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व्रत में क्यों खाया जाता है सेंधा नमक. जानिए इसका कारण
चैत्र नवरात्रि शुरु हो रहे हैं, 9 दिन तक देवी मां की आराधना की जाएंगी। माता के भक्त 9 दिनों तक व्रत रखकर उपासना करेंगे। इन 9 दिनों तक सिर्फ फल और व्रत में खाई जाने वाली खाद्य सामग्री पर निर्भर रहेंगे। इन दिनों तक खाने में सेंधा नमक का ही इस्तेमाल किया जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि व्रत में सिर्फ सेंधा नमक का इस्तेमाल क्यों किया जाता है। इसके पीछे एक खास वजह है

ठंडक बनाए रखता है
घर में आमतौर पर जिस नमक का इस्तेमाल होता है उसका इस्तेमाल लोग व्रत के दिनों में नहीं करते। अगर गलती से खाने में डल भी जाए तो वो उस चीज को नहीं खाते। सेंधा नमक अपने शीतल गुणों के लिए जाना जाता है क्योंकि ये आंखों के लिए काफी अच्छा होता है। यह आपके ब्लड प्रेशर के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। इसमें आयरन, जिंक, मैग्नीशियम सहित कई अन्य खनिज शामिल हैं।

व्रत के दौरान शरीर को रखें मजबूत
सादा नमक को सी -सॉल्ट कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये समुद्री नमक होता है और इसे शुद्ध या रिफाइंड करने के लिए कई तरह की प्रक्रिया के बाद वास्तविक रूप यानी खाने लायक बनाया जाता है। नवरात्रि साल में दो बार ऐसे समय आती है, जब मौसम बदलने वाला होता है। इस दौरान व्रत करने से जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिए शरीर की इम्यूनिटी बनाए रखने में सेंधा नमक से मदद मिलती है।
सेंधा नमक का शुद्धतम रूप माना जाता है। सेंधा नमक को पहाड़ी नमक या रॉक साल्ट कहा जाता है। जिस वजह से इसे पूर्ण रूप से शुद्ध माना जाता है। ये न केवल कम खारा होता है बल्कि आयोडीनयुक्त भी होता है।

सामान्य नमक की तुलना में फायदेमंद
व्रत के दौरान हम काफी देर तक खाली पेट रहते हैं, सामान्य नमक की तुलना में सेंधा नमक हल्का होता है और ये पाचनतंत्र को मजबूत बनाए रखता है। इसके अलावा ये आपके इम्यून सिस्टम को भी मजबूत रखता है। ये आपके द्वारा खाए गए भोजन से आवश्यक पोषक तत्वों और खनिजों को अवशोषित करने में शरीर की सहायता करता है। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को बनाए रखता है जो आपको दिन भर ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।



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