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क्या Broiler Chicken स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है?
अगर आप चिकन के शौकीन है तो मार्केट से चिकन खरीदते हुए थोड़ी सावधानी रखिएं क्योंकि ज्यादात्तर लोग मार्केट से ब्रॉयलर चिकन खरीद लेते है जोकि हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
अगर आप चिकन के शौकीन है तो मार्केट से चिकन खरीदते हुए थोड़ी सावधानी रखिएं क्योंकि ज्यादात्तर लोग मार्केट से ब्रॉयलर चिकन खरीद लेते है जोकि हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
यदि आप वास्तव में चिकन खाना बेहद पसंद करते हैं तो मार्केट से सोच समझकर चिकन खरीदें। देशी-चिकन या घर में जिन चिकन को प्राकृतिक रुप से बड़ा किया गया है, वो ब्रॉयलर चिकन की तुलना में बेहतर होते हैं।
यहां मुद्दा यह हैं कि जो चिकन हम खा रहे है वो नेचुरल तरीके से उसे बड़ा किया गया है, ज्यादा के लालच में उसका विकास केमिकल और दवाईयों के माध्यम से तो नहीं करवाया गया है।
ज्यादातर मांस विक्रेता मुर्गी को अधिक मोटी करने पर ध्यान देते है ताकि अधिक मीट बेचा जा सके। इसलिए, मूर्गी को तेज़ी से बड़ा करने के तरीके कभी-कभी अस्वस्थ हो सकते हैं जिससे मीट की गुणवत्ता पर असर हो सकता है। जानिए ब्रॉयलर चिकन खाने के नुकसान-

फैक्ट 1
सबसे पहले, कच्चे मांस में बहुत सारे कीटाणु और जीवाणु होते हैं। एक ब्रॉयलर में सैकड़ों मुर्गियां होती हैं जिनमें से कुछ संक्रमित हो सकती हैं।
जब उन्हें काटा जाता है तो उनमें से कुछ अन्य पक्षियों के बैक्टीरिया से मिल सकती है। चूंकि, बड़ी संख्या में मुर्गियां एक साथ पाली जाती है, काटी जाती हैं और धोई जाती हैं, इसलिए, घर पर पाली जाने वाली मुर्गियों की तुलना में इनके द्वारा बैक्टीरिया ग्रहण करने की संभावना अधिक हो सकती है।

फैक्ट 2
अधिकतर पक्षियों को कम इम्युनिटी वाले पोल्ट्री फार्म में जीवित रहने के लिए एंटी बायोटिक इंजेक्शन दिए जाते हैं। ताकि उनमें एंटीबायोटिक क्षमता बढ़ाए जाएं।
ऐसे में अगर आप ऐसे इंजेक्ट मुर्गे या मुर्गी का मीट खाते है तो आप किसी इंफेक्शन की चपेट में आ सकते हैं। क्योंकि मीट के माध्यम से वो आपके अंदर आ सकता है।

फैक्ट 3-
ऐसे कुछ शोध भी हुए जो बताते है कि ब्रॉयलर चिकन हाई कैलोस्ट्रॉल हो जाता है और कैंसर होने के खतरे भी रहते है।

फैक्ट 4 -
कुछ शोध में ये बात भी सामने आई है कि हर जगह एक से है चिकन नहीं मिलते है, कुछ जगह पक्षियों को ज्यादा मोटा बनाने और उनमें ज्यादा मीट की मात्रा बढ़ाने के लिए केमिकल और दवाईयां दी जाती है।
इन केमिकल्स की वजह से कोई समस्या हो सकती है।

फैक्ट 5 -
क्या घर में मुर्गियों को पालना आसान है? देखा जाएं तो नेचुरल तरीके और स्थिति में मुर्गी को पालना सबसे सही तरीका है। ये ना संक्रमित होती है न ही कोई केमिकल संक्रमण की परेशानी होती है।

फैक्ट 6-
बॉयलर चिकन खाने से फूड पॉइजिंग की सम्भावना बढ़ जाती है। एक स्टडी में सामने आया कि इसमें 67% E.Coli बैक्टिरिया होते हैं।

फैक्ट 7-
जब आप कच्चा मांस खरीदते हो तो, उसे फ्रीज में दूसरे फल- सब्जियों के साथ मत रखो। उस मीट को काटने के लिए जिस चाकू और दूसरे बर्तनों को यूज करने के बाद उसे जरुर अच्छे से धोएं



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