Latest Updates
-
विटामिन K की कमी हो सकती है शरीर के लिए घातक, जानें इसके लक्षण और फूड सोर्स -
Steel Vs Glass Container: स्टील या ग्लास कंटेनर, किसमें खाना स्टोर करना है ज्यादा सुरक्षित? जानें एक्सपर्ट से -
सावन में जन्मे बेटे को दें भगवान शिव से जुड़े ये यूनिक नाम, यहां देखें अर्थ सहित 100+ मॉर्डन नामों की लिस्ट -
Lock Upp 2 Winner: 'लॉक अप 2' की विनर बनीं श्रेया कालरा, जानें रोडीज से ट्रॉफी तक का सफर और कितनी है नेट वर्थ -
Gujarat Chandipura Virus: गुजरात में चांदीपुरा वायरस से 22 बच्चों की मौत, जानें इसके लक्षण और बचाव -
Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जरूर नियम -
कौन थे पद्मश्री डी.वाई. पाटिल? बिहार के पूर्व राज्यपाल और प्रसिद्ध शिक्षाविद का 90 वर्ष की उम्र में निधन -
डायबिटीज होने से पहले शरीर में दिखने लगते हैं Pre-diabetes के ये लक्षण, अधिकतर लोग करते हैं इग्नोर -
Viral Video: ऑटो में बैठी महिला के सामने अश्लील वीडियो देखता रहा Rapido ड्राइवर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल -
डेंगू और वायरल फीवर में क्या है अंतर? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान और बचाव के उपाय
दही-चिवड़ा है देसी और पौष्टिक नाश्ता, प्रेगनेंट महिलाओं को भी खाना चाहिए
जहां आज के मॉर्डन कल्चर में लोग ब्रेकफास्ट में पेनकेक्स और सॉसेज जैसे इंग्लिश ब्रेकफास्ट करना पसंद करते हैं, तो हमारे समाज का एक बड़ा हिस्सा आज भी पारंपरिक दही और चिवड़ा जैसे नाश्ता करना पसंद करता था। दलिया जैसे दिखने वाले इस मिश्रण के ऊपर अक्सर चीनी, नमक या गुड़ डाला जाता है।
देश के कुछ हिस्सों में दही-चिवड़ा या दही-चूरा को इतना पवित्र माना जाता है, कि इसका उपयोग धार्मिक प्रसाद के रूप में भी किया जाता है। आइए जानते है कि कैसे एक कटोरी दही-चिवड़ा नाश्ते में खाना पौष्टिक और संतुलित है।

कैसे खाते है?
बिहार, झारखंड और उतरप्रदेश में कई इलाकों में इस ग्लूटेन फ्री आहार को नाश्ते के रुप में खाना पसंद किया जाता है। बिना पकाएं खाएं जाने वाले इस चपटे चावल को पहले नल के नीचे रखकर अच्छे से धोया जाता है। फिर इसमें दही और चीनी या गुड़ मिलाया जाता है। जो इसे हैवी मील का रुप दे देती है।

धार्मिक मान्यता
बिहार और उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूरा या दही-चिवड़ा को खाना सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। दही-चिवड़ा पहला व्यंजन है जो इस शुभ दिन काले तिल के साथ खाया जाता है।

आसानी से पच जाता है
चिवड़ा यानी चावल का एकदम चपटा भाग खाने में हैवी होता है लेकिन यह आसानी से पच जाता है। जब इसे दही के साथ दिन के पहले आहार के रुप में खाया जाता है, तो यह न केवल आपके लंबे पेट को लम्बे समय तक भरा हुआ रखता है, बल्कि पाचन क्रिया को भी आसान बनाता है, और यह तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है।

फाइबर युक्त
चिवड़ा, गैर-संसाधित चपटे या समतल चावल का रुप होता है जो फाइबर सामग्री में समृद्ध होता है। और ये पाचन प्रक्रिया को सुचारू बनाता है और आंतों को भी स्वस्थ रखता है।

कम कैलोरी युक्त नाश्ता
जो लोग उच्च ऊर्जा और कम कैलोरी से भरपूर नाश्ता करना पसंद करते है, उन लोगों के लिए ये एकदम परफेक्ट हेल्दी ऑप्शन है। विशेषज्ञों के अनुसार, दही-चिवड़ा में अन्य आवश्यक पोषक तत्वों के साथ सिर्फ 300 कैलोरी मौजूद होती है।

आयरन से भरपूर
गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ ये सलाह देते है कि उन्हें दही-चिवड़ा, नाश्ते में करना चाहिए। क्योंकि ये आयरन से भरपूर होता है। इसके अलावा ये गर्भकालीन एनिमिया को दूर करता है।

पेट की समस्या दूर करता है
बिहार और यूपी में, यह व्यंजन अक्सर दस्त लगने जैसी समस्या होने पर दिया जाने वाला पहला भोजन है। ये हल्का और पचाने में आसान होता है, इसके अलावा ये पाचन क्रिया को शांत करता है और आंत को ठंडा करता है।



Click it and Unblock the Notifications