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फैट लॉस से जुड़े मिथ्स और उनकी सच्चाई
वेट लॉस करना आज के समय में लोगों के लिए एक बहुत बड़ा टास्क बन चुका है। जल्दी और बेहतर रिजल्ट पाने के लिए हम तरह-तरह की डाइट या वेट लॉस ड्रिंक का सेवन करते हैं। अपने मोटापे को कम करने के लिए हम इंटरनेट पर सर्च करते रहते हैं और हर बात पर बिना सोचे -समझे विश्वास कर लेते हैं। कुछ लोग तो केवल गोलियों के दम पर ही अपना फैट लॉस करना चाहते हैं। कभी-कभी किसी की वेट लॉस जर्नी को हूबहू फॉलो करने लग जाते हैं। लेकिन हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। ऐसे में जरूरी नहीं है कि आपको भी उससे फायदा हो। किसी भी बात को बिना सोचे-समझे सच मानना नुकसानदायक हो सकता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको फैट लॉस से जुड़े कुछ ऐसे मिथ्स और उनकी सच्चाई के बारे में हम आपको बता रहे हैं-

मिथ 1- सिर्फ कैलोरी डेफिशिएंट डाइट से फैट लॉस होता है
सच्चाई- वेट लॉस के लिए अपने कैलोरी काउंट पर नजर रखना बेहद जरूरी होता है। लेकिन सिर्फ कैलोरी डेफिशिएंट डाइट लेने से फैट लॉस नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, वर्कआउट और नींद भी महत्वपूर्ण कारक हैं। एक्सरसाइज आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने में मदद करता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। नींद इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि जब हम सोते हैं तो मानव शरीर हार्मोनल बदलावों से गुजरता है, और यह हमारे शरीर को बहुत आवश्यक आराम भी प्रदान करता है।
मिथ 2- डिटॉक्स डाइट फैट लॉस करता है।
सच्चाई- यह भी एक फैट लॉस मिथ है। हो सकता है कि एक से तीन दिन या एक सप्ताह भी डिटॉक्स करने से एक से दो किलोग्राम वजन कम हो। लेकिन यह केवल कुछ वक्त के लिए ही होता है। जैसे ही आप अपनी ठोस डाइट पर वापिस लौटते हैं तो इससे फिर से वजन बढ़ना फिर से शुरू हो जाता है। एक दिन का डिटॉक्स करने से शरीर में वाटर वेट कम होता है और आपके शरीर के अंगों को आवश्यक आराम मिल सकता है। हालांकि, इससे शरीर की चर्बी कम नहीं होगी, जो कि हम खोज रहे हैं।
मिथ 3- सप्लीमेंट वजन घटाने में मदद करते हैं
लोगों का मानना है कि पाउडर के रूप में सप्लीमेंट्स, शेक और लिक्विड फिलर्स वजन कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं। यह पूरी तरह से एक मिथक है। सप्लीमेंट आपकी एनर्जी को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। लेकिन वजन घटाने के लिए आप केवल इन्हीं पर निर्भर नहीं रह सकते हैं। कई बार इन सप्लीमेंट्स में कुछ हानिकारक केमिकल्स को भी मिलाया जाता है, जो लंबे समय में आपके शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
मिथ 4- वजन कम करने के लिए कार्बोहाइड्रेट कम करें
सच्चाई- अमूमन लोग कार्ब्स को सेहत के लिए अच्छा नहीं मानते हैं और इसे अक्सर वजन बढ़ने से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन यह एक आम मिथ है, जिसे हम अक्सर सुनते हैं। कार्ब्स आपकी बॉडी के लिए एक एनर्जी के रूप में काम करते हैं और यह आवश्यक मैक्रोन्यूट्रिएंट्स में से एक हैं। लेकिन आपको कार्ब्स को समझदारी से चुनना चाएिह। मसलन, खराब कार्ब्स को प्रोसेस्ड और रिफाइंड किया जाता है जैसे सफेद ब्रेड, रिफाइंड ग्रेन, केक, बिस्कुट आदि। वहीं दूसरी ओर, ब्राउन राइस, होलवीट ब्रेड, फलियां, बीन्स और होल व्हीट पास्ता अच्छे कार्ब्स के उदाहरण हैं।
मिथ 5- सभी फैट्स खराब होते हैं
सच्चाई- कार्ब्स की तरह, फैट को भी अनहेल्दी माना जाता है। अमूमन इसे वजन बढ़ाने के लिए मुख्य दोषी माना जाता है। हालांकि, कार्ब्स की तरह, फैट को भी अच्छे फैट और बुरे फैट के रूप में जोड़ा जा सकता है। ओवर ऑल हेल्थ और वेट लॉस के लिए गुड फैट्स आवश्यक हैं। ये हमारे नर्व्स सिस्टम के साथ-साथ स्किन हेल्थ और सेल्स वॉल्स को बिल्ड अप करने में मदद करते हैं। एवोकाडो, अखरोट, घर का बना घी, नारियल तेल की गिनती गुड फैट्स में होती है। मॉडरेशन में खाया गया गुड फैट वास्तव में फैट लॉस में मददगार होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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