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जानें साइकलिंग और रनिंग में क्या है ज्यादा फायदेमंद
साइकलिंग और रनिंग दोनों ही बेहतरीन फिजिकल वर्कआउट है। वैसे तो दानों शरीर के लिए बराबर रूप से फायदेमंद है, पर दोनों के फायदे अलग-अलग हैं। ऐसा कहा जाता है कि रनिंग से साइकलिंग की तुलना में हर मिनट ज्यादा कैरोली बर्न होती है। रनिंग से आपकी हड्डी और जाड़ों पर दबाव पड़ता है। साथ ही नियमित दौड़ने से आप कई तरह की फिजिकल इंजुरी का भी शिकार हो सकते हैं।
व्यवहारिक इस्तेमाल और कार्यक्षमता के आधार पर देखें तो साइकलिंग कहीं बेहतर है। अगर आप कैलोरी बर्न करना चाहते हैं, तो साइकिल से काम पर भी जा सकते हैं। यह आपके लिए ट्रांसपोर्ट का काम करेगा और आप ज्यादा थकेंगे भी नहीं। वहीं रनिंग करके काम पर जाना बहुत ही बेतुका लगता है। साथ ही आप पसीने से तरबतर हो जाएंगे और आप की ड्रेस भी खराब हो जाएगी। दूसरी बात यह कि आपको रनिंग के लिए अगल से समय निकालना पड़ेगा, वहीं साइकलिंग का इस्तेमाल किराना लाने और खेलने जाने के लिए कर सकते हैं।
बात अगर खर्चे की हो तो फिर रनिंग बाजी मार ले जाएगा। इसके लिए आपको सिर्फ जूते की जरूरत पड़ेगी। हालांकि ऐसा नहीं है कि साइकलिंग बहुत ज्यादा खर्चीला है। इसमें एक बार निवेश करके आप वर्षों इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही यह आपके फिटनेस सामग्री के साथ-साथ पर्सनल ट्रांसपोर्ट का भी काम करेगा।
आइए हम आपको बताते हैं साइकलिंग और रनिंग में बुनियादी फर्क क्या है।

1. मस्ती
आप साइकलिंग में रनिंग की अपेक्षा ज्यादा मौज-मस्ती कर सकते हैं। रनिंग की तुलना में आप साइकलिंग में कम थकते हैं, जिससे दूर तक भी जा सकते हैं। अगर आप किसी मनमोहक रास्तों पर भ्रमण करना चाहते हैं तो रनिंग के बजाय साइकलिंग से जाना ज्यादा व्यवहारिक होगा।

2. कितना प्रभावी
अगर कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न करने की बात आती है तो साइकलिंग की तुलना में रनिंग ज्यादा प्रभावी होती है। अगर रनिंग और साइकलिंग बराबर समय के लिए किया जाए तो साइकलिंग में 15 से 20 प्रतिशत कम कैलोरी बर्न होगी।

3. समय की बचत
साइकलिंग के पक्ष में यह एक बहुत बड़ा कारण है। साइकलिंग कर कहीं आने-जाने में समय की बचत होती है। फिर चाहें आप ऑफिस जाएं या दुकान पर सामान खरीदने। वैसे भी रनिंग का सहारा लेकर फॉर्मल कपड़ों में ऑफिस जाना व्यवहारिक नहीं है।

4. इंजुरी
लंबे समय तक रनिंग करने से हमारे शरीर और हड्डियों पर बुरा असर पड़ता है। खासकर जोड़ों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है, क्योंकि रनिंग के दौरान इस पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है। वहीं साइकलिंग के दौरान फिजिकल इंजुरी का खतरा काफी कम रहता है।

5. मसल्स बनाना
जांघों और पैरों के लिए साइकलिंग एक बेहद प्रभावी एक्सरसाइज है। आप साइकलिंग के जरिए अपने शरीर के निचले हिस्से को मजबूत बना सकते हैं। वहीं रनिंग के मामले में आप सिर्फ अपने शरीर और मसल्स में खिंचाव पैदा करते हैं। इससे शरीर में मजबूती तो आती है, पर मसल्स नहीं बनते हैं।

6. इंफ्रास्ट्रक्चर
रनिंग आप कहीं भी कर सकते हैं। फिर चाहे वह ऊंचा-नीचा भूभाग हो, खतरनाक ढलान हो या फिर घास का मैदान हो। पर साइकलिंग के लिए आपको समतल भूभाग की जरूरत पड़ेगी। यहां तक की शहर में आपको ऐसी सड़क चाहिए होगी, जिसमें ट्रैफिक कम हो, ताकि आप को साइकिल चलाने में परेशानी न हो।

7. खर्च और रखरखाव
दोनों में ही काफी कम खर्च आता है। हालांकि रनिंग अपेक्षाकृत कम खर्चीला है। इसके लिए आपको सिर्फ जूते की जरूरत पड़ती है। वहीं एक साइकिल खरीदने के लिए आपको अच्छी-खासी रकम की जरूरत पड़ेगी। साथ ही इसके रखरखाव पर भी नियमित रूप से खर्च करना होगा।



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