Latest Updates
-
Who Is Divyanka Sirohi: कौन हैं एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही? जिनका 30 साल की उम्र में हार्ट अटैक से हुआ निधन -
Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ यात्रा आज से शुरू, रजिस्ट्रेशन से हेलीकॉप्टर बुकिंग तक जानें सभी जरूरी नियम -
बालों की ग्रोथ के लिए इस तरह करें केले के छिलके का इस्तेमाल, कुछ ही दिनों में घुटनों तक लंबे हो सकते हैं बाल -
दीपिका कक्कड़ की MRI रिपोर्ट में मिले 2 नए सिस्ट, अब होगी इम्यूनोथेरेपी, जानें क्या है ये ट्रीटमेंट -
World Earth Day 2026 Quotes: धरती हमारी, जिम्मेदारी हमारी...पृथ्वी दिवस पर ये संदेश भेजकर फैलाएं जागरूकता -
वादियों में अब सन्नाटा है...Pahalgam हमले की पहली बरसी इन शायरियों और संदेशों से दें शहीदों को श्रद्धांजलि -
Ganga Saptami 2026 Date: 22 या 23 अप्रैल, गंगा सप्तमी कब है? जानें सही तारीख, महत्व और पूजा विधि -
Aaj Ka Rashifal 22 April 2026: बुध का नक्षत्र परिवर्तन इन 5 राशियों के लिए शुभ, जानें आज का भाग्यफल -
गर्मियों में पेट की जलन से हैं परेशान? ये योगसान एसिडिटी से तुरंत दिलाएंगे राहत -
Heatwave Alert: अगले 5 दिनों तक इन शहरों में चलेगी भीषण लू, 44°C तक पहुंचेगा पारा, IMD ने जारी की एडवाइजरी
दही-चिवड़ा है देसी और पौष्टिक नाश्ता, प्रेगनेंट महिलाओं को भी खाना चाहिए
जहां आज के मॉर्डन कल्चर में लोग ब्रेकफास्ट में पेनकेक्स और सॉसेज जैसे इंग्लिश ब्रेकफास्ट करना पसंद करते हैं, तो हमारे समाज का एक बड़ा हिस्सा आज भी पारंपरिक दही और चिवड़ा जैसे नाश्ता करना पसंद करता था। दलिया जैसे दिखने वाले इस मिश्रण के ऊपर अक्सर चीनी, नमक या गुड़ डाला जाता है।
देश के कुछ हिस्सों में दही-चिवड़ा या दही-चूरा को इतना पवित्र माना जाता है, कि इसका उपयोग धार्मिक प्रसाद के रूप में भी किया जाता है। आइए जानते है कि कैसे एक कटोरी दही-चिवड़ा नाश्ते में खाना पौष्टिक और संतुलित है।

कैसे खाते है?
बिहार, झारखंड और उतरप्रदेश में कई इलाकों में इस ग्लूटेन फ्री आहार को नाश्ते के रुप में खाना पसंद किया जाता है। बिना पकाएं खाएं जाने वाले इस चपटे चावल को पहले नल के नीचे रखकर अच्छे से धोया जाता है। फिर इसमें दही और चीनी या गुड़ मिलाया जाता है। जो इसे हैवी मील का रुप दे देती है।

धार्मिक मान्यता
बिहार और उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूरा या दही-चिवड़ा को खाना सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। दही-चिवड़ा पहला व्यंजन है जो इस शुभ दिन काले तिल के साथ खाया जाता है।

आसानी से पच जाता है
चिवड़ा यानी चावल का एकदम चपटा भाग खाने में हैवी होता है लेकिन यह आसानी से पच जाता है। जब इसे दही के साथ दिन के पहले आहार के रुप में खाया जाता है, तो यह न केवल आपके लंबे पेट को लम्बे समय तक भरा हुआ रखता है, बल्कि पाचन क्रिया को भी आसान बनाता है, और यह तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है।

फाइबर युक्त
चिवड़ा, गैर-संसाधित चपटे या समतल चावल का रुप होता है जो फाइबर सामग्री में समृद्ध होता है। और ये पाचन प्रक्रिया को सुचारू बनाता है और आंतों को भी स्वस्थ रखता है।

कम कैलोरी युक्त नाश्ता
जो लोग उच्च ऊर्जा और कम कैलोरी से भरपूर नाश्ता करना पसंद करते है, उन लोगों के लिए ये एकदम परफेक्ट हेल्दी ऑप्शन है। विशेषज्ञों के अनुसार, दही-चिवड़ा में अन्य आवश्यक पोषक तत्वों के साथ सिर्फ 300 कैलोरी मौजूद होती है।

आयरन से भरपूर
गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ ये सलाह देते है कि उन्हें दही-चिवड़ा, नाश्ते में करना चाहिए। क्योंकि ये आयरन से भरपूर होता है। इसके अलावा ये गर्भकालीन एनिमिया को दूर करता है।

पेट की समस्या दूर करता है
बिहार और यूपी में, यह व्यंजन अक्सर दस्त लगने जैसी समस्या होने पर दिया जाने वाला पहला भोजन है। ये हल्का और पचाने में आसान होता है, इसके अलावा ये पाचन क्रिया को शांत करता है और आंत को ठंडा करता है।



Click it and Unblock the Notifications











