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तेज और तंदरुस्त दिमाग चाहिये तो इन चीज़ों को ना खाएं
कई ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनका सेवन करने की सलाह डॉक्टर इसलिए देते हैं ताकि आपके ब्रेन का विकास हो सके। परंतु क्या आपने ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में सुना है जो आपके ब्रेन (मस्तिष्क) को नुकसान पहुंचाते हैं?
ग्लूटामेट्स ऐसे पदार्थ हैं जो खाद्य पदार्थों में मिलाये जाने वाले पदार्थों जैसे एमएसजी और शुगर सबस्टिटयूट में शामिल होता है। इनका उपयोग फ़ूड को प्रोसेस करने तथा मीट के ब्राउनिंग करने के लिए किया जाता है।
ग्लूटामेट्स ब्रेन और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं और पार्किन्सन, अटेंशन डेफिसिट डिसऑर्डर और आटिज्म जैसी बीमारियों को बढ़ाते हैं।

ग्लूटामेट्स से होने वाले नुकसान गंभीर और अधिक समय तक रहने वाले हो सकते हैं परन्तु अधिकतर इनकी तरफ ध्यान नहीं दिया जाता। कई खोजों से पता चला है कि विटामिन बी12 जिसे मिथाइलकोबलामिन भी कहा जाता है, ग्लूटामेट्स के कारण ब्रेन को होने वाले नुकसान को ठीक करने में सहायक है।

बड़ी समुद्री मछलियों का सेवन सीमित मात्रा में करें क्योंकि इनमें मरकरी (पारे) की मात्रा बहुत अधिक होती है। मरकरी से ब्रेन को नुकसान पहुँचता है जिसके कारण संज्ञानात्मक हानि होती है।
इससे ब्रेन का वह भाग प्रभावित हो जाता है जो दृष्टि, संतुलन और अंगों के बीच समन्वय के लिए ज़िम्मेदार होता है। टाइल फिश, किंग मैकेरेल, स्वोर्ड फिश और शार्क में मरकरी बहुत अधिक मात्रा में होता है अत: इनका सेवन हमेशा टालना चाहिए।

ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें ट्रांस फैट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, ब्रेन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ट्रांस फैट तंत्रिका के संचरण में बाधा पहुंचाते हैं जिसके कारण सूजन और ब्रेन के सिकुड़ने की समस्या हो सकती है। बेकरी आइटम्स, माइक्रोवेव पॉपकॉर्न और तले हुए पदार्थ जिनमें मार्जरीन का उपयोग किया गया हो, ब्रेन को नुकसान पहुंचाते हैं।

मीठे पेय (शक्कर मिले हुए) कभी न पीयें। ये हमारी भूख को संतुष्ट नहीं करते और आखिरकार हम अधिक खाने लगते हैं क्योंकि ये मीठे पेय ब्रेन के वेट रेग्युलेशन सिस्टम को प्रभावित करते हैं और वह ठीक तरह से काम नहीं कर पाता।

कुछ खोजों से पता चला है कि ब्रेड, पास्ता, बैगल आदि में जो ग्लूटेन पाया जाता है वह मस्तिष्क की सोचने की क्षमता को प्रभावित करता है।
प्रोसेस्ड फ़ूड हार्ट और दिल के लिए हानिकारक होते हैं क्योंकि इनमें ट्रांस फैट, प्रिज़र्वेटिव, आर्टिफिशियल घटक और शुगर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इससे वज़न और सूजन बढ़ती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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