Navratri Fasting: नवरात्री में मिलावटी कट्टू का आटा खाने से बचें, जानें कैसे करें असली और नकली में फर्क

शारदीय नवरात्री में कई लोग उपवास के दौरान खूब कुट्टू के आटे का सेवन करते हैं। इस दौरान खूब डिमांड की वजह से मुनाफाखोर बाजार में नकली कट्टू के आटे को असली बताकर बेचना शुरु हो जाते हैं। नकली कट्टू के आटे को खाने से सेहत पर नकरात्‍मक असर पड़ता है।

फेस्टिव सीजन में कौन सा सामान शुद्ध है और कौन सा मिलावटी है, इसकी पहचान करना बेहद मुश्किल है। मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से अल्सर, पाइल्स, कैंसर और लीवर से जुड़ी कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिससे आप नवरात्री में आसानी से कट्टू के आटे की मिलावट की पहचान कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं इस आसान से टिप्स के बारे में-

रंग से पहचानें

रंग से पहचानें

कुट्टू के असली आटे की पहचान उसके रंग से की जा सकती है। कुट्टू के आटे का रंग गहरा भूरा होता है। अगर कुट्टू के आटे में किसी प्रकार की मिलावट है या वो खराब हो गया है तो सबसे पहला उसका रंग बदल जाता है। इस स्थिति में कुट्टू के आटे का रंग ग्रे या हल्‍का हरा हो सकता है। इसके अलावा खराब या मिलावटी कुट्टू का आटा गूंथते वक्‍त बिखर जाता है।

ज्‍यादा दिन तक स्‍टोर न करें

ज्‍यादा दिन तक स्‍टोर न करें

कुट्टू एक प्रकार का अनाज है या एक प्रकार का चावल भी कह सकते हैं, जो ठंडे इलाकों में पाया जाता है। कुट्टू का मेडिकल नाम फैगोपाएरम एफक्‍यूलैंटम है। इसे अंग्रेजी में बकव्‍हीट कहते हैं। कुट्टू का आटा नवरात्र के व्रत में खाया जाता है। यह बहुत पोष्टिक माना जाता है लेकिन इसे ज्‍यादा दिन तक रखने से इसमें फंगस की समस्‍या भी आ सकती हैं। इसल‍िए इसे ज्‍यादा दिन स्‍टोर करने से बचें।

सामने आ चुका है मामला

सामने आ चुका है मामला

दिल्‍ली में अप्रैल 2021 में चैत्र नवरात्री के दौरान कुट्टू का आटा खाने से 500 लोगों के बीमार होने का मामला सामने आया था। जिसमें मिलावटी कुट्टू का आटा खाने से 500 लोगों को पेट में दर्द, दस्‍त और उल्‍टी जैसे लक्षण महसूस होने पर मरीजों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था।

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