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वॉटर वेट और फैट वेट में क्या अंतर है, आइए जानिए यहां
वेटलॉस की राह आसान नहीं है। बैलेंस्ड डाइट और स्ट्रिक्ट वर्कआउट से अपना बढ़ा हुआ वजन कम कर सकते हैं, पर वास्तव में जब आप वजन घटाने की कोशिश करते हैं, तो कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। शुरूआत में वेटलॉस में बहुत दिक्कतें आती हैं, लेकिन कुछ समय बाद वजन घटना बंद या स्थिर हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वेटलॉस की शुरुआत में आप शरीर में पानी का वजन मतलब वॉटर वेट कम करते हैं, फैट नहीं। लेकिन अब आप सोच रहे होंगे कि वॉटर वेट और फैट वेट क्या होता है और दोनों में क्या अंतर है और इसके बारे में कैसे मालूम किया जा सकता है।

जानिए वॉटर और फैट दोनों में अंतर
वॉटर वेट और फैट वेट दोनों में बहुत असमानताए और फर्क हैं। इन दोनों के बीच फर्क को पहचानना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है। शरीर में जब पानी जमा होनेलगे, तो जाहिर सी बात है कि एक व्यक्ति का वजन बढऩे लगता है, जिसे पानी का वजन यानी वॉटर वेट कहते हैं। जबकि फैट वेट का मतलब बढ़ी हुई चर्बी से है। फैट हमारे शरीर का सबसे खराब हिस्सा है, जिसे कम करना भी बहुत जरूरी है।

वॉटर वेट बढ़ने का मुख्य वजह
यदि आप लगातार एक तरह का रुटीन फॉलो कर रहे हैं और आपको वजन में उतार-चढ़ाव नजर आ रहा है, तो वॉटर वेट इसके लिए जिम्मेदार है। बता दें कि आपके शरीर में पानी के वजन की मात्रा कई अलग-अलग चीजों पर निर्भर करती है। जैसे आपके हार्मोन से लेकर आप कितना पानी पीते हैं उस पर।

वॉटर वेट या फैट
हम में से कई लोगों ने वॉटर वेट शब्द पहले सुना भी होगा और नहीं भी। जब आप वेट चैक करने वाली मशीन पर वजन देखते है,आपको जानकर हैरानी होगी कि आपके शरीर में सबसे ज्यादा वजन पानी से है, जो आपकी हड्डियों के अलावा आपके शरीर की सबसे भारी चीज है। जब आप कैलोरी बर्न करने के लिए वर्कआउट करते हैं, तो आपका शरीर ऊर्जा के लिए ग्लाइकोजन में बदल जाता है। ग्लाइकोजन साधारण शर्करा ग्लूकोज का एक स्टोरेज होता है और यह आपके लीवर और मांसपेशियों में तब तक जमा रहता है जब तक कि आपका शरीर इसका उपयोग करने के लिए तैयार नहीं हो जाता।
लेकिन ग्लाइकोजन पानी पर टिका रहता है। यह पानी में अपने वजन का तीन गुना धारण करता है। आपकी मांसपेशियों में एक ग्राम ग्लाइकोजन में 3 ग्राम पानी होता है।
जब एक्सरसाइज और कैलोरी की खपत कम करते है तो ग्लाइकोजन शरीर में इस्तेमाल होने लगता है, जिस वजह से आप पानी का वजन भी कम करते हैं।
लेकिन जैसे ही ग्लाइकोजन की भरपाई करते हैं, तो अपने आप वेटवॉटर फिर से भर जाता है।

कैसे मालूम करें
जब भी आप अपन वजन तौले और इसकी तुलना अपने कल के वजन से करें। कल से आपका वजन 450 ग्राम से अधिक बढ़ गया है वह वास्तव में पानी का वजन है। जैसा कि ऊपर बताया गया है, शरीर में तरल पदार्थों के उतार-चढ़ाव के कारण एक दिन में किसी का वजन 500 ग्राम से 1 किलोग्राम तक बढ़़ सकता है।यदि आप देखते हैं कि आपका वजन डेढ़ किलो बढ़ गया है, तो निश्चित रूप से आपके शरीर में ज्यादा पानी है। क्योंकि एक दिन में इतना वजन बढ़ना मुमकिन नहीं है।



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