Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व -
Mushtaq Khan Family: 'वेलकम' फेम मुश्ताक खान ने दुनिया को कहा अलविदा, जानिए एक्टर के परिवार में कौन-कौन? -
डायबिटीज में चावल और रोटी खाने का सही समय क्या है? जानें कब खाने से नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
Anant Chaturdashi Vrat Katha: अनंत चतुर्दशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट -
Anant Chaturdashi 2026 Wishes: श्री हरि का आशीष...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं -
Hurun India Rich List 2026: ये हैं भारत के टॉप 10 सबसे अमीर लोग, जानिए किसके पास है कितनी दौलत
कोलोन कैंसर से बचना है, तो रो खाएं यह साउथ इंडियन डिश
आपका पसंदीदा सांभर, जो कि दक्षिण भारत के विरासत से जुड़ा एक स्वादिष्ट मुख्य भोजन है, अब एक प्रकार के कोलोन कैंसर को रोकने में मदद कर सकता है।
जी हां, आपने सही पढ़ा है। एक अध्ययन में पाया गया है कि सांभर की खपत डिमेथाइल हाइड्राज़िन प्रेरित कोलन कैंसर के विकास को रोक सकती है।
उन्होंने यह भी मसालों और दालों का सही संयोजन दिखाया है जो इस स्वादिष्ट पकवान को बेहद स्वस्थ बना देगा। घातक कोलन कैंसर दुनिया में तीसरा सबसे अधिक निदान कैंसर होने का दावा है।
अध्ययन में यह भी कहा गया है कि भारत में कोलोन कैंसर के मामलों का प्रसार अपेक्षाकृत कम है क्योंकि विभिन्न मसाले वाले शाकाहारी आहार में इसके बाद भारत में अधिकांश लोग शामिल हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि ज्यादातर कैंसर के मामलों में, लगभग 70% मामले आहार और मसाले से जुड़े हैं, इस तरह के कैंसर की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे औषधीय गुणों से भरी हुई हैं। हालांकि, सांभर की एक विशिष्ट रचना है जो शोधकर्ताओं का सुझाव है। चलिए जानते हैं सांभर कैसे बनाया जाता है-
सामग्री
- सूखे मिर्च का पाउडर- 1000 ग्रा
- सूखे धनिया बीज- 1000 ग्रा
- पकाया और सूखे काली मिर्च = 500 ग्राम
- जीरा = 400 ग्रा
- मेथी के सूखे बीज = 30 ग्रा
- सूखी काली हल्दी = 100 ग्राम
- चावल (ओरीज़ा सैटिवा) = 200 ग्रा
अन्य चीजों में 25 ग्राम पीले मटर हैं। इन्हें 15 मिनट तक उबाल लें और इसमें 6 ग्राम सांबर मसाला डाल लें। अब आप इसे उबाल लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
