Latest Updates
-
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम?
बारिश के मौसम में क्यूं नहीं खानी चाहिये मछली? कारण जान कर हैरान हो जाएंगे

मौनसून के मौसम में हमें खाने पीने की चीज़ों पर बड़ा ध्यान देना चाहिये। इन दिनों अगर आप बिन सोचे समझे मछली का सेवन करेंगे तो आपकी सेहत को भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
बहुत से लोंगो के अंदर यह सवाल होता है कि क्या मौनसून के दिनों में हम मछली खा सकते हैं? मौनसून के सीज़न में आप को ताज़ी मछली मिले यह कोई जरुरी नहीं है।
इसके अलावा एक बात नैतिकता भी आती है, क्योंकि इस मौसम में मछलियां अंडे देती हैं और इन्हें मारना बिल्कुल सही नहीं है। हां, इस समय और प्रॉन्स आदि आराम से खा सकते हैं।
आइये अब जानते हैं एक न्यूट्रीनिश्ट की जुबान से मौनसून में मछलियां खाना क्यूं नहीं अच्छा माना जाता।

ये होता है प्रजनन का मौसम
मौनसून के मौसम में मछलियां और अन्य समुद्री जीव अंडे देते हैं। अंडों वाली मछली खाने से पेट में इन्फेक्शन और फूड पोइजनिंग हो सकती है।

प्रदूषित होती हैं मछलियां
मौनसून में सीवेज की काफी समस्या होती है जिससे नदी या तालाब का पानी काफी प्रदूषित हो जाता है। इसलिए इस दौरान आप मछली की बजाय चिकन या मटन खा सकते हैं।

फ्रेश मछली की संभावना कम रहती है
इस मौसम में पहले से ही पैक या स्टोर की हुई मछलियां ही मिलती हैं। 10 दिनों से स्टोर की हुई मछली अपनी पौष्टिकता खो देती है तथा वह जल्द खराब भी हो सकती है।

जल जनित रोग होने का खतरा ज्यादा
मौनसून की वजह से जल जब प्रदूषित हो जाता है तब, मछली की नस्ल भी दूषित हो जाती है। गंदी मछली खाने से टाइफाइड, पीलिया और डायरिया जैसे जल जनित रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।

जानलेवा कैमिकल्स का छिडकाव
बारिश के मौसम में स्टोर की हुई मछलियां खराब होना ना शुरु हो जाएं इसलिये उन पर सल्फेट्स और पोलीफोस्पाफेट जैसे प्रीज़र्वटिव का छिड़काव किया जाता है। ऐसी घातक मछलियों के सेवन से सांस लेने में कठिनाई और हृदय रोग का खतरा होता है।



Click it and Unblock the Notifications