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घावों को भरने से लेकर ब्रेस्टमिल्क बढ़ाने का काम करती है इमली की पत्तियां, जानें घरेलू नुस्खे
इमली का नाम सुनते ही मुंह में पानी आने लगता हैं। सदियों से भारतीय रसोई में व्यंजनों में खट्टापन बढ़ाने के लिए ज्यादात्तर इमली का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इमली सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं अपितु औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इसके अलावा इमली ही नहीं इसकी पत्तियां भी एंटीसेप्टिक गुण से युक्त होती है।
आज हम इमली के पत्ते के औषधीय गुणों के बारे में बताने जा रहे हैं जो संक्रमण, सूजन और घाव पर तेजी से असर करने में कारगर है। ऐसे कई घरेलू नुस्खे हैं जिसमें इमली की पत्तियों के सेवन से तुरंत इलाज पाया जाता है।

घावों को सही करे
इमली की पत्तियों का रस निकाल कर घावों पर लगाया जाता है, तो वे घाव को तेजी से ठीक करते हैं। इसके पत्तों का रस किसी भी अन्य संक्रमण और परजीवी विकास को रोकता है। इसके अलावा यह नई कोशिकाओं का निर्माण भी तेजी से करता है।

ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाए
ऐसा कहा जाता है कि इमली की पत्तियों का रस निकाल कर अगर स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पिलाया जाये तो उनके दूध की गुणवत्ता में सुधार होता है।

जननांग संक्रमण
इमली की पत्तियों के रस का सेवन जननांग संक्रमण रोकता है और पहले से होने वाली ऐसी बिमारी के लक्षणों से राहत प्रदान करता है।
इमली की पत्तियों में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है जो कि किसी भी सूक्ष्मजीव संक्रमण से हमारे शरीर की पूर्णत: दूर रखता है। जिससे शरीर स्वस्थ रहता है।

डायबिटीज को करें नियंत्रित
इमली की पत्तियों का सेवन करने से शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इससे डायबिटीज जैसी बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

स्कर्वी को दूर रखें
स्कर्वी विटामिन सी की कमी के कारण होता है। आमतौर पर स्कर्वी मसूड़ों और नाखूनों, थकान आदि जैसे लक्षणों के साथ होता है। इमली के पत्तों में उच्च एस्कॉर्बिक एसिड सामग्री होती है, जो एंटी-स्कर्वी विटामिन के रूप में कार्य करती है।

सूजन और जोड़ों से राहत
इमली की पत्तियों के रस के सेवन से शरीर की सूजन और जोड़ो के दर्द में राहत मिलती है और किसी भी प्रकार की शारीरिक सूजन को इसके इस्तेमाल से कम किया जा सकता है। पत्तियों की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए पपीता,नमक और पानी को पत्तियों में मिलाया जा सकता है। लेकिन, सुनश्चिति करें कि आप बहुत अधिक नमक का उपयोग ना करें। इमली के पत्तों का रस शरीर में होने वाली एलजी को भी रोकता है।



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