पिज्‍जा ही नहीं, पिज्‍जा बॉक्‍स भी कर सकता है आपको बीमार जाने कैसे?

पिज्‍जा का नाम सुनते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है? वीकेंड हो या पिकनिक हर किसी को पिज्‍जा खाना बहुत ही पसंद होता है। जितने चाव से बच्‍चें इसे खाना पसंद करते हैं, उतने ही चाव से बड़े भी इसे खाना पसंद करते है? लेकिन इस बात को ज्‍यादात्‍तर लोग जानते होंगे कि पिज्जा खाने में जितना स्वादिष्ट लगता है उतना ही सेहत के लिए हानिकारक भी होता है। इसके सेवन से स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।

लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जितना नुकसानदायक पिज्‍जा सेहत के ल‍िए होता है, उतना ही नुकसानदायक पिज्‍जा बॉक्स यानि की पिज्‍जा का डिब्‍बा भी होता है। पिज्‍जा बॉक्‍स भी कई तरह के मेटेरियल और केमिकल से बनकर तैयार होता है। ये पिज्जा बॉक्स आपके स्‍वास्‍थय के ल‍िए घातक साबित हो सकते है। या यूं कहें तो गलत न होगा कि पिज्जा से ज्यादा खतरनाक पिज्‍जा बॉक्‍स आपके सेहत के ल‍िए साबित हो सकते है।

Pizza boxes could harm human health

अगर आप भी पिज्‍जा के शौकीन है तो ये खबर आपके ल‍िए है। एक बार पिज्‍जा ऑर्डर करने से पहले ये खबर जरुर पढ़ ले।

ये हो सकती है समस्‍या

पिज्जा बॉक्स हानिकारक रिसाइकल्ड मटेरियल से बना होता है। भारी संभावना है कि इसमें ग्लूज, डाइज और यहां तक कि टॉक्सिक इंक हो सकते हैं जो कि पिज्‍जा को गर्म करते हुए पिज्जा में स्‍थानांतरित हो सकते है और पिज्‍जा खाते समय ये पेट में जाकर शरीर में घुलकर भारी नुकसान पहुंचा सकते है।

प्रजनन विकास को बाधित करते है

पिज्जा बॉक्स में डायसोबूटिल फाथेलेट (डीआईबीपी) नामक एक केमिकल मौजूद हो सकता है, जो खाद्य मानक एजेंसी के अनुसार 'मानव प्रजनन विकास पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है'। क्‍योंकि ये शरीर में घुलकर एंडोक्रॉनिन को बाधा पहुंचाते है।

इसमें मौजूद होते है ये खतरनाक तत्‍व

फूड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, पिज्जा बॉक्स में तीन ऐसे पदार्थ होते हैं जो खाने के सम्‍पर्क में आने से चिकनाई और नमी को रोकने का काम करते है। इन तीनों में परफ्लूरोर्काइलिल एथिल होता है जो कि एक प्रकार का पेर्फ्लूरोक्साइल पदार्थ होता है जो खाने में घुलकर शरीर में प्रवेश करने के बाद शरीर में वर्षों तक रह जाता है और इसकी वज‍ह से कैंसर और अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

ज्‍यादा गर्म करने से घुल सकते है केमिकल

पिज्‍जा डिलीवरी अक्‍सर गर्म पिज्‍जा डिलीवरी करने का वादा करते है लेकिन गर्म पिज्‍जा के ल‍िए हमें एक कीमत चुकानी पड़ सकती है। पिज्‍जा को डिलीवरी करने से पहले पिज्‍जा को 60-65 डिग्री सेल्सियस तापमान तक गर्म किया जाता है ताकि डिलीवरी होने तक पिज्‍जा गर्म रहें। गर्म रहने की वजह से इसके पैकेजिंग में मौजूद केमिकल खाने में विषाक्‍त पदार्थ बनकर घुल सकते है।

हो सकता है कैंसर

पिज्जा के डिब्बों में भी हानिकारक केमिकल होते हैं जो हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इन डिब्बों में भी PFAs होता है जिनका इस्तेमाल माइक्रोवेव पॉपकॉर्न पैकेट और कार्पेट क्लीनर में किया जाता है। पिज्जा बॉक्स में एक कोटिंग की जाती है ताकि कार्डबोर्ड बॉक्स तेल या वसा को सोख न पाए। डिब्बे पर लगी कोटिंग की वजह से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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