पर जल्‍द बुढापा नहीं आने देता। वे लोग जो मछली खाते हैं, उनकी स्‍किन हमेशा जवान बनी रहती है और ग्‍लो करती रहती है। जिन जातियों से मछली तेल प्राप्त किया जाता है उनमें मेकेरल, ट्राउट, हेलिबट, टूना, सार्डाइन, तथा साल्मोन प्रमुख हैं।

हृदय रोग- सी फूड को अधिकतर हृदय संबधी बीमारियों के रोकथाम से जोडा़ जाता है। इनको खाने से हृदय रोग नहीं होता क्‍योंकि यह खून में ट्राइग्‍लीस्‍राइड लेवल को कम करता है।

प्रेगनेंसी- रिसर्च में बताया गया है कि प्रेगनेंसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड का बडा़ योगदान होता है। गर्भवती औरतों को प्रेगनेंसी के तीसरे महीने में पकी हुई मछली का सेवन करना चाहिये। मछली खाने से होने वाले शिशु का दिमाग तेज होता है। पर यह अच्‍छा होगा कि आप पहले अपने डॉक्‍टर की सलाह ले लें कि कौन सी मछली खानी चाहिये और कितनी मात्रा में खानी चाहिये।

आंखों के लिये- बचपन से ही हमे बताया जाता है कि गाजर खाने से आंखों की रौशनी तेज होती है। लेकिन अब आप मछली का सेवन कर सकते हैं क्‍योंकि यह विटामिन और मिनरल प्रदान करती है, जिससे आंखों की ज्‍योति बढती है।

मासपेशियां- वर्कआउट करने के बाद मासपेशियों को प्रोटीन की खास आवश्‍यकता होती है। इसके लिये आप जानवरों की जगह पर मछली ट्राई कर सकते हैं। यह मासपेशियों को मजबूत करती है और उन्‍हें जल्‍द से जल्‍द रिकवर करने का काम करती है।

दिमाग- सी फूड को ब्रेन फूड भी कहा जाता है। रिसर्च में बताया गया है कि अगर गर्भवती महिलाएं सी फूड का सेवन करें तो उनके बच्‍चे का आई क्‍यू सबसे तेज होगा। साथ ही सी फूड खाने से बुढापे में एल्‍जाइमर की भी समस्‍या नहीं होगी।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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