Latest Updates
-
गाजर के अर्क से बना नकली देसी घी लैब टेस्ट में पास, जानें ये सेहत के लिए कितना खतरनाक? -
Jodhpur Spicy Snack Mirchi Bada Recipe: घर पर बनाएं जोधपुर का मशहूर चटपटा मिर्ची बड़ा -
मालवीय नगर अग्निकांड में 21 की मौत, क्या सच हुई 2026 को लेकर बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी? -
कौन है ढोंगी इंजीनियर बाबा? जो गंधर्व विवाह की आड़ में लड़कियों संग करता था घिनौना काम -
भारत के पास है कितना सोना? दुनिया के सबसे बड़े Gold Reserve वाले टॉप-10 देशों की लिस्ट में नंबर 1 कौन? -
90% People Cook This Wrong Chole Bhature Recipe: अब घर पर पाएं बाजार जैसा स्वाद -
Khan Sir Family-Net Worth: कौन-कौन है खान सर के परिवार में? जानें कितनी संपत्ति के मालिक हैं आपके चहेते शिक्षक -
आज है विभुवन संकष्टी चतुर्थी; विघ्नहर्ता को प्रसन्न करने के लिए जरूर करें ये अचूक उपाय, दूर होंगे सभी संकट -
4 जून को केरल में दस्तक देगा मानसून, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; जानें उत्तर भारत में कब बरसेंगे बादल -
किन लोगों को भूलकर भी नहीं चलानी चाहिए साइकिल, फायदे की जगह हो सकता है बड़ा नुकसान
हेल्थ बैनिफिट के मामले में किंग हैं ये ब्लैक फूड्स, जानें इसके फायदे
ब्लैक फूड्स एंथोसायनिन नाम के पिगमेंट वाले फूड स्टफ को कहा जाता है। एंथोसायनिन काले, नीले और बैंगनी रंग के खाद्य पदार्थों में पाया जाता हैं। इनमें न्यूट्रियंस प्रचुर मात्रा में होते हैं। इन पिगमेंट में भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाये जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। साथ ही कैंसर, हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने की क्षमता भी रखते हैं। वे इम्यूनिटी में एक बड़ी भूमिका निभाते हैं। वे टेस्टी,हेल्दी, ऑफबीट होते हैं।

काले जैतून
जैतून का तेल तो वैसे भी काफी स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। अब काला जैतून के भी बेनिफिटिस कम नहीं होते हैं। इन्हें आप सलाद, पास्ता, स्टिर फ्राई और अचार के साथ खाते हैं। बता दें कि जैतून में मोनोअनसैचुरेटेड वसा, विटामिन ई, पॉलीफेनोल्स और ओलियोकैंथल पाये जातें हैं - जो जैतून में पाया जाने वाला एक मजबूत Anti-inflammatory और पेन रिलीवर है। साथ ही आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रख सकता है, डीएनए की क्षति को रोकने में कारगर है। स्किन के लिए बेहतरीन और बालों के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है।

काला चावल
नेशनल एग्री-फूड बायोटेक्नॉलॉजी इन्सिट्यूट ने इसके बारें अपनी की हुई रिसर्च पर बताया तो पता चला कि ब्लैक वीट यानि कि काला गेंहूं का करल एथोसाइनिन की वजह से ब्लैक होता है। एंथोसायनिन कैरेक्टर वो होता है जो फ्रूट्स और वेजिटेबल में के कलर क्रिएट करता है। ब्लैक वीट की सबसे बड़ी खासियत है, ये है कि नॉर्मल गेंहूं में एंथोसायनिन की 5ppm कन्सट्रैशन की जगह पर काले गेहूं में लगभग 100-200ppm एंथोसायनिन पाया जाता है जो साइटिंफिक रूप से एक हेल्दी ऑप्शन बनता है। एंथोसायनिन के अलावा, नॉर्मल और काले गेहूं में फूड वैल्यू में भी अंतर होता है। दोनों में जिंक और आयरन के भी अलग-अलग लेवल होते हैं। रिसर्च के मुबातिक, काले गेहूं में सामान्य गेहूं की तुलना में लगभग 60 फीसदी ज्यादा आयरन होता है लेकिन प्रोटीन, न्यूट्रिशियन और स्टार्च का लेवल ज्यादा नहीं होता है।

