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पुरुषों के लिये 20 सर्वश्रेष्ठ आहार
पुरुष भारतीय समाज के प्रमुख अंग हैं, वे ही परिवार के लिये जीवकोपार्जन करते हैं, लम्बे समय तक काम करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि सभी सुरक्षित रहें। लेकिन आज महिला और पुरुष सभी मायनों में बराबर है, इसलिये जिसप्रकार महिलाओं का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है, पुरुषों के स्वास्थ्य को भी नजअन्दाज नहीं किया जा सकता।
खासतौर से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं, बढ़ते तनाव और अपकर्षक बीमारियों के कारण पुरुषों के लिये यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि 30 से 40 तक की उम्र होने का इन्तजार न करके हर उम्र के पुरुष अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रकृति ने हमें चमत्कारी स्वास्थ्य लाभों वाले कुछ खाद्य पदार्थ दिये हैं और उनमें से पुरुषों के लिये 20 सर्वश्रेष्ठ भोज्य पदार्थों का उल्लेख यहाँ किया जा रहा है।

1- उष्णकटिबन्धीय फल
आम और पपीते जैसे आकर्षक फलों के छिलकों में बायोफ्लैवेनॉइड्स और अन्य पोषक तत्व भरे रहते हैं। गर्मियों की शुरूआत के साथ ही भारत में ये आसानी से उपलब्ध रहते हैं और काफी किफायती होते हैं इसलिये आहार में इन्हे न शामिल कर पाने का कोई कारण नहीं है।

2- लाल शिमला मिर्च या मीठी मिर्च
कुछ शोधों के अनुसार लाल शिमला मिर्च में सन्तरे के रस के मुकाबले तीन गुना ज्यादा विटामिन-सी पाया जाता है। वैज्ञानिक इस बात से सहमत हैं कि शरीर के फ्लैवोनॉइड्स के लिये लाल शिमला मिर्च प्रभावी विकल्प हैं।

3- लहसुन
किसी भी मामले में लहसुन महा आहार है। हमारी खाद्य सभ्यता इसकी जलन कम करने वाली क्षमताओं से चिर परिचित है। इसके प्राकृतिक औषधीय तथा ऐन्टी-ऑक्सीडेन्ट गुण होते हैं और परिसंचरण तन्त्र को स्वस्थ बनाये रखने में सहायक होता है।

4- ब्रॉकली
इसके चमत्कारी स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदे हैं। इसमें पाये जाने वाले आइसोथायोसाइनेट्स यकृत को उत्तेजित कर उन एन्जाइम का निर्माण करते हैं जो कैंसर उत्पन्न करने वाली कोशिकाओं के प्रभाव को कम करते हैं। इसमें विटामिन-सी भी होता है।

5- हरी चाय या काली चाय
इनमें पॉलीफिनॉल (कैटेचिन्स) नामक ऐन्टी-ऑक्सीडेन्ट होते हैं जो कैन्सर कोशिकाओं को विभाजित होने से रोकते हैं। हरी चाय को हम लोग काली चाय के रूप में प्रयोग करते हैं। हरी चाय, लाल वाइन और जैतून के तेल में पॉलीफिनॉल प्रचुर मात्रा में होता है जो विभिन्न प्रकार के कैंसर होने से रोकता है। सूखी हरी चाय की पत्तियों में कुल भार को 40 प्रतिशत पॉलीफिनॉल होता है जो कि पेट, फेफड़े, आँतों, गुदा, यकृत तथा अग्नाशय को कैंसर प्रभावित होने से बचाता है।

6- दूध और दुग्ध उत्पाद
गाय के दूध के साथ पनीर और दही जैसे कुछ दुग्ध उत्पाद अपने आहार में शामिल करें। एक कप दूध से से लगभग 8 मिग्रा कार्निटिन मिलता है। दुग्ध उत्पादों में कैल्शियम, विटामिन-ए और विटामिन-डी जैसे आवश्यक पोषक तत्व होते हैं।

7- ऐवोकैडो
ऐवोकैडो में स्वस्थ असंतृप्त वसा होती है जिनसे आपके हृदय और रक्त वाहिनियों को फायदा होता है और पोषक रेशों के कारण आहारनाल को लाभ मिलता है।

8- बीफ
गाय के माँस में कार्निटिन भरपूर मात्रा में होता है और बड़े टुकड़ों या समूह माँस दोनों में यह अमीनोअम्ल पाया जाता है। गाय का माँस प्रोटीन के साथ-साथ लौह जैसे आवश्य पोषक तत्वों का स्रोत होता है।

