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आयुर्वेद के अनुसार रोजाना गुनगुना पानी पीने से होते है ये फायदे
आयुर्वेद के अनुसार पाचन तंत्र हमारे शरीर के स्वास्थ्य का मुख्य केंद्र है। जब भोजन ठीक से नहीं पचता है तो कई समस्याएं पैदा होने लगती हैं।
आयुर्वेद में पाचन शक्ति को बढ़ाने के तरीकों के बारे में बताया गया है। अग्नि भोजन को पचाती है और मस्तिष्क में नियंत्रण केंद्र में वैपर को विकसित करती है।
यह नर्वस इम्पल्स को रिलीज करती है जिससे कि एंजाइम और हार्मोन्स स्रावित होता है। यह मेटाबोलिक एक्टिविटी को भी बढ़ाती है ताकि पूरा शरीर और दिमाग जटिल कार्यों को भी आसानी से कर सके।
अष्टांग हृदय संहिता में यह वर्णित है कि इंटेस्टाइन में मौजूद डाइजेस्टिव फायर (जठाग्नि) शरीर में सभी तरह की डाइजेस्टिव फायर की जड़ है। चूंकि यह एलिमेंटल और टिश्यू डाइजेस्टिव फायर को घटाती या बढ़ाती है इसलिए इसकी अच्छे से देखभाल करनी चाहिए।

आयुर्वेद के अनुसार इससे बचने के लिए गर्म या गुनगुना पानी पीना काफी फायदेमंद है। ठंडा पानी डाइजेस्टिव सिस्टम को धीमा कर देता है जिससे कि अवशोषण, एसिमिलेशन, मेटाबोलिज्म और डाइजेशन में बाधा आती है।
परिणामस्वरुप डाइजेस्टिव सिस्टम अपचित भोजन को सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पाता है। इसी वजह से भारीपन, थकान महसूस होता है। इंटेस्टाइन में खराब पदार्थों को जमा होने से रोकने के लिए इसे बाहर निकालना जरूरी है अन्यथा ये शरीर में विषाक्त पदार्थों का निर्माण करने लगते हैं जिससे भोजन शरीर में अच्छी तरह मिल नहीं पाता है।

गर्म पानी पीने से भूख बढ़ती है और डाइजेशन भी ठीक रहता है। यह गले को ठीक रखता है और ब्लैडर को साफ रखता है। इसके अलावा गर्म पानी पीने से हिचकी आने की समस्या दूर हो जाती है और वात और कफ में भी राहत मिलती है।
इसमें सांस फूलने, बुखार और सर्दी खांसी को भी दूर करने के गुण पाये जाते हैं। यह शरीर से मेटाबोलिक विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालता है।
इसलिए दिन में खाना खाने के बाद एक से दो घंटे के अंतराल पर गर्म पानी पीने से डाइजेस्टिव सिस्टम बेहतर रहता है और शरीर के नर्वस सिस्टम से विषाक्त पदार्थ भी बाहर निकल जाते हैं।
आइए जानें गर्म या गुनगुना पानी पीने के क्या लाभ हैं :
- स्टैमिना और परफॉर्मेंस को बढ़ाता है।
- ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है।
- शरीर से अधिक पसीना बाहर निकालता है।
- कब्ज से राहत देता है।
- वजन घटाने में सहायता करता है।
- शरीर को साफ औऱ शुद्ध रखता है
- सर्दी और खांसी से राहत देता है
- शरीर के दर्द को कम करता है
- अच्छे विचारों का निर्माण करता है
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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