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शरीर को डिटॉक्स करने के लिये केवल जूस पीना हो सकता है घातक
हमारा शरीर समय-समय पर विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता रहता है तथा ऐसा करने के लिए वह अलग-अलग तरीकों का सहारा लेता है। किंतु इस प्रक्रिया में कुछ कण रह जाते हैं। हालांकि आज कई स्वास्थ्य व सौंदर्य पेशेवर भिन्न डिटोक्स प्रोग्रामों की सेवा प्रदान कर रहे हैं। इन प्रोग्रामों का लाभ उठाकर आप अपनी सेहत व खूबसूरती को निखार सकते हैं। इस प्रोग्राम को कुछ फलों व सब्जियों की मदद से घर पर ही लिया जा सकता है।
READ: इन 20 तरीकों से करें अपने शरीर को डिटॉक्स
अक्सर विषाक्त पदार्थ व्यक्ति के जोडों में इकट्ठा हो जाते हैं। जिसके कारण उसके शरीर में सूजन या पीडा होने लगती है। विषहरण से आपको इन सभी पीडाओं से निजात मिलेगा तथा आपका जिगर व गर्दे बेहतर तरीके से काम करना आरंभ करेंगे। आपका वजन घटेगा एवं आप और क्रियाशील हो जाएंगे।
इस लेख की रचना डिटोक्स प्रोग्रामों से होने वाले फायदों पर नहीं बल्कि नुकसानों पर रोशनी डालने के लिए की गई है। डिटोक्स प्रोग्राम कई खाद्य पदार्थों के सेवन पर रोक लगा सकते हैं तथा आपको कई दिनों तक फलों व सब्जियों के रसों के सहारे ज़िंदा रहना पड सकता है। इन तरल पदार्थों से हमारे शरीर में होने वाले बदलाव समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
हम सब का शरीर अलग है जिस वजह से प्रभावों की तीव्रता भी भिन्न होगी। डिटोक्स प्रोग्राम के दौरान आपको अपने शरीर में चल रहे बदलावों पर पूरा ध्यान देना होगा। यदि इस दौरान आपको कोई ऐसा संकेत मिले जो सामान्य से परे हो तो तुरंत अपने विशेषज्ञ से संपर्क करें। अतः इन प्रोग्रामों से होने वाले हानिकारक प्रभावों के बारे में जानने के लिए इस लेख को आगे पढ़ें।

1 दस्त
शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए व्यक्ति को फलों व सब्जियों के रसों की डायट पर रखा जाता है। फलों के रसों में मौजूद मीठास आंतों में प्राकृतिक शर्करा को इकट्ठा करती है। इससे आपके पेट में मरोड पडते हैं और आंतों पर चिपके गंद को बाहर निकाला जाता है। परंतु इन रसों की अति दस्त का कारण बन सकती है तथा आप निर्जलीकरण के भी शिकार हो सकते हैं।

2 मांसपेशियों में कमजोरी
विषहरण के दौरान व्यक्ति को सख़्त डायट पर रखा जाता है तथा उसे प्रोटीन व फैट युक्त चीजों से परहेज़ करने की सलाह दी जाती है। लेकिन शरीर अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए मांसपेशियों में मौजूद प्रोटीन का उपयोग करने लगता है। जिस वजह से मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना लाज़मी है।

3 हार्मोनल असंतुलन
इस तरह भूखा रहकर आप अपने शरीर को पीडा दे रहे हैं। आवश्यक पोषण की कमी से शरीर सामान्य रूप से हार्मोन का स्रवण नहीं कर पाता है। इस विषहरण के कारण महिलाओं के मासिक धर्म चक्र में भी बाधाएं पैदा हो सकती हैं। यदि इस प्रोग्राम के दौरान आपका वजन बढ़ने लगे या अन्य लक्ष्य नज़र आएं तो आपको तुरंत इस प्रोग्राम को बंद कर देना चाहिए।

4 वजन बढ़ना
यदि हमारा शरीर कार्बोहाइड्रेट का इस्तेमाल ना करे तो वह उसे ग्लाइकोजन में तबदील कर देता है। डायटिंग के दौरान कार्बोहाइड्रेट की कमी शरीर को मौजूदा ग्लाइकोजन को इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करती है। इससे शरीर में पानी का स्तर घटता है और व्यक्ति का वजन भी कम हो जाता है। अतः डिटोक्स प्रोग्राम के कुछ महीने बाद व्यक्ति का वजन फिर से बढ़ने लगता है क्योंकि उसका शरीर पानी को इकट्ठा करना प्रारंभ कर देता है।

5 थकान व कमजोरी
सही तरीके से काम करने के लिए शरीर को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन व फैट जैसे पोषण तत्वों की जरूरत पडती है। लेकिन हफ्तों व दिनों तक चलने वाले डायटिंग प्रोग्राम हमारे शरीर को इन सब से वंचित रखते हैं। इन तरल पदार्थों का सेवन आपको कमजोरी व थकान का आभास करा सकता है।

6. चयापचय को धीमा करता है
ऊर्जा की कमी के कारण आपके शारीरिक विकास की गति धीमी हो सकती है। व्यक्ति थकन महसूस करता है तथा वह अपने शरीर में मौजूद कैलोरी का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता है। जिस वजह से कैलोरी उसके शरीर में इकट्ठा होने लगती है। अतः, डिटोक्स प्रोग्राम आपकी ऊर्जा को बढ़ाने के बजाय उसे घटाने का काम करता है।

7. सरदर्द
डिटोक्स प्रोग्राम के प्रारंभ में कुछ लोगों को सरदर्द या माइग्रेन की शिकायत भी हो सकती है। डिटोक्स के दौरान आपका शरीर एक नई प्रक्रिया से गुजरता है। हालांकि, ये सरदर्द कुछ मिनटों या घंटों के लिए ही रहता है तथा जैसे-जैसे आपके शरीर को डिटोक्स प्रोग्राम की आदत पड़ जाती है ये गायब हो जाते हैं।



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