9- टमाटर
इस फल रूपी सब्जी में लाइकोपीन की मात्रा अत्यधिक होती है। लाइकोपीन पौधों में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक रासायनिक पदार्थ है। यह रासायनिक पदार्थ अपने ऐन्टी-ऑक्सीडेन्ट गुणों के लिये जाना जाता है जो प्रॉस्ट्रेट, फेफड़े और पेट के कैंसर के खतरे को कम करता है।

10 – रेड वाइन
बिना ऐल्कोहल वाली लाल वाइन में भी पॉलीफिनॉल होते हैं जो कि विभिन्न प्रकार के कैंसर से लड़ने में सहायक होते हैं। पॉलीफिनॉल में ऐन्टी-ऑक्सीडेन्ट जैसे गुण होते हैं जो फ्री-रैडिकल द्वारा होने वाले रोगों के प्रभाव को समाप्त करता है।

11 – अनार का रस
यह एक इलाज नहीं है लेकिन प्रॉस्ट्रेट कैन्सर के विकास को बदलने में सहायक है। प्रतिदिन एक गिलास अनार का रस प्रॉस्ट्रेट की स्थिरता को बढ़ाता है।

12 – साबुत अनाज
ये हमारे आहार के अधिकांश भाग होते हैं और जिंक जैसे पोषक तत्वों के स्रोत होते हैं जो पुरुषों में विकास और नपुंसकता को कम करने में सहायक होते हैं। इनकी कमी से बौनापन हो सकता है, खासतौर से उन वयस्क बच्चों में जो ठीक से भोजन नहीं करते।

13- मूँगफली
ये जिंक के साथ-साथ आवश्यक वसीय अम्लों के अच्छे स्रोत होते हैं जिनके कारण खुष्क त्वचा, नपुंसकता, मस्तिष्क कोशिकाओं को क्षति और कमजोर प्रतिरक्षण तन्त्र से बचा जा सकता है।

14- मछली
मछलियाँ ओमेगा-3 वसीय अम्ल और प्रोटीन की अच्छी स्रोत होती हैं जो मांसपेशियों के निर्माण में सहायक होती हैं। मछलियों में पाया जाने वाला एचडीएल कोलेस्ट्रॉल यानि कि अच्छा कोलेस्ट्रॉल हृदय रोगों से बचाता है।

15- रागी
रागी कैल्शियम (300 मिग्रा कैल्शियम प्रति 100 ग्राम) का सबसे बढ़िया स्रोत है। यह पुरुषों में ऑस्टियोपोरेसिस होने से रोकता है और यह जिंक तथा रेशे का भी अच्छा स्रोत है जिसके कारण डिसलिपिडीमिया, मधुमेह और मोटापे से बचा जा सकता है।

16- चिया के बीज
यह गर्मियों के लिये सर्वोत्तम आहार है क्योकि यह शरीर के तापमान को नियन्त्रित रखता है। रेशे की भरपूर मात्रा शर्करा और कोलेस्ट्रॉल को नियन्त्रित करता है जबकि ऐन्टी-ऑक्सीडेन्ट और ओमेगा-3 वसीय अम्ल मस्तिष्क कोशिकाओं और तन्त्रिकीय तन्त्र को मजबूत कर अल्जीमर्स और पागलपन जैसे अपकर्षक रोगो से बचाता है।

17 – सोया
इसमें उपस्थित आइसोफ्लैवोन्स प्रॉस्ट्रेट की रक्षा करते हैं और प्रॉस्टेट कैन्सर के खतरे को कम करते हैं। प्रतिदिन 25 ग्राम सोया प्रटीन के सेवन से कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम किया जा सकता है।

18- कद्दू के बीज
कुरकुरे और स्वादिष्ट कद्दू के बीजों में कैलोरी अधिक होती है यानि कि 559 कैलोरी प्रति 100 ग्राम। इसके अलावा ये रेशे, विटामिन, खनिज और कई स्वास्थ्यवर्धक ऐन्टी-ऑक्सीडेन्ट से भरे होते हैं।

19- नारियल पानी
हरा नारियल बाहर से सख्त लेकिन अन्दर से मुलायम और मीठा होता है और यह खनिज आयनों का सन्तुलन बनाता है, तनाव और घात के खतरे को कम करता है, तरल क्षति को रोककर डायरिया होने से रोकता है। यह मैग्नीशियम, पोटैशियम, मैंग्नीज़ और विटामिन-सी प्रदान करता है। यह गर्मियों में होने वाली पानी की कमी को रोकता है और इसे खेल के बाद पेय के रूप में लिया जा सकता है।

20- दालचीनी
यह ऐन्टी-ऑक्सीडेन्ट से भरा होता है और जीवाणुओं के विकास को रोकता है (साँस की बदबू वाले कारक को भी)। शोध बताते हैं कि यह दूसरे प्रकार के मधुमेह के खतरे को कम करता है।



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