काली दाल
इंडियन हाउसहोल्ड में काली दाल का सदियों से इस्तेमाल होता आ रहा है। काली दाल में आपको फाइबर, आयरन, फोलेट और प्रोटीन से भरपूर मात्रा में मिलेगे हैं। इसके साथ ही ये काली दाल काफी स्वादिष्ट भी होती हैं।

ब्लैकबेरी
ब्लैकबेरी हार्ट को हेल्दी करने के लिए जाने जाते हैं क्योंकि वे सूजन को कम करते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मासिक धर्म प्रवाह या मासिक धर्म की अनियमितता से निपटने वाली महिलाओं के लिए ब्लैकबेरी अच्छा है। ब्लैकबेरी भी उन खाद्य पदार्थों में से एक है जो एंटीऑक्सिडेंट में हाई होते हैं और आप उन्हें अपनी स्मूदी, डेसर्ट, सलाद या पैनकेक में यूज कर सकते हैं।

छगा ( Chaga)
चागा मशरूम पूरे नॉर्थन हैंपशायर में बर्च के पेड़ों पर उगते हैं। ये ब्लेक, अंदर से नारंगी कलर का होता है। ये मशरूम विटामिन, मिनरल और न्यूट्रिशन से भरपूर होता है। इनमें बी कॉम्पलेक्स,विटामिन डी, पोटैशियम, अमीनो अम्ल, तांबा, सेलेनियम, जस्ता,लोहा, मैंगनीज, मैगनीशियम पाया जाता है। ये एंटीऑक्सिडेंट में हाई है। एंटीऑक्सिडेंट की उच्च मात्रा कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप को कम करने में मदद करती है। कैंसर के विकास को रोकती है। सूजन से लड़ती हैं और रक्त शर्करा को कम करने में मदद करते हैं।

चिया सीड
चिया सीड पुदीना परिवार में एक फूल वाला पौधा, जो मिडिल और साउथ अमेरिका का मूल निवासी है। वे दुनिया के स्वास्थ्यप्रद खाद्य पदार्थों में से एक के रूप में जाने जाते हैं। चिया के बीज छोटे अंडाकार आकार के बीज जैसे काले-भूरे रंग और धब्बों के साथ दिखते हैं। भिगोने पर, वे अपने वजन का 12 गुना अवशोषित कर सकते हैं। यह पानी सोखने वाला गुण चिया को तरल रूप में बलगम और जेल जैसी बनावट देता है। चिया में पोषक तत्वों में बी विटामिन, थियामिन, नियासिन, राइबोफ्लेविन और फोलेट का उच्च स्रोत शामिल है। इसमें खनिज कैल्शियम, लोहा, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फास्फोरस और जस्ता है।

काले अंगूर
टेस्ट में मीठे, काले अंगूरों में ल्यूटिन और ज़ेक्सैन्थिन जैसे यौगिक पाये जाते हैं जो रेटिना की क्षति और धब्बेदार रोकता है। अंगूर में मौजूद रेस्वेराट्रोल कैंसर रोधी गुणों के लिए जाना जाता है। एलडीएल के स्तर को भी कम करके हृदय स्वास्थ्य पर एक बड़ा सुरक्षात्मक प्रभाव डालता है। इस फल में मौजूद प्रोएंथोसायनिडिन त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। सलाद, स्मूदी, जैम और यहां तक कि अच्छे पुराने दही चावल में काले अंगूरों के साथ अच्छा हो सकता है।
हमेशा ये सुनिश्चित करें कि आप संतुलित आहार खाएं। nutritionist की मदद से उन्हें अपने दैनिक भोजन योजना में शामिल करें।



Click it and Unblock the Notifications