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जानें, दमा के मरीज क्या खाएं और क्या ना खाएं
मोटापा अक्सर दमा से जुड़ा होता है इसलिए अपने खानपान का ध्यान रखना ज़रूरी है ताकि आपका दमा और ना बढ़ जाए। साथ ही दमा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखना भी बेहद ज़रूरी है।
एक स्वस्थ और सम्पूर्ण आहार दमा के खिलाफ आपकी लड़ाई का ज़रूरी हिस्सा हो सकता है। मोटापा अक्सर दमा से जुड़ा होता है इसलिए अपने खानपान का ध्यान रखना ज़रूरी है ताकि आपका दमा और ना बढ़ जाए। साथ ही दमा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखना भी बेहद ज़रूरी है।
अध्ययन बताते हैं कि जो लोग फ़ल और ताज़ी सब्जियां कम खाते हैं और डब्बा बंद खाना ज्यादा पसंद करते हैं उनको दमा होने की संभावना अधिक होती है। हालाँकि इस बात की पुष्टि होनी अभी बाकी है।
फिर भी ये स्पष्ट है कि जो लोग ज्यादा विटामिन C और E का सेवन करते हैं, बीटा-केरोटिन, मैग्नीशियम, फ्लावोनोइड, सेलेनियम, ओमेगा-3-फैटी एसिड अपने आहार में लेते हैं उनको दमा होने की संभावना कम होती है।

इनमें से अधिकतर पोषक आहारों में बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो कोशिकाओं की रक्षा करते हैं। लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि सिर्फ एक आहार नहीं बल्कि आहार और पोषक तत्वों के समूह दमा से बचाव में मदद करते हैं।
लेकिन अच्छे, स्वस्थ और पौष्टिक आहार का कोई विकल्प नहीं है जो आपको भीतर से मजबूती दे और आप जीवाणु, विषाणु और एलर्जी, हर प्रकार की बीमारियों से लड़ सकें। यहाँ पर हम कुछ पोषक तत्वों के बारे में बता रहे हैं जो दमा के खिलाफ आपको भीतर से ताकत देंगे।

1. सब्जियां और फ़ल: स्वस्थ रहने और अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ज़रूरी है कि आप खूब सारे ताज़े फ़ल और सब्जियां खाएं।

2. ओमेगा-3-फैटी एसिड: अपने भोजन में मछली और अलसी की बीज को जगह दें। इनमे भरपूर मात्रा में ओमेगा-3-फैटी एसिड होता है। वैसे अभी तक इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि ये दमा की रोकथाम में उपयोगी हैं किन्तु अपने स्वास्थ को बेहतर बनाने के लिए आप इसका प्रयोग कर सकते हैं।

ये कतई ना खाएं: दमा में खाए जाने वाले आहार से ज़रूरी है ना खाए जाने वाले आहार। परहेज़ करने से आप दमा का मुकाबला बेहतर रूप से कर सकेंगे। ये वो आहार हैं जो आपको बिलकुल नहीं खाने चाहिए।

1. अधिक कैलोरी वाला भोजन: जैसा की हमने ऊपर बताया, मोटापे से आपको दूसरी बीमारियाँ होने की संभावना बढ़ जाती है। अतः कैलोरी का सेवन बहुत ध्यान से सोच समझ कर करें।

2. ट्रांस फैट और ओमेगा-6 फैटी एसिड: हर तरह के डिब्बा बंद और फ़ास्टफ़ूड को अलविदा कह दीजिये। क्योंकि इससे दमा के लक्षण और बिगड़ सकते हैं।
3. परिरक्षक: खाने के बचाव के लिए प्रयोग किये जाने वाले सल्फाइट से क्षणिक दमा हो सकता है। इन परिरक्षकों से सल्फर डाई ऑक्साइड निकलती है जो फेफड़ों के लिए हानिकारक है। डिब्बा बंद खाने से बचें क्योंकि इनमें परिरक्षक मिले ही होते हैं।

4. एलर्जी करने वाले आहार: हालांकि इनकी संख्या कम ही होती है लेकिन बहुत से ऐसे लोग होते हैं जिनको किसी ख़ास भोजन से एलर्जी होती है जैसे अंडे, मूंगफली, समुद्री खाना, इत्यादि। इन भोजनों का थोडा सा भी सेवन करने से ऐसे लोगों को दमा का खतरनाक दौरा पड़ सